पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बढ़ते कोरोना के बीच क्या पहले की तरह लौटेगी रेलवे:आज से बिना रिजर्वेशन कर सकेंगे सफर, 71 अनरिजर्व्ड ट्रेनें फिर से शुरू होंगी; पिछले साल लॉकडाउन के बाद से 66% ट्रेनें ही चल रही थीं

नई दिल्ली17 दिन पहलेलेखक: पूनम कौशल
  • कॉपी लिंक

गाजियाबाद के रहने वाले योगेंद्र दिल्ली की एक कंपनी में काम करते हैं। लॉकडाउन से पहले वो रेलवे के पांच सौ रुपए के पास से तीन महीने सफर करते थे। अब उन्हें रोजाना सौ रुपए से अधिक किराए पर खर्च करने पड़ते हैं। योगेंद्र कहते हैं, 'सिर्फ खर्च ही नहीं बढ़ा है बल्कि समय भी बहुत अधिक लगता है। रेल सेवाएं बहाल होने के बाद मुझे एक तरफ से ट्रेन मिल जाती है लेकिन उसका टिकट खरीदने के लिए भी लाइन में लगना पड़ता है।'

योगेंद्र जैसे लाखों लोग रोजाना भारतीय रेलवे से सफर करके काम पर पहुंचते थे। लेकिन, कोविड महामारी की वजह से पटरी से उतरी रेल सेवाओं ने उनके लिए हालात मुश्किल कर दिए थे। भारतीय रेलवे आज से 71 अनारक्षित ट्रेनें फिर से शुरू कर रहा है। इनमें से अधिकतर छोटे शहरों के बीच चलने वाली ट्रेनें हैं जो लॉकडाउन के बाद से ही बंद थीं। भारतीय रेलवे की इस समय 66 फीसदी ट्रेन सेवाएं ही चल रहीं हैं। इन्हें भी स्पेशल ट्रेनों के रूप में ही चलाया जा रहा है और इनका किराया भी सामान्य से अधिक है।

अभी तक चल रही रेल सेवाओं में टिकटों पर किसी तरह की छूट यात्रियों को नहीं मिलती है और इनमें सिर्फ आरक्षण के जरिए ही सफर किया जा सकता है। ऐसे में आज से शुरू हो रही 71 अनारक्षित ट्रेनों से निश्चित तौर पर यात्रियों को राहत मिलेगी। भारत में बीते साल 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के साथ ही ट्रेन सेवाएं भी पूरी तरह बंद हो गईं थीं। मई 2020 से चरणबद्ध तरीके से स्पेशल रेल सेवाएं चलाई जा रही हैं।

भारतीय रेलवे के अधिकारियों को लगता है कि अगले दो महीने में ट्रेन सेवाएं अपने पुराने स्तर पर आ जाएंगी। लेकिन, ये कोविड महामारी और राज्य सरकारों के नियमों पर निर्भर करेगा। हालांकि एक्सपर्ट्स को लगता है कि अभी इसमें और भी वक्त लग सकता है। भारतीय रेलवे के सुरक्षा बोर्ड से जुड़े रहे श्री प्रकाश कहते हैं, 'जिस रफ्तार से कोविड मामले बढ़ रहे हैं उन्हें देखते हुए लगता है कि रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल होने में अभी और अधिक समय लगेगा।'

अभी की स्थिति में 77 फीसदी एक्सप्रेस ट्रेनें और मेल ट्रेनें चल रही हैं जबकि 91 फीसदी सब-अर्बन ट्रेनें चल रही हैं। अभी तक सिर्फ बीस फीसदी पैसेंजर ट्रेन सेवाएं ही बहाल हो सकी थीं। रेलवे से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करते हुए बताया कि भारतीय रेलवे अगले दो महीने में कोविड से पहले के स्तर तक पहुंचने की कोशिश करेगा। लेकिन एक्सपर्ट्स को लगता है कि ऐसा संभव नहीं हो पाएगा।

श्री प्रकाश कहते हैं, 'कोविड की ताजा स्थिति को देखते हुए ऐसा संभव नहीं लगता। लोगों में अब फिर से कोरोना का डर बढ़ेगा। लोग रेलवे से यात्रा करने से बचेंगे। जब तक टीकाकरण नहीं होगा और लोगों में विश्वास बहाल नहीं होगा, रेल सेवाएं भी पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाएंगी। जहां कोविड के कम मामले हैं रेलवे को पहले वहां ट्रेन सेवाएं बहाल करनी चाहिए। खासकर ब्रांच लाइनों पर जो छोटे शहरों के बीच हैं।'

कोविड महामारी से पहले भारतीय रेलवे रोजाना 1768 एक्सप्रेस और मेल ट्रेनें चलाता था जबकि अभी सिर्फ 1353 ट्रेनें ही प्रतिदिन चल रही हैं। कोविड महामारी से पहले 3634 पैसेंजर ट्रेनें चलती थीं जबकि अभी तक सिर्फ 811 ही बहाल हो सकी हैं।

यात्रियों से होने वाली कमाई में भारी नुकसान

रेलवे को यात्रियों से होने वाली आय में बीते साल 87 फीसदी का नुकसान हुआ। 2019 में रेलवे को यात्री किराए से 53 हजार करोड़ रुपए मिले थे जबकि दिसंबर 2020 तक सिर्फ 4600 करोड़ रुपए ही मिले। हालांकि रेलवे की माल भाड़े से कमाई बढ़ी है। रेलवे ने जो स्पेशल ट्रेनें शुरू की थीं उनमें भी अधिकतर यात्रियों ने स्लीपर क्लास में ही सफर किया जबकि फर्स्ट एसी और सेंकड ऐसी कंपार्टमेंट खाली ही रहे।

श्री प्रकाश कहते हैं कि इसकी वजह भी लोगों में कोरोना का डर ही था। वो कहते हैं, 'जो लोग एसी में यात्रा करते हैं उन्होंने 500-700 किलोमीटर की यात्रा के लिए अपने निजी वाहन से यात्रा करने के विकल्प को चुना।'

रेलवे ने भी चरणबद्ध तरीके से सिर्फ लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाने को ही प्राथमिकता दी थी। श्री प्रकाश कहते हैं कि रेलवे को ब्रांच लाइनों पर सेवाएं बहाल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए थी क्योंकि छोटे शहरों में कोरोना की स्थिति बड़े शहरों के मुकाबले बेहतर है। वो कहते हैं, 'छोटे रूटों पर ट्रेन सेवाएं बहाल होने से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे यहां की अर्थव्यवस्था पर भी असर होगा।'

आज से जो 71 अनारक्षित ट्रेन सेवाएं चलाई जा रही हैं उन्हें उत्तर रेलवे संचालित करेगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इन ट्रेनों के संचालन की घोषणा करते हुए कहा है कि इससे टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी और लोगों का समय भी बचेगा। एक तरफ जहां रेलवे फिर से पहले जैसी सेवाएं बहाल करने की कोशिश कर रहा है तो दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण ने पहले जैसी रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को 1 लाख 3 हजार 794 नए मामले सामने आए हैं। ये भारत में एक दिन में रिकॉर्ड किए गए सर्वाधिक मामले हैं।

श्री प्रकाश कहते हैं, 'कोरोना की रफ्तार को देखते हुए रेलवे को अपनी सेवाओं को लेकर फिर से विचार करना पड़ सकता है। खासकर शहरी इलाकों में। मुझे लगता है कि इस साल सितंबर के बाद ही रेलवे पूरी तरह से पटरी पर आ सकेगा। अभी तो हम स्थितियों पर नजर ही रख सकते हैं।'

खबरें और भी हैं...

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीदारी भी संभव है। किसी संबंधी की परेशानी में उसकी सहायता करना आपको खुशी प्रदान करेगा। नेगेटिव- नक...

और पढ़ें