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कितना सुरक्षित आपका ऑनलाइन डेटा:PM का ट्विटर अकाउंट हैक हुआ; तो आम आदमी कितना असुरक्षित? साइबर एक्सपर्ट्स से जानिए

एक महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

11 और 12 दिसंबर की दरमियानी रात और 2 बज कर 11 मिनट का वक्त। PM नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट होता है, जिसमें ऐलान किया जाता है कि ‘भारत ने बिटकॉइन को लीगल करेंसी के तौर पर स्वीकार लिया है।’ इसे पढ़कर लोग चौंक जाते हैं। करीब एक घंटे बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट आता है कि ‘PM मोदी का ट्विटर अकाउंट कॉम्प्रोमाइज (हैक) हुआ था, हमने इस मामले के बारे में ट्विटर को बताया है, इस दौरान किए गए ट्वीट्स को नजरंदाज करें।’

भारत में साइबर सिक्योरिटी पर काम करने वाली सरकारी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम (Cert-In) इस हैकिंग मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Cert-In सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर और गूगल सख्त सवाल करेगी, लेकिन क्या ये चूक सिर्फ ट्विटर की हो सकती है?

साइबर सुरक्षा पर काम करने वाले एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारी आशंका है कि PM की सोशल मीडिया टीम की तरफ से साइबर सुरक्षा की चूक हुई हो। वहीं PM मोदी के बाकी ट्वीट्स और हैकिंग के बाद वाले ट्वीट में भी कुछ बुनियादी फर्क की वजह से संदेह ज्यादा बढ़ जाता है। हमने 3 दिग्गज साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स से बात की है और समझा कि PM मोदी का ट्विटर अकाउंट हैक होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं? किस स्तर पर चूक हो सकती है? क्या सरकार के बाकी मंत्रियों, अधिकारियों, खुफिया विभागों का डेटा सुरक्षित है?

PM मोदी का ट्विटर अकाउंट होने के पीछे ये 3 संभावित कारण

भारत के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मुकेश चौधरी बताते हैं कि ‘PM मोदी का ट्विटर अकाउंट हैक होने के तीन कारण लगते हैं। पहली आशंका है ट्विटर के अंदरूनी सिस्टम में सेंधमारी की गई हो, लेकिन PM मोदी के अलावा और किसी का अकाउंट हैक होने की कोई खबर नहीं आई है तो ऐसा होना संभव नहीं लगता। दूसरी आशंका है कि PM मोदी की सोशल मीडिया टीम साइबर सिक्योरिटी से जुड़े कायदों का ठीक से पालन नहीं कर रही होगी। हो सकता है कि उन्होंने इंटरनेट से कोई पायरेटेड सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर लिया हो और इसी से स्पाईवेयर भी डाउनलोड हो गया हो। तीसरी संभावना है कि किसी हैकर ने जीरो डे एक्सप्लॉइट्स का इस्तेमाल करते हुए टारगेटेड अटैक किया हो। इस तरह के अटैक को एंटीवायरस ट्रेस नहीं कर पाता है।

ये पहली बार नहीं है जब PM मोदी से जुड़ा ट्विटर अकाउंट हैक हुआ हो इसके पहले PM मोदी की वेबसाइट से जुड़ा ट्विटर अकाउंट भी हैक हुआ था। मुकेश चौधरी बताते हैं कि ‘इससे लोगों के बीच डर का माहौल बनता है, लोग सोचते हैं कि जब PM मोदी का खुद का अकाउंट सुरक्षित नहीं है, तो हमारा डेटा कैसे सुरक्षित होगा।

हैकिंग के बाद वाले ट्वीट और नॉर्मल ट्वीट में है एक अहम फर्क

फ्रांस में काम करने वाले साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मयंक राज जायसवाल बताते हैं कि ‘ट्विटर अकाउंट हैक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ट्वीट करने के कई सारे तरीके होते हैं। एक तो फोन से किया गया ट्वीट, दूसरा ब्राउजर से किया गया ट्वीट और कई सारे मल्टीप्लेटफॉर्म ऐप भी हैं, जिसके जरिए कई सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक साथ पोस्टिंग होती है। अगर कोई ट्वीट आईफोन से किया गया है तो ट्वीट के नीचे ‘Twitter for iPhone’ लिखा होता है। PM मोदी के लगभग सारे ट्वीटर इसी तरह के होते हैं, लेकिन हैकिंग के बाद किए गए ट्वीट का जो स्क्रीनशॉट सामने आया है उसमें नीचे लिखा है- ‘Twitter Web App’।

एक्सपर्ट मयंक कहते हैं कि ‘इस बात की आशंका है कि जिस डेस्कटॉप से PM मोदी के ट्विटर अकाउंट पर पोस्टिंग हो रही थी उस सिस्टम में सेंधमारी की गई है। फोन से ये होने की संभावना बहुत कम है। ऐसा लगता है कि पूरी रणनीति के साथ किया गया टारगेटेड अटैक है। कंप्यूटर को कौन-कौन एक्सेस करता है, किस वेबसाइट को ब्राउज किया जाता है, कहां-कहां नेविगेट किया जाता है? ये सारी जानकारी हैकर को रही होगी।’

'अब सरकार को साइबर सिक्योरिटी को गंभीरता से लेना होगा'

नीदरलैंड में काम करने वाले साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट विकास सिंह कहते हैं ‘हो सकता है कि जिस कंप्यूटर सिस्टम से PM मोदी ट्वीट किए जाते हैं उसमें मालवेयर इंस्टॉल करके पासवर्ड चोरी कर लिया गया हो। ये भी संभावना है कि ट्विटर के ही सिस्टमें में सेंधमारी हुई हो। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन चिंता में डालने वाली बात ये है कि दुनिया की सबसे बड़े लोकतंत्र के PM का अकाउंट हैक हो गया। अब वक्त है कि सरकार को साइबर सिक्योरिटी को गंभीरता से लेना होगा।’

साइबर एक्सपर्ट विकास कहते हैं कि ‘डेटा खपत के मामले में अब भारत दुनिया में सबसे आगे है। गांव से लेकर कस्बों तक स्मार्टफोन पहुंच चुका है। इसलिए जरूरी है कि अब डेटा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को अच्छी नीति बनानी होगी। कोई भी डिवाइस या सॉफ्टवेयर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता है, लेकिन हमें लगातार साइबर सिक्योरिटी को बेहतर बनाना होगा और हैकर्स से एक कदम आगे रहना होगा। हमारे पास दुनिया की बेस्ट IT कंपनियां है, हमें साइबर सिक्योरिटी में उनका सहयोग भी मिल सकता है। वहीं साथ में साइबर सिक्योरिटी को लेकर जागरुकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है।’