दुनियाभर की अजीब परम्पराएं:कहीं मुर्दों की राख से बना सूप पीने का चलन, तो कहीं नवविवाहित जोड़े को तीन दिन तक बाथरूम जाने से रोका जाता है

8 महीने पहलेलेखक: सुनीता सिंह

दुनिया में विभिन्न देशों, धर्मों और जनजातियों से जुड़ी कई परम्पराएं हैं। उनमें से कुछ बहुत दिलचस्प हैं, जबकि कई ऐसी भी परम्पराएं हैं जो आपको चौंका देंगी। हाल ही में डेनमार्क के फैरो आइलैंड पर 1400 से ज्यादा डॉलफिन को मारने का वाकया सामने आया, वो भी ऐसी ही एक परम्परा का हिस्सा था, जिसका दुनियाभर के लोगों ने पुरजोर विरोध किया।

हालांकि सिर्फ डेनमार्क ही नहीं, बल्कि ऐसे कई देश हैं जहां धर्मों और परम्पराओं के नाम पर अजीबो-गरीब रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। कहीं शादी के बाद 3 दिन तक दूल्हे-दुल्हन को बाथरूम जाने की इजाजत नहीं है, वहीं एक ऐसा ट्राइब भी है जहां परिजनों की मौत के बाद घर की औरतों की उंगली का कुछ हिस्सा काटना पड़ता है।

आइए जानते हैं दुनिया की कुछ ऐसे कम्युनिटीज के बारे में, जिनकी अजीबो-गरीब परम्पराएं आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी...

1. 'ग्रिंड' - हजारों की तादाद में डॉल्फिन का शिकार

डेनमार्क के फैरो आइलैंड पर सितंबर में ‘ग्रिंड’ नामक एक ट्रेडिशनल हंटिंग इवेंट मनाने का रिवाज है। इस परम्परा के लिए हजारों लोग समुद्र के किनारे यानी बीच पर इकट्ठा होते हैं। बड़ी संख्या में डॉल्फिन को समुद्र के किनारे पर लाया जाता है, फिर उन्हें मार दिया जाता है। ग्रिंड को सैकड़ों साल पहले शुरू किया गया था। क्रूरता से भरा ये इवेंट डेनमार्क में कानूनी रूप से मान्य है। इतनी बड़ी संख्या में डॉल्फिन को मारा जाता है कि समुद्र का पानी लाल हो जाता है।

2. 'एंडोकैनिबेलिज्म' - मृतकों की राख का सूप

यानोमामी ट्राइब जो साउथ अमेरिका के वेनेजुएला और ब्राजील के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। मॉडर्नाइजेशन से कहीं दूर ये लोग अपनी पुरानी परम्पराओं को निभाने में विश्वास रखते हैं। इस ट्राइब में मरे लोगों के दाह संस्कार का तरीका बहुत अजीब है। ये लोग एंडोकैनिबेलिज्म नाम की प्रथा को निभाते हैं जिसमें परिजनों के मरने के बाद, जली हुई बॉडी की राख को इकट्ठा करते हैं। इस राख को केले के साथ मिलाकर सूप बनाया जाता है, जिसे परिवार का हर सदस्य पीता है। इन लोगों का मानना है कि ऐसा करने से परिजन की आत्मा को शांति मिलती है।

3. मृतक की आत्मा की शांति के लिए उंगली काटना

इंडोनेशिया की दानी ट्राइब में परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद एक अजीब सी रस्म निभाने का रिवाज है। दानी ट्राइब की महिलाओं को परिजन की मौत के बाद भावनात्मक दुख के साथ शारीरिक कष्ट भी सहना पड़ता है।

महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि श्रद्धांजलि और शोक मनाने के लिए वह उंगली का सिरा काट दें। इस परम्परा को निभाने के लिए महिलाओं को एक बार नहीं बल्कि कई बार अपनी उंगली काटनी पड़ती है। परम्परा के अनुसार महिला और पुरुष दोनों को ये रस्म निभानी चाहिए, लेकिन केवल महिलाएं ही इसे निभा रही हैं।

ऐसी मान्यता है कि अगर परिजन की मौत पर परिवार की सभी महिलाएं अपनी उंगलियां काटती हैं तो मृतक की आत्मा को शांति मिलती है। बताया जा रहा है कि उंगली काटने से पहले उसे 30 मिनट तक धागे से बांध कर रखा जाता है। वहीं, कटी हुई उंगली को आग में जला दिया जाता है। हालांकि इस परम्परा पर पाबंदी भी लगाई गई है। इसके बावजूद कुछ लोग आज भी इसे निभा रहे हैं।

4. 'बोमेना' - प्रेम या विवाह के लिए लड़कियों की तलाश में लड़के नाइट हंटिंग करते हैं

भूटान के कुछ हिस्सों में, प्रेम और विवाह की तलाश में अविवाहित लड़के रात में एक अलग तरह के शिकार पर निकलते हैं जिसे बोमेना या नाइट हंटिंग कहा जाता है। वे चुपके से एक अविवाहित महिला के घर में उसके साथ रात बिताने के लिए प्रवेश करते हैं। अगर वे लड़की के साथ पकड़े जाते हैं, तो उन्हें उससे शादी करनी पड़ती है या सजा के तौर पर लड़की के पिता के खेत में काम करना पड़ता है। सबसे पहले भूटान के पूर्वी हिस्से में ये परम्परा शुरू हुई, जो बाद में देश भर में मनाई जाने लगी। इसके तहत लड़के खिड़की तोड़कर दूसरे के घरों में घुस जाते हैं। वहां अनजान या पहचान वाली लड़की के साथ रिलेशन बनाने की कोशिश करते हैं। बता दें कि दूसरे देशों में ऐसा करना अपराध है जिसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

5. 'हाउस अरेस्ट' - शादी के बाद 3 दिन तक बाथरूम बैन

शादी किसी भी धर्म या संस्कृति के लोगों के लिए बहुत महत्व रखती है, इसलिए इसे खास बनाने के लिए दुनियाभर में अलग-अलग तरह के रीति-रिवाज और रस्में निभाई जाती हैं। इंडोनेशिया में टिडोंग कम्युनिटी का तरीका कुछ ज्यादा ही अजीब है। यहां नवविवाहित जोड़ों पर शादी के 3 दिन बाद तक टॉयलेट जाने पर प्रतिबंध है। तीन दिनों तक जोड़ों को बहुत कम खाने-पीने की अनुमति होती है उसके बाद उन्हें नहलाया जाता है। यहां से शादीशुदा जिंदगी की शुरुआत होती है।

ऐसा माना जाता है कि शादी एक पवित्र समारोह होता है यदि वर-वधू टॉयलेट जाते हैं तो उनकी पवित्रता भंग होती है और वे अशुद्ध हो जाते हैं, इसलिए शादी के तीन दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन के टॉयलेट जाने पर पाबंदी रहती है। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो अपशगुन माना जाता है।

6. बुलेट चींटियों वाले ग्लव्स पहनकर वॉरियर टेस्ट

अमेजन के जंगलों में सटेरे-मावे नाम की एक ट्राइब में एक परम्परा के तहत लड़कों को किशोर होने का प्रमाण वॉरियर टेस्ट पास कर के देना पड़ता है। जो बहुत कष्टदायक होता है। इस भयानक परम्परा के तहत लड़के जंगल से बुलेट चींटियों को चुन कर लाते हैं और उन्हीं से दस्ताने बनाते हैं। यंग लड़कों को टेस्ट के लिए बुलेट चींटियों वाले ग्लव्स पहनने पड़ते हैं। बुलेट चींटियों का टेस्ट बहुत दर्दनाक होता है। लड़कों को 10 मिनट के लिए ग्लव्स पहन कर डांस करना होता है और चींटियां लगातार ग्लव्स के अंदर डंक मारती हैं। ऐसा उन्हें तकरीबन 20 बार करना पड़ता है।

इस परम्परा का उद्देश्य लड़कों को जीवन के कठिन संघर्षों के लिए तैयार करना है। इन लोगों का मानना है कि कष्ट या प्रयास के बिना जीवन जीने का कोई कोई मूल्य नहीं है। ये परम्परा लड़कों को शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत करती है।

7. 'फामाडिहाना' - पूर्वजों की लाश के साथ मनाया जाने वाला महोत्सव

साउथ अफ्रीका के मेडागास्कर आइलैंड के मेलेगसी ट्राइब में मृत्यु के बाद शोक मनाने का तरीका बहुत अनूठा है। यहां हर सात साल में जुलाई और सितंबर के महीने में फामाडिहाना फेस्टिवल मनाने की परम्परा है। इसमें परिजन मृतकों के शव को कब्र से निकालकर साफ करते हैं और शव को नए कपड़े पहनाते हैं। उसके बाद शव के साथ डांस करते हैं और गांव का चक्कर लगाकर वापस उसी जगह पर शव को दफना दिया जाता है।

यहां के लोगों का मानना है कि मृत शरीर जितना जल्दी कंकाल बनेगा उसकी आत्मा उतनी ही जल्दी मुक्त हो जाएगी। मेलेगसी लोगों के मुताबिक, जब तक शरीर पर मांस है तब तक आत्मा दूसरा शरीर धारण नहीं कर सकती। इसलिए यहां के लोग अपने प्रियजनों की आत्मा की शांति के लिए ये त्योहार मनाते हैं।

8 . 'हाका' - न्यूजीलैंड में गुस्से से भरा डांस

न्यूजीलैंड में माओरी संस्कृति है जो एक अलग और अद्भुत हाका डांस की वजह से जानी जाती है। माओरी कल्चर में एक अजीब तरह का डांस किया जाता है, जिसे हाका कहते हैं। जब विरोधियों में किसी तरह का भय या डर पैदा करना होता है, तो ये लोग जोर से पैरों को पटकते हैं, डरावने चेहरे बनाते हैं, जोर-जोर से आवाज निकालते हैं। यहां हाका डांस कई सालों से पुरुषों और महिलाओं, दोनों द्वारा किया जा रहा है। ‘हाका’ माओरी लोगों के सत्कार करने की एक अनोखी परम्परा है, जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी यहां के लोग गर्व से आगे बढ़ा रहे हैं।

दुनिया भर के लोगों को हाका डांस के बारे में बताने के लिए न्यूजीलैंड की स्पोर्ट्स टीम इसे इंटरनेशनल गेम्स में भी प्रदर्शित करती है। जिसकी वजह से हाका पूरी दुनिया में जाना जाता है। इंटरनेशनल गेम में हाका डांस की शुरुआत साल 1888-89 में न्यूजीलैंड फुटबॉल टीम ने की थी।

9. 'कैमल रेसलिंग' - दो नर ऊंटों को आपस में लड़ाया जाता है

आपने स्पेन की बुल फाइटिंग के बारे में सुना होगा और कई मूवी में उसे देखा भी होगा। कुछ इसी तरह तुर्की में कैमल रेसलिंग नामक एक फेस्टिवल हर साल मनाया जाता है। इसमें दो नर ऊंटों को आपस में लड़ाया जाता है। कैमल रेसलिंग तुर्की में बहुत पॉपुलर है। हालांकि मिडिल ईस्ट और साउथ एशिया के कुछ हिस्सों में भी इसे मनाया जाता है।

इसकी शुरुआत तकरीबन 1000 साल पहले प्राचीन तुर्की के जनजातियों के बीच हुई थी। बाद में 1920 में तुर्की नेशनल एविएशन लीग ने तुर्की सरकार के लिए विमान खरीदने के लिए कैमल फाइट्स को फंड रेजर के रूप में आयोजित किया था। बहुत सारे एनिमल एसोसिएशन इस प्रथा की आलोचना करते हैं। इस फेस्टिवल को ऊंटों के मेटिंग के मौसम के दौरान आयोजित किया जाता है। जब ऊंटों में दूसरे नर से लड़ने की स्वाभाविक प्रवृत्ति होती है।

10. 'टूथ फाइलिंग' - शादी से पहले दूल्हे-दुल्हन के दांतों की फाइलिंग

दुनिया के हर हिस्से में शादी से जुड़े कई ट्रेडिशन देखे जाते हैं। उन्हीं में से एक है इंडोनेशिया का टूथ फाइलिंग। इंडोनेशिया के बाली में शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन दोनों को अपने दो दांत फाइल करवाने पड़ते हैं।

ऐसा माना जाता है कि दूल्हा-दुल्हन की टूथ फाइलिंग से बुरी ताकतें जड़ों से दूर हो जाती हैं। इसके अलावा लालच, क्रोध, मूर्खता, भ्रम, ईर्ष्या और नशे जैसी बुराइयां भी खत्म हो जाती हैं।

टूथ फाइलिंग के बाद दूल्हा और दुल्हन अपनी लार को छोटे से नारियल के टुकड़े में लगाते हैं। समारोह के तीन दिन बाद नारियल को समुद्र या नदी में फेंक दिया जाता है।

11. 'मंकी बुफे' - बंदरों के लिए ताजे फलों की भव्य दावत

दुनिया के कई देशों में इंसानों के लिए रेस्टोरेंट में खाने के बुफे की सुविधा तो आपने देखी होगी, लेकिन एक ऐसा देश भी है जहां बंदरों के लिए बुफे की सुविधा है। थाईलैंड के लोपबुरी में मंकी बुफे हर साल एक फेस्टिवल के रूप में मनाया जाता है। इस फेस्टिवल में बंदरों के लिए एक भव्य दावत तैयार की जाती है, जिसमें ताजे फल, सलाद और थाई डेजर्ट शामिल होते हैं।

इस त्योहार के पीछे का मकसद बंदरों को सम्मान देना है। दरअसल थाईलैंड का राष्ट्रीय महाकाव्य 'रामकियन' है, जो कि भारत के हिंदू संस्कृत 'रामायण' का अनुवाद है। रामकियन और रामायण के कारण, आज भी थाईलैंड और भारत में भगवान हनुमान की पूजा की जाती है। चूंकि बंदर को हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है। यही वजह है कि थाईलैंड के लोग मंकी बुफे फेस्टिवल मनाकर बंदरों को सम्मान देते हैं।

12. 'पोल्ट्राबेंड' - होने वाले दूल्हे-दुल्हन से सफाई करवाना

जर्मनी में शादी से कुछ दिनों पहले लड़के और लड़की के दोस्त और रिश्तेदार मिलते हैं। फिर सभी मेहमानों से रिक्वेस्ट की जाती है कि ग्लास को छोड़कर सभी चीजें जैसे बर्तन, फूलों के गुलदस्ते और कई चीजों को तोड़ दें। जैसे ही घर या दूसरी मीटिंग प्लेस गंदी और अस्त-व्यस्त हो जाती है। जोड़ों को उन जगहों को साफ करने के लिए कहा जाता है।

जर्मनी के लोगों के अनुसार इस परम्परा के पीछे जोड़े को मुश्किल समय में एकजुट होकर कड़ी मेहनत करने की सीख देना है। ये वो सीख है जो किसी भी शादी को सफल बनाती है।

13 'ब्लैकेनिंग द ब्राइड'- शादी से पहले दुल्हन को काला करना

शादी से पहले कई तरह की रस्में निभाई जाती हैं, जो दूल्हे-दुल्हन के साथ रिश्तेदारों के लिए भी काफी मजेदार होती हैं। एक तरह की रस्म स्कॉटलैंड में भी मनाई जाती है, लेकिन ये होने वाली दुल्हन के लिए बिल्कुल भी मजेदार नहीं होती है। यहां शादी से पहले दुल्हन पर सड़े अंडे, खराब दूध और कई गंदी चीजें फेकने के साथ उसको काला करने का चलन है। उसके बाद काली दुल्हन को पूरे शहर या कस्बे में घुमाया जाता है।

इस रस्म के पीछे का मकसद दुल्हन को जीवन के नए अध्याय के लिए तैयार करना है, ताकि शादी के बाद आने वाली चुनौतियों का सामना वो अच्छे से कर सके।

14. गर्भवती पत्नी की आसान डिलीवरी के लिए पति का जलते हुए कोयले पर चलना

चीन में प्रेग्नेंसी से जुड़ा एक दिलचस्प रिवाज है, हालांकि ये रिवाज मर्दों के लिए दर्दनाक है। यहां पति अपनी गर्भवती पत्नी को उठाकर, जलते हुए कोयले पर नंगे पांव चलते हैं। माना जाता है कि अगर पति अपनी गर्भवती पत्नी को नंगे पैर जलते कोयले के ऊपर ले जाता है तो पत्नी की डिलीवरी आसान होती है। इसके अलावा ये भी माना जाता ​​है कि इस रस्म के जरिए पिता होने वाले बच्चे और पत्नी के प्रति अपना अनूठा प्यार दर्शाता है।

15. 'जिराफ नेक' - खूबसूरत गर्दन की चाह में महिलाएं गले में रिंग पहनती हैं

थाईलैंड की करेन ट्राइब की महिलाएं अपनी लंबी गर्दन के लिए जानी जाती हैं। वहां की महिलाएं बड़ी गर्दन पाने के लिए अपने गले में पीतल की रिंग पहनती हैं। वहां इसे सुंदरता और शान का प्रतीक माना जाता है। ये रिंग लूप में होते हैं जिन्हें गर्दन में घुमा-घुमा कर पहनाया जाता है।

16. 'थाईपुसम'- भगवान मुरुगन के प्रति समर्पण के लिए शरीर के कई हिस्सों को छेदना

भारत में भी विभिन्न समुदायों में कई ऐसे रीति रिवाज हैं जिन्हें सुनकर हैरानी होती है। उन्हीं में से एक दक्षिण भारत में हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला थाईपुसम है। मान्यताओं के अनुसार ये त्योहार एक बुरी आत्मा पर भगवान मुरुगन की जीत के जश्न के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पूर्ण समाधि में जाने के दौरान भक्त अपने शरीर के विभिन्न भागों को नुकीली चीजों से छेदते (पियर्सिंग) हैं। कुछ लोग तो ऐसे भी होते हैं जो अपनी पीठ में किए छेद में हुक लगाकर वाहनों को खींचते हैं। थाईपुसम कई और देशों जैसे मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका में भी बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

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