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  • Professionals Studying In Institutes Like IIT, IIM Are Making Strategy Against BJP, Average Age Of Members Is 25 26 Years

गोवा में ममता को जिताने में जुटे 200 युवा:BJP के खिलाफ IIT-IIM में पढ़े प्रोफेशनल्स बना रहे रणनीति, इनकी एवरेज एज 25-26 साल

पणजी5 महीने पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी

देश के सबसे छोटे राज्य गोवा से BJP का पत्ता साफ करने के लिए ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव के महज 4 महीने पहले गोवा में एक्टिव हुई TMC ममता के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेगी, क्योंकि पार्टी को अभी तक लोकल लेवल पर कोई पॉपुलर चेहरा नहीं मिल पाया है।

TMC की कैंपेनिंग का जिम्मा संभाल रही इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ( I-PAC) के टॉप सोर्सेज के मुताबिक, फिलहाल दीदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ने का निर्णय हुआ है। हालांकि, वे कहते हैं कि आखिरी वक्त में कुछ बदलाव भी हो सकता है, क्योंकि पार्टी में लगातार नए मेंबर्स शामिल हो रहे हैं।

मीडिया, रिसर्च से लेकर डाटा एक्सपर्ट तक शामिल
पश्चिम बंगाल की तरह गोवा में भी TMC के कैंपेन का जिम्मा I-PAC ने ही संभाला है। यह प्रशांत किशोर द्वारा शुरू किया गया ऐसा संगठन है, जिससे जुड़कर यंगस्टर्स राजनीतिक क्षेत्र में पार्टिसिपेट कर सकते हैं। आईपैक के 200 से ज्यादा मेंबर्स की टीम सितंबर से गोवा में ममता के लिए काम कर रही है। इस टीम में IIT और IIM जैसे टॉप इंस्टीट्यूट से पढ़कर निकले प्रोफेशनल्स शामिल हैं, तो मीडिया, रिसर्च और डाटा एक्सपर्ट भी शामिल हैं। ग्रुप मेंबर्स की एवरेज एज 25-26 साल के बीच है।

जिन्होंने पहले अच्छा काम किया, उन्हें टीम में जगह

  • IIT, IIM से पढ़े प्रोफेशनल्स के अलावा इस टीम में जर्नलिस्ट, डिजिटल मार्केटिंग की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर, डाटा एनालिस्ट, सर्वेयर शामिल हैं।
  • पश्चिम बंगाल, UP, पंजाब, तमिलनाडु, नई दिल्ली के चुनावों में पहले काम कर चुके मेंबर्स को भी टीम में शामिल किया गया है, ताकि वहां की लर्निंग यहां भी काम आए।
  • गोवा में कोंकणी और मराठी लैंग्वेज चलती हैं, इसलिए इन दोनों लैंग्वेज को समझने वाले लोकल रिसोर्सेज भी हैं। एक विधानसभा में तीन मेंबर्स एक्टिव रहते हैं इनके साथ में वॉलेंटियर्स होते हैं।
  • गोवा के I-PAC ऑफिस में वॉररूम सेटअप किया गया है। यहां फील्ड टीम से आने वाले इनपुट के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाती है।
  • इस वॉररूम से ही मिनट टु मिनट की प्लानिंग होती है। मीडिया से लेकर रिसर्च टीम तक के लोग इस वॉर रूम का हिस्सा हैं।

पीपल्स चार्जशीट के जरिए बता रहे BJP की नाकामियां

  • जिस तरह से अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी के लिए I-PAC ने पॉपुलर स्लोगन तैयार किए थे, उसी तरह से गोवा में भी करने की कोशिश की जा रही है।
  • जैसे, सबसे पहले स्लोगन दिया 'गोयंची नवी सकाल' जिसका मतलब है गोवा में एक 'नई सुबह' की शुरुआत होने जा रही है। इसके बाद पोस्टर्स और बैनर्स के जरिए गोवा की जनता तक इसे पहुंचाने की कोशिश की गई।
  • एक 'पीपल्स चार्जशीट' तैयार की, जिसमें गोवा की BJP सरकार की नाकामियों को उजागर किया। यूट्यूब पर चार्जशीट की कलेक्टिव रीच एक मिलियन से ज्यादा है।
  • ममता को जिताने के लिए टीम ने यह पता लगाया कि गोवा के लोगों की क्या-क्या जरूरतें हैं। डोर टु डोर कैंपेन के जरिए घर-घर तक पहुंचने की कोशिश हो रही है। तीन बड़ी स्कीम्स 'गृहलक्ष्मी कार्ड', 'युवा शक्ति कार्ड' और 'म्हाजे घर, मालकी हक' भी लॉन्च की गई हैं।

जीतना मुश्किल, लेकिन मौजूदगी दर्ज होगी

  • टीम के टॉप सोर्सेस का कहना है कि यह बात सही है कि ममता बनर्जी गोवा में सरकार बनाने नहीं जा रहीं, लेकिन इस बार पार्टी का राज्य में कैडर जरूर बन गया है। हम अपनी मौजूदगी जरूर दर्ज करवाएंगे।
  • TMC को गोवा में जिस तरह की उम्मीद थी, वैसा रिस्पॉन्स मिल नहीं पाया। जिन क्षेत्रीय दलों से हाथ मिलाना था, उनसे गठबंध नहीं हो सका। ममता बनर्जी भी अभी तक दो ही बार गोवा आई हैं।
  • पार्टी के पास स्थानीय स्तर पर कोई लोकप्रिय चेहरा नहीं है। फिर अरविंद केजरीवाल की आप और कांग्रेस भी राज्य में सक्रिय हैं। ऐसे में विपक्षी वोट BJP के सामने बंटते नजर आ रहे हैं।
  • I-PAC ने ही दिसंबर में एक सर्वे करवाया था जिसमें यह निकलकर आया था कि गोवा के 60% लोग अभी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे किसको वोट दें।
  • BJP को अपने पुराने कैडर, मजबूत संगठन और केंद्र-राज्य में सरकार होने का फायदा मिल रहा है। पार्टी के पास प्रमोद सावंत का चेहरा भी है, जो मौजूदा CM हैं।