गुजरात में BJP को फायदा न हो इसलिए इस्तीफा:AAP के पूर्व मंत्री बोले- राजनीति में ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं

3 महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

दिल्ली में 5 अक्टूबर को एक कार्यक्रम हुआ। इसमें आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गौतम मौजूद थे। इसी दौरान शपथ ली गई कि ‘मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम, कृष्ण को ईश्वर नहीं मानूंगा और उनकी पूजा नहीं करूंगा।’

BJP ने इस कार्यक्रम को हिंदू धर्म को अपमानित करने की साजिश बताया और कहा कि अरविंद केजरीवाल ‘हिंदू विरोधी’ हैं। 4 दिन बाद राजेंद्र गौतम ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। कयास लगाए गए कि पार्टी को गुजरात चुनाव में नुकसान न हो, इसलिए ये इस्तीफा लिया गया। हमने पूरे मामले पर आप नेता और सीमापुरी सीट से विधायक राजेंद्र गौतम से बात की। उनसे पूछा कि इस्तीफे की असली वजह क्या है…

सवाल: जिस कार्यक्रम में आप शामिल हुए थे, उसमें ऐसा क्या हुआ कि विवाद खड़ा हो गया?
जवाब: 5 अक्टूबर के कार्यक्रम में जो 22 प्रतिज्ञाएं दिलाई गईं, वे बातें बाबा साहेब ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में कही थीं। उन्होंने कहा है कि मैं हिंदू धर्म में पैदा हुआ, ये मेरे बस की बात नहीं थी, लेकिन मैं हिंदू मरूंगा नहीं, ये मेरे बस में है। बाबा साहेब ने दुनिया के सभी धर्मों का अध्ययन किया। उन्हें लगा कि बुद्ध का धर्म शांति और मानवता सिखाने वाला है। मैंने ठीक वही बातें दोहराई हैं, जो बाबा साहेब ने कही हैं।

सवाल: अगर आपको लगता है कि आपने कुछ गलत नहीं किया तो इस्तीफा क्यों दिया, क्या CM केजरीवाल ने इसके लिए कहा था?
जवाब: देशभर में आज भी दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं होती रहती हैं। मैं इन घटनाओं से आहत था। 5 अक्टूबर के कार्यक्रम के बाद, BJP ने इसे मुद्दा बनाकर घटिया राजनीति की। जिसके बाद मैंने सोचा कि मैं मंत्री पद त्यागकर देश से जातिवाद मिटाने के अभियान को फिर से आगे बढ़ाऊं।

सवाल: BJP ने आपके इवेंट के जरिए नरेटिव सेट कर दिया कि आम आदमी पार्टी हिंदू विरोधी है, बाद में आपने इस्तीफा दे दिया। लोगों की नजरों में तो AAP बैकफुट पर है?
जवाब:
मंत्री की कुर्सी बहुत छोटी बात होती है। मैं अपने समाज के लिए हक की लड़ाई लड़ना पसंद करूंगा। मैं डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। लोग मेरी हत्या कर सकते हैं, लेकिन बाबा साहेब की शिक्षाओं की हत्या नहीं कर सकते।

सवाल: कहा जा रहा है कि गुजरात चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता था, इसलिए आपसे इस्तीफा लिया गया?
जवाब:
इस्तीफा देने का फैसला मेरा खुद का है। मैं चाहता था कि गुजरात में किसी भी कीमत पर BJP को फायदा नहीं मिलना चाहिए, मैं ये नहीं होने दे सकता। इसलिए मैंने अपने मन से ही इस्तीफा देने का फैसला किया। अब मैं विधायक के तौर पर अपने विधानसभा के लोगों की लड़ाई लडूंगा और वकालत के जरिए अपने लोगों के केस लड़ूंगा।

शपथ का वीडियो सामने आने के बाद राजेंद्र गौतम ने कहा था कि अगर मेरी आस्था बौद्ध धर्म में है तो उससे किसी को क्या दिक्कत है? संविधान हमें किसी भी धर्म को मानने की आजादी देता है।
शपथ का वीडियो सामने आने के बाद राजेंद्र गौतम ने कहा था कि अगर मेरी आस्था बौद्ध धर्म में है तो उससे किसी को क्या दिक्कत है? संविधान हमें किसी भी धर्म को मानने की आजादी देता है।

सवाल: अगर पार्टी और आपके समाज के बीच विकल्प चुनने की बारी आती है, तो क्या करेंगे?
जवाब:
अगर मुझे सिर्फ दो विकल्प दिए जाएं- पार्टी या समाज। निश्चित तौर पर मैं अपने समाज को ही चुनूंगा।

सवाल: जो बातें शपथ में कही गईं, आपको नहीं लगता ये बेहतर समाज के लिए सही नहीं हैं?
जवाब: 22 प्रतिज्ञाओं की जो प्रासंगिकता 1956 में थी, वही आज भी है। जब कोई हिंदू से बौद्ध बनता है तो ये 22 प्रतिज्ञाएं लेनी होती हैं। मैं खुद हिंदू से बौद्ध बना हूं। मैं भी इन प्रतिज्ञाओं का पालन करता हूं। आप जबरदस्ती किसी से मनवा नहीं सकते। मैं दूसरों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता हूं।

अब BJP वाले गुजरात में इस विवाद पर बड़े-बड़े पोस्टर लगवा रहे हैं, वे तो खुद इन प्रतिज्ञाओं का प्रचार कर रहे हैं। BJP को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि उसके लोग ही देवी-देवताओं का अपमान कर रहे हैं।

सवाल: आपने कुछ गलत नहीं किया तो अरविंद केजरीवाल को आपका इस्तीफा मंजूर नहीं करना था और आपके धार्मिक अधिकारों के लिए खड़े होना चाहिए था, ऐसा क्यों नहीं हुआ?
जवाब: राजनीति में समय और परिस्थिति के हिसाब से फैसले लेने होते हैं। आने वाले दिनों में गुजरात का चुनाव है और BJP चुनाव को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रही है। BJP की कोशिशें नाकाम करने के लिए ऐसा ही करना होगा।

सवाल: आम आदमी पार्टी की शुरुआत BJP-कांग्रेस के विरोध से हुई। अब केजरीवाल पर ही सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति का आरोप लगता है?
जवाब: BJP चुनाव में धर्म की राजनीति करती है। BJP ऐसा करती है तो दूसरी पार्टियों को भी मजबूरी में करना पड़ता है और उसके जाल में फंस जाती हैं।

अब धर्म और राजनीति के मेल पर आपके लिए एक सवाल...

सवाल: दिल्ली पुलिस ने अब तक आप पर क्या कार्रवाई की और क्या पूछा है?
जवाब:
मैं दिल्ली पुलिस से कई बार कह चुका हूं कि अगर मैंने कुछ गलत किया है तो मुझे जल्द से जल्द गिरफ्तार करो। मैं पेशे से वकील हूं और जानता हूं कि मैंने कोई भी गलत काम नहीं किया है। BJP नेता अगर पुलिस पर दबाव बना रहे हैं तो मैं कहूंगा, जितनी जल्दी गिरफ्तार कर सकते हो, कर लो। मेरे जीवन का आखिरी लक्ष्य है- जातिवाद का खात्मा।

सवाल: आप कह रहे हैं कि BJP धर्म की राजनीति करती है, लेकिन अरविंद केजरीवाल भी मंदिरों के चक्कर लगाते हैं, दिवाली का सार्वजनिक कार्यक्रम करवाते हैं, अपने भाषणों में हनुमानजी का जिक्र करते हैं। क्या ये सब ठीक है?
जवाब:
पूरे देश में अब राजनीति ही इसी तरह की हो गई है। राजनीति करने वाले लोगों के मूड के हिसाब से चलते हैं। देश के लोगों को इसे बदलना होगा। मैं जनता को जागरूक करने का ही काम करूंगा।

सवाल: गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कुछ महीनों में चुनाव है, इसके लिए आम आदमी पार्टी कितनी तैयार है?
जवाब:
पार्टी की तैयारी बहुत अच्छी चल रही है। हम गुजरात में अच्छे मार्जिन से जीत रहे हैं। BJP ने गुजरात में आतंक का माहौल तैयार किया है। वह वहां के लोगों और उद्योगपतियों को डराती है। अब लोगों को लग रहा है कि इस बार आम आदमी पार्टी ने BJP को हराने का मौका दिया है।

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