भास्कर इंटरव्यूगांधी परिवार और राहुल ही हमारे नेता:खड़गे पर सलमान खुर्शीद बोले- सिर्फ पार्टी चलाने के लिए फुल टाइम अध्यक्ष की जरूरत थी

नई दिल्ली5 महीने पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर
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'गांधी परिवार हमारा नेता है, राहुल गांधी हमारे नेता हैं और वो रहेंगे। पार्टी को चलाने के लिए एक फुल टाइम अध्यक्ष की जरूरत थी, जो सिर्फ यही काम करे।’ - सलमान खुर्शीद

ये बात कांग्रेस के सीनियर लीडर सलमान खुर्शीद ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सवाल पर कही। सवाल था कि पार्टी के नए अध्यक्ष गांधी परिवार से बाहर से हैं। आप इस बदलाव को किस तरह देखते हैं?

सलमान खुर्शीद इन दिनों राहुल गांधी की तुलना राम से करने की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने ये बयान 26 दिसंबर को अमरोहा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया था। उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, तो UP में कब आएंगे?

जवाब देते हुए उन्होंने कहा- 'हमेशा भगवान राम नहीं पहुंच पाते हैं, तो भरत उनकी खड़ाऊ लेकर चलते हैं। खड़ाऊ लेकर हम उत्तर प्रदेश में चले हैं। उत्तर प्रदेश में खड़ाऊ पहुंच गई हैं, तो रामजी भी पहुंचेंगे।'

यहीं से विवाद शुरू हो गया। खबरें चलीं कि सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी को राम बताया है। राम का नाम आया तो BJP हमलावर हो गई।

सलमान खुर्शीद बुधवार को दिल्ली में थे। हमने उनसे पूछा कि उनके बयान का मतलब क्या था। उन्होंने जवाब दिया- 'मैंने राहुल को राम कहा ही नहीं।' साथ में जोड़ा कि 'मुझे भगवान राम का नाम लेने की मनाही है। अगर मैं बोल देता कि मोदीजी में भगवान दिखते हैं तो मेरा स्वागत होता।'

सलमान खुर्शीद का पूरा इंटरव्यू, उन्होंने अपने बयान पर विवाद से लेकर भारत जोड़ो यात्रा, चुनाव और RSS-BJP तक हर ऐसे मुद्दे पर बात की…

सवाल: अमरोहा में आपने राहुल की तुलना भगवान श्रीराम से की। अगर राहुल गांधी राम हैं, तो लक्ष्मण और हनुमान कौन हैं?
जवाब:
मैंने राहुल को भगवान राम नहीं कहा। लक्ष्मण और हनुमान कौन हैं, वो मैं नहीं बताऊंगा, मैं पूरी रामायण लिखने नहीं बैठा हूं। मैंने कहा- भगवान राम का धरती पर जो जीवन था, जिसमें उन्होंने 14 साल का वनवास बिताया और रावण को युद्ध में हराया। उस संदर्भ में मैंने राहुल के लिए राम का इस्तेमाल किया था। मैंने यही कहा था कि जिस तरह भरत राम की खड़ाऊ लेकर उनका संदेश लाते हैं, इसी तरह हम कांग्रेसी भी राहुलजी का संदेश लेकर आते हैं।

सवाल: इसके बाद आपने कहा राहुल गांधी महामानव हैं, योगी की तरह तपस्या कर रहे हैं। ऐसा तो नहीं है कि पहली बार कोई इतनी लंबी पद यात्रा कर रहा है।
जवाब:
राहुल गांधी महामानव हैं, क्योंकि उन्हें सर्दी नहीं लगती। हम घरों के अंदर जैकेट पहने हुए हैं, वो बाहर सड़कों पर टीशर्ट में पैदल चल रहे हैं और ऐसा नहीं लगता कि उन्हें ठंड लग रही है। इसलिए मैंने उन्हें ‘सुपर ह्यूमन’ कहा। अगर किसी और को ये बात नहीं जमती, तो वो न माने, लेकिन मेरा यही मानना है

सवाल: UPA सरकार ने, जिसमें आप मंत्री थे, रामसेतु पर दिए हलफनामे में राम को काल्पनिक बताया था, आप राहुल के लिए राम का उदाहरण दे रहे हैं, ये कैसा विरोधाभास है?
जवाब:
मुझे नहीं मालूम कि किसने ऐसा कहा। इस देश की भगवान राम में आस्था है, इसलिए उसका सम्मान करना जरूरी है। कांग्रेस पार्टी ने ऑफिशियली कभी ये नहीं कहा कि भगवान राम काल्पनिक थे। हम हर धर्म और आस्था का सम्मान करते हैं।

सवाल: आपके बयान को कांग्रेस की सॉफ्ट हिंदुत्व की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो BJP खुलकर करती है, क्या कांग्रेस वही दबे पांव करने की कोशिश कर रही है?
जवाब:
आप रामलीला देखते हैं, तो क्या आप सॉफ्ट हिंदुत्व करते हैं। मैं राजनीतिज्ञ के अलावा वकील और आम आदमी भी हूं। भारत जोड़ो यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। ये आम जनता की भावनाओं को जोड़ने की यात्रा है। मैं हिंदू ही नहीं तो क्यों सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति करूंगा। मैं देश की सभ्यता का पूरा सम्मान करता हूं।

सवाल: अभी मैं बिहार में था, वहां एक ड्राइवर से भारत जोड़ो यात्रा की बात की, उसे पता नहीं नहीं था कि राहुल पूरी यात्रा पैदल कर रहे हैं। क्या ये कांग्रेस का खराब कम्युनिकेशन नहीं है?
जवाब:
मैंने राहुल के बारे में जो बयान दिया, उसके बाद मीडिया में इतनी चर्चा हो रही है। हम जानते हैं कि बात को लोगों तक कैसे पहुंचाया जाता है। अगर कोई अपनी आंखों पर पट्टी बांध ले तो इसमें किसका दोष है।

सवाल: भारत जोड़ो यात्रा UP जाने वाली है, अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने कहा कि उन्हें नहीं बुलाया गया। क्या कांग्रेस ‘एकला चोलो रे’ के मूड में है?
जवाब: मायावतीजी को मैंने खुद फोन करके भारत जोड़ो यात्रा के लिए न्योता दिया है। उन्होंने राहुल को शुभकामनाएं दी हैं। अगर अखिलेश और जयंत को न्योता नहीं मिला तो हम उनसे बात कर लेंगे।

सवाल: आपने अपनी किताब में हिंदुत्व की तुलना ISIS और बोको हरम से की थी, क्या इस पर कायम हैं?
जवाब: मेरी हिंदुत्व से कोई दुश्मनी नहीं है। हिंदुत्व में अगर कोई अच्छी बात है, तो हमें वो भी माननी चाहिए। राहुल कहते हैं कि RSS से लड़ना है, इसका मतलब ये है कि RSS की जिस कार्यशैली से देश का नुकसान होता है, हमें उसका विरोध करना है।

सवाल: क्या मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने से पार्टी में कुछ बदला है?
जवाब: गांधी परिवार हमारा नेता है, राहुल गांधी हमारे नेता हैं और वो रहेंगे। उनकी यात्रा में जो रिस्पॉन्स देख रहे हैं, वो बात स्पष्ट करती है कि वो नेता हैं। पार्टी को चलाने के लिए एक फुल टाइम अध्यक्ष की जरूरत थी, जो सिर्फ यही काम करे। और जो बहुत बड़े काम करने हैं, वो हमारे नेता करते रहेंगे। ऑर्गेनाइजेशन की देखरेख के लिए अध्यक्ष के साथ एक टीम रहेगी। ये टीम बन रही है।

सवाल: आप विदेश मंत्री रहे हैं, अभी भारत और चीन में तनाव चल रहा है, इस पर क्या कहेंगे?
जवाब: अगर मैं इस पर कुछ कहूंगा तो बोला जाएगा कि हम देश का मनोबल तोड़ रहे हैं। हम सैनिकों का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं। चीन कोई आसान समस्या नहीं है। उसका समाधान झूला झूलकर नहीं निकाला जा सकता। चीन ये क्यों कर रहा है, उसे समझना होगा। चीन ने भारत छोड़कर सभी पड़ोसियों से समझौते कर लिए हैं।

सवाल: RSS मुस्लिम और ईसाई समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश करते दिख रहा है, इसे कैसे देखते हैं?
जवाब: RSS-BJP के नेता पहले मोदीजी को समझाएं। उनके मंत्रियों को समझाएं। वोटों के लिए तो ये करना ठीक है, लेकिन क्या इन समुदायों को वो सम्मान भी मिलेगा? मुझे तो भगवान राम का नाम लेने की मनाही है। अगर मैं ये बोल देता कि मोदीजी में भगवान दिखते हैं, तो मेरा स्वागत होता।

सवाल: एक आम मुसलमान इस वक्त देश के सियासी हालात को कैसे देख रहा है?
जवाब: मेरा ये मानना है कि मुसलमान सहमा और परेशान है। उन्होंने पहले जिन्हें वोट दिया, उससे निराश भी है। मुसलमान को महसूस होना चाहिए कि सरकार में हमारी भी भागीदारी है। जरूरत है कि इस देश में सभी को बराबरी की नजर से देखा जाए।

सवाल: क्या राहुल गांधी की PM पद की उम्मीदवारी पर पार्टी एकराय है?
जवाब: कांग्रेस पार्टी के नेता ही इस बारे में फैसला करेंगे।

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