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  • Rich Countries Quickly Grabbed The Vaccine, Poor Countries Crave Every Single Dose; How Did The World Come Under The Grip Of Omicron?

मंडे मेगा स्टोरी:जरूरत से 120 करोड़ ज्यादा कोरोना वैक्सीन दबाए बैठे हैं अमीर देश, गरीब देशों को नहीं दीं तो 80 करोड़ डोज एक्सपायर हो जाएंगे

7 महीने पहलेलेखक: आदित्य द्विवेदी

'अगर सभी देशों को कोरोना की वैक्सीन नहीं मिली तो लाशें बिछ जाएंगी, इकोनॉमी रिकवर नहीं होगी और कोरोना के नए वैरिएंट आते रहेंगे।'

एक्सपर्ट्स पिछले एक साल से चिल्ला-चिल्लाकर ये चेतावनी दे रहे हैं। आखिरकार ये बात सच साबित हो गई। 25 नवंबर 2021 को दक्षिण अफ्रीका के रिसर्चर्स ने कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन मिलने की बात कही। महज 36 दिनों में ये वैरिएंट दुनिया के कमोबेश सभी देशों में पहुंच चुका है। एक बार फिर हर तरफ त्राहिमाम-त्राहिमाम मचा हुआ है। क्या इस स्थिति को टाला जा सकता था?

आज की मंडे मेगा स्टोरी में हम अमीर देशों की वादाखिलाफी और वैक्सीन कंपनियों के लालच की पूरी कहानी बता रहे हैं। कैसे अमीर देशों ने अपने घर वैक्सीन से भर लिए और गरीब देश आज भी एक-एक डोज को तरस रहे हैं। 10 ग्राफिक्स से गुजरते हुए साफ हो जाएगा कि ओमिक्रॉन आया नहीं, बुलाया गया है...

ग्राफिक्सः पुनीत श्रीवास्तव