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20 तस्वीरों में रिचर्ड ब्रैन्सन की कहानी:स्कूल छोड़कर मां के दिए 100 पाउंड से शुरू किया था बिजनेस, शादी में हेलिकॉप्टर से लटककर पहुंचे और रिसॉर्ट के टावर से लगा दी छलांग

5 महीने पहले
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  • 60 मिनट की अंतरिक्ष यात्रा से लौटे ब्रैन्सन
  • सैलानियों के लिए खोली दी अंतरिक्ष की राह

आखिर रिचर्ड ब्रैन्सन ने कर दिखाया। सिर्फ 16 साल की उम्र में स्कूल की पढ़ाई छोड़कर अपना पहला बिजनेस शुरू करने वाले वर्जिन ग्रुप के फाउंडर रिचर्ड ब्रैन्सन ने 71 साल की उम्र में अंतरिक्ष में 86 किलोमीटर की ऊंचाई छू ली। वो भी आवाज की रफ्तार से तीन गुना तेज।

ऐसा जोखिम भरा काम करने वाले वो दुनिया के पहले अरबपति हैं। न्यू मैक्सिको के रेगिस्तानी इलाके में बने रनवे से उड़ान भरने से पहले उन्होंने लिखा, "मेरा मिशन स्टेटमेंट है- अपने नाती-पोतों, आपके नाती-पोतों और सभी के लिए अंतरिक्ष यात्रा के सपने को सच बनाना।" इसके करीब 60 मिनट के भीतर उन्होंने इसे सच कर दिया।

ब्रैन्सन ने ऐसा जोखिम पहली बार नहीं उठाया। स्कूल छोड़कर बिजनेस शुरू करना हो, गर्म हवा के गुब्बारे से पहली बार अटलांटिक महासागर पार करना हो या अपनी शादी में हेलिकॉप्टर से लटककर पहुंचना। ब्रैन्सन ने अपनी पूरी जिंदगी में खतरों से भरे ऐसे कई फैसले लिए और तकरीबन हर बार कामयाब रहे।

तो आइए 20 तस्वीरों में देखते हैं 5.9 बिलियन डॉलर यानी 43,948 करोड़ रुपए की नेटवर्थ वाले रिचर्ड ब्रैन्सन की आज की कामयाबी से लेकर उनकी जिंदगी का जोखिम भरा सफर...

अंतरिक्ष में जाने से पहले साइकिल से लॉन्च स्टेशन के रनवे तक पहुंचे रिचर्ड ब्रैन्सन अपने साथी एस्ट्रोनॉट्स से बेहद गर्मजोशी से गले मिले।
अंतरिक्ष में जाने से पहले साइकिल से लॉन्च स्टेशन के रनवे तक पहुंचे रिचर्ड ब्रैन्सन अपने साथी एस्ट्रोनॉट्स से बेहद गर्मजोशी से गले मिले।
एक घंटे की देरी के बाद न्यू मैक्सिको में रनवे पर वर्जिन गैलेक्टिक यूनिटी 22 मिशन की मदरशिप के साथ उड़ान भरता रिचर्ड ब्रैन्सन का स्पेसशिप।
एक घंटे की देरी के बाद न्यू मैक्सिको में रनवे पर वर्जिन गैलेक्टिक यूनिटी 22 मिशन की मदरशिप के साथ उड़ान भरता रिचर्ड ब्रैन्सन का स्पेसशिप।
मदरशिप से अलग होकर जेट इंजन के सहारे आवाज से तीन गुना तेज रफ्तार पर अंतरिक्ष की ओर जाता स्पेसशिप। इसमें ब्रैन्सन समेत 6 एस्ट्रोनॉट्स सवार थे।
मदरशिप से अलग होकर जेट इंजन के सहारे आवाज से तीन गुना तेज रफ्तार पर अंतरिक्ष की ओर जाता स्पेसशिप। इसमें ब्रैन्सन समेत 6 एस्ट्रोनॉट्स सवार थे।
धरती से करीब 80 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष के करीब पहुंचने से कुछ पहले स्पेसशिप के केबिन की खिड़की से नीली पृथ्वी को देखते रिचर्ड ब्रैन्सन।
धरती से करीब 80 किलोमीटर दूर अंतरिक्ष के करीब पहुंचने से कुछ पहले स्पेसशिप के केबिन की खिड़की से नीली पृथ्वी को देखते रिचर्ड ब्रैन्सन।
पृथ्वी से 86 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने साथी एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य गुरुत्वाकर्षण में भारहीनता का मजा लेते रिचर्ड ब्रैन्सन। इस दौरान खिड़की से तेज धूप आ रही थी।
पृथ्वी से 86 किलोमीटर की ऊंचाई पर अपने साथी एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य गुरुत्वाकर्षण में भारहीनता का मजा लेते रिचर्ड ब्रैन्सन। इस दौरान खिड़की से तेज धूप आ रही थी।
60 मिनट के भीतर सैलानियों की सैर के लिए सुरक्षित अंतरिक्ष का रास्ता खोलकर धरती पर लौटे रिचर्ड ब्रैन्सन। लैंडिंग के बाद रनवे पर दौड़ लगाता स्पेसशिप।
60 मिनट के भीतर सैलानियों की सैर के लिए सुरक्षित अंतरिक्ष का रास्ता खोलकर धरती पर लौटे रिचर्ड ब्रैन्सन। लैंडिंग के बाद रनवे पर दौड़ लगाता स्पेसशिप।
वर्जिन गैलेक्टिक यूनिटी 22 मिशन के लिए स्पेशसिप-टू को हैंगर से खींचकर मदरशिप तक ले जाती रेंज रोवर कार। रेंज रोवर ने यह मौका देने के लिए वर्जिन को धन्यवाद कहा।
वर्जिन गैलेक्टिक यूनिटी 22 मिशन के लिए स्पेशसिप-टू को हैंगर से खींचकर मदरशिप तक ले जाती रेंज रोवर कार। रेंज रोवर ने यह मौका देने के लिए वर्जिन को धन्यवाद कहा।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन में 16 कैमरे हैं। इन्हीं कैमरों से मिशन के दौरान एचडी वीडियो भेजी गई। सैलानियों को भी ऐसी तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन में 16 कैमरे हैं। इन्हीं कैमरों से मिशन के दौरान एचडी वीडियो भेजी गई। सैलानियों को भी ऐसी तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन की सभी 6 सीटों में पीछे की ओर झुकने वाली (रिक्लाइनिंग) हैं ताकि यात्री बूस्ट और रिएंट्री के दौरान पड़ने वाले गुरुत्वाकर्षण को झेल सकें।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन की सभी 6 सीटों में पीछे की ओर झुकने वाली (रिक्लाइनिंग) हैं ताकि यात्री बूस्ट और रिएंट्री के दौरान पड़ने वाले गुरुत्वाकर्षण को झेल सकें।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन में 12 खिड़कियां हैं। इनके जरिए ही अंतरिक्ष सैलानी उड़ान भरने के नजारों के साथ अंतरिक्ष से काले बैकग्राउंड में नीली धरती देख सकेंगे।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के केबिन में 12 खिड़कियां हैं। इनके जरिए ही अंतरिक्ष सैलानी उड़ान भरने के नजारों के साथ अंतरिक्ष से काले बैकग्राउंड में नीली धरती देख सकेंगे।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के कैबिन में एक बड़ा गोल शीशा भी लगा है। जीरो ग्रेविटी के दौरान इसी शीशे में यात्री खुद को कैबिन में तैरते हुए देख सकेंगे।
वर्जिन स्पेसशिप यूनिटी के कैबिन में एक बड़ा गोल शीशा भी लगा है। जीरो ग्रेविटी के दौरान इसी शीशे में यात्री खुद को कैबिन में तैरते हुए देख सकेंगे।
13 दिसंबर 2018 को वर्जिन गैलेक्टिक की पहली उड़ान के दौरान अंतरिक्ष के सिरे तक पहुंचा था। इस दौरान स्पेसशिप से धरती की गोलाई नजर आने लगी थी।
13 दिसंबर 2018 को वर्जिन गैलेक्टिक की पहली उड़ान के दौरान अंतरिक्ष के सिरे तक पहुंचा था। इस दौरान स्पेसशिप से धरती की गोलाई नजर आने लगी थी।

हॉट एयर बैलून से अटलांटिक महासागर पार किया, कोस्ट गार्ड ने बचाई जिंदगी

1987 में 36 साल के ब्रैन्सन ने जाने-माने बैलून डिजाइनर लिंडस्ट्रैंड के साथ हॉटएयर बैलून से अटलांटिक महासागर पार किया। तस्वीर में दोनों वर्जिन बैलून के केबिन में नजर आ रहे हैं।
1987 में 36 साल के ब्रैन्सन ने जाने-माने बैलून डिजाइनर लिंडस्ट्रैंड के साथ हॉटएयर बैलून से अटलांटिक महासागर पार किया। तस्वीर में दोनों वर्जिन बैलून के केबिन में नजर आ रहे हैं।
अटलांटिक पार करने के बाद ब्रैन्सन का बैलून स्कॉटलैंड में तय जगह पर जमीन छूने के बाद तेज हवा के साथ दोबारा उड़ने लगा। कुछ देर बाद ही वह पास ही समुद्र में जा गिरा। तब ब्रैन्सन को ब्रिटिश कोस्टगार्ड के हेलिकॉप्टर से बचाया गया था।
अटलांटिक पार करने के बाद ब्रैन्सन का बैलून स्कॉटलैंड में तय जगह पर जमीन छूने के बाद तेज हवा के साथ दोबारा उड़ने लगा। कुछ देर बाद ही वह पास ही समुद्र में जा गिरा। तब ब्रैन्सन को ब्रिटिश कोस्टगार्ड के हेलिकॉप्टर से बचाया गया था।
ब्रैन्सन ने 1986 में पहली बार अकेले हॉटएयर बैलून से उड़ान भरी। वो बैलून का कंट्रोल खो बैठे और कुछ ही देर में जमीन पर आ टकराए। इस हादसे में उन्हें कई चोटें आईं।
ब्रैन्सन ने 1986 में पहली बार अकेले हॉटएयर बैलून से उड़ान भरी। वो बैलून का कंट्रोल खो बैठे और कुछ ही देर में जमीन पर आ टकराए। इस हादसे में उन्हें कई चोटें आईं।

टावर से लगाई छलांग, पर बाल-बाल बची जान, हाथ-पैर छिल गए और कपड़े फट गए

रिचर्ड ब्रैन्सन ने 10 अक्टूबर 2007 को लास वेगास में द पाम्स कैसीनो रिसॉर्ट में द पाम्स फैंटेसी टावर से छलांग लगा दी थी। इस दौरान वो कई बार बिल्डिंग से टकराए। उनके हाथ-पैर से खून बहने लगा और कपड़े फट गए। उनकी किस्मत अच्छी थी कि उनके सिर पर चोट नहीं आई।
रिचर्ड ब्रैन्सन ने 10 अक्टूबर 2007 को लास वेगास में द पाम्स कैसीनो रिसॉर्ट में द पाम्स फैंटेसी टावर से छलांग लगा दी थी। इस दौरान वो कई बार बिल्डिंग से टकराए। उनके हाथ-पैर से खून बहने लगा और कपड़े फट गए। उनकी किस्मत अच्छी थी कि उनके सिर पर चोट नहीं आई।
1989 में रिचर्ड ब्रैन्सन अपनी शादी में हेलिकॉप्टर से लटकते हुए पहुंचे। सफेद सूट पहने ब्रैन्सन ने गलती से पूल के उथले छोर पर छलांग लगा दी। उनके पैरों में गहरी चोट लगी और पूरी शादी में उन्हें लंगड़ाकर चलना पड़ा।
1989 में रिचर्ड ब्रैन्सन अपनी शादी में हेलिकॉप्टर से लटकते हुए पहुंचे। सफेद सूट पहने ब्रैन्सन ने गलती से पूल के उथले छोर पर छलांग लगा दी। उनके पैरों में गहरी चोट लगी और पूरी शादी में उन्हें लंगड़ाकर चलना पड़ा।

16 साल की उम्र में स्कूल छोड़कर यूथ मैगजीन शुरू की, मां ने दिए थे 100 पाउंड

रिचर्ड ब्रैन्सन ने 16 साल की उम्र में अपना पहला बिजनेस शुरू करने के लिए स्कूल छोड़ दिया। 1968 में उन्होंने युवाओं के लिए स्टूडेंट्स मैगजीन शुरू की।
रिचर्ड ब्रैन्सन ने 16 साल की उम्र में अपना पहला बिजनेस शुरू करने के लिए स्कूल छोड़ दिया। 1968 में उन्होंने युवाओं के लिए स्टूडेंट्स मैगजीन शुरू की।

रिचर्ड ब्रैन्सन का कहना है कि स्टूडेंट्स मैगजीन ने उस समय के युवाओं को आवाज दी और उस समय की युवा संस्कृति की धारणाओं को चुनौती दी। इस मैगजीन में पॉप कल्चर और म्यूजिक से लेकर वियतनाम युद्ध जैसे मामले पब्लिश किए जाते थे।

मैगजीन में अपने पहले ही एडिटोरियल में ब्रैन्सन ने उस समय की एजुकेशन पॉलिसी पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके एडिटोरियल की हेडलाइन थी-Are young people being educated not to think? यानी "क्या युवाओं को न सोचने के लिए पढ़ाया जा रहा है"।

मां को पड़ा मिला था नेकलेस, जब कोई दावेदार नहीं मिला तो बेचकर ब्रैन्सन को दिए 100 पाउंड
ब्रैन्सन का कहना है जब उन्होंने मैगजीन शुरू की तो उनके पास पैसा नहीं था, लेकिन उन्हीं दिनों ब्रैन्सन की मां को घर के पास मैदान में एक नेकलेस पड़ा मिला, उन्होंने वह पुलिस को दे दिया। जब किसी ने उस पर अपना दावा नहीं किया तो पुलिस ने कुछ महीनों बाद वह नेकलेस उनकी मां को वापस सौंप दिया।

मां ने वह नेकलेस 100 पाउंड में बेचकर यह रकम ब्रैन्सन को दे दी। आज के हिसाब से यह करीब 2000 डॉलर यानी करीब डेढ़ लाख रुपए हुए। दोनों पार्टनर ने इस रकम का इस्तेमाल बिजली का बिल और पोस्टेज बिल अदा करने में लगाया।

रिचर्ड ब्रैन्सन ने 1970 में वर्जिन रेकॉर्ड्स नाम से पहली कंपनी खोली। यह मेल-ऑर्डर बिजनेस था। यानी चिट्ठी से खरीदारी का ऑर्डर लेकर फोनोग्राफ म्यूजिक रेकॉर्ड बेचने का काम।
रिचर्ड ब्रैन्सन ने 1970 में वर्जिन रेकॉर्ड्स नाम से पहली कंपनी खोली। यह मेल-ऑर्डर बिजनेस था। यानी चिट्ठी से खरीदारी का ऑर्डर लेकर फोनोग्राफ म्यूजिक रेकॉर्ड बेचने का काम।

एयरलाइन को बचाने के लिए जब वर्जिन रेकॉर्ड बेचने पड़े तो रोते हुए भागे थे ब्रैन्सन
तब पाउला अब्दुल, जेनेट जैक्सन, डेवो, टेंजेरीन ज्रीन, जेनेसिस, फिल कॉलिन्स, सिंपल माइंड्स जैसे कलाकारों के साथ वर्जिन रेकॉर्ड्स दुनिया भर में बेहद कामयाब म्यूजिक कंपनी बन गई।
1992 में अपनी एयरलाइन कंपनी को बचाने के लिए ब्रैन्सन ने वर्जिन रेकॉर्ड्स को EMI रेकॉर्ड्स को एक अरब डॉलर में बेच दिया। बाद में यूनिवर्सल म्यूजिक ग्रुप (UMG) ने EMI को टेकओवर कर लिया। जब इस सौदे की औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो ब्रैन्सन लंदन की लैडब्रोक ग्रोव नाम की सड़क पर रोते हुए भागने लगे थे। वो रेकॉर्ड के कारोबार से अलग होने से परेशान थे।

1982 में लंदन के मेडा वेल में अपनी हाउस बोट पर बैठे रिचर्ड ब्रैन्सन। 2014 में वो वर्जिन वॉयेज नाम की कंपनी बनाकर क्रूज कारोबार में उतर गए।
1982 में लंदन के मेडा वेल में अपनी हाउस बोट पर बैठे रिचर्ड ब्रैन्सन। 2014 में वो वर्जिन वॉयेज नाम की कंपनी बनाकर क्रूज कारोबार में उतर गए।
  • रिचर्ड बैन्सन ने 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी के लापता होने के बाद वर्जिन गैलेक्टिक में प्रस्तावित एक अरब डॉलर (7400 करोड़ रुपए) के निवेश पर सऊदी अरब से बातचीत टाल दी थी।
  • ब्रैन्सन का कहना है कि ना नहीं कह पाना उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है।