• Hindi News
  • Db original
  • Started Herbal Tea And Healthy Breakfast A Year Ago; Now Thousands Of Orders Are Being Received Every Month, Turnover Reached 10 Million Annually

आज की पॉजिटिव खबर:जम्मू की रिद्धिमा ने सालभर पहले हर्बल टी का स्टार्टअप शुरू किया; अब हर महीने हजारों ऑर्डर मिल रहे, सालाना एक करोड़ टर्नओवर

नई दिल्ली10 महीने पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र
  • कॉपी लिंक
जम्मू की रहने वाली रिद्धिमा अरोड़ा ने कई बड़ी कंपनियों में काम किया। अब वे खुद का स्टार्टअप चला रही हैं। - Dainik Bhaskar
जम्मू की रहने वाली रिद्धिमा अरोड़ा ने कई बड़ी कंपनियों में काम किया। अब वे खुद का स्टार्टअप चला रही हैं।

आज की पॉजिटिव खबर में बात जम्मू की रहने वाली रिद्धिमा अरोड़ा की। रिद्धिमा ने एक साल पहले ही अपना स्टार्टअप शुरू किया है। अभी वे हर्बल चाय, जल्दी तैयार होने वाले ब्रेकफास्ट मिक्स और इम्युनिटी बढ़ाने वाले प्रोडक्ट्स का बिजनेस कर रही हैं। महज एक साल में ही उनके हजारों ग्राहक हो गए हैं। श्रीनगर, दिल्ली, मुंबई सहित देशभर में वे अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने विदेशों में भी प्रोडक्ट भेजना शुरू किया है। पिछले साल उनका टर्नओवर एक करोड़ रुपए रहा था।

29 साल की रिद्धिमा ने 2013 में इंजीनियरिंग करने के बाद 2015 में MBA किया। पढ़ाई के दौरान ही उनका एक मल्टीनेशनल कंपनी में कैंपस प्लेसमेंट हो गया। इसके बाद उन्होंने कई अलग-अलग कंपनियों में पांच साल तक काम किया।

पापा की तबीयत खराब हुई तो आयुर्वेद की तरफ शिफ्ट हो गईं

रिद्धिमा की टीम में अभी 20 लोग काम कर रहे हैं, जो प्रोडक्ट तैयार करने से लेकर मार्केटिंग तक का काम करते हैं।
रिद्धिमा की टीम में अभी 20 लोग काम कर रहे हैं, जो प्रोडक्ट तैयार करने से लेकर मार्केटिंग तक का काम करते हैं।

रिद्धिमा कहती हैं कि नौकरी के दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था। सैलरी और पोजिशन दोनों अच्छी थी, लेकिन मैं कुछ इनोवेटिव करने के बारे में सोचती रहती थी। हालांकि कुछ तय नहीं कर पा रही थी। इसी बीच मेरे पापा की तबीयत खराब हो गई। उन्हें लिवर सिरोसिस की बीमारी हो गई। उनकी हालत दिन-ब-दिन खराब हो रही थी। कोई परमानेंट इलाज भी नहीं था। कई दिनों तक मैं परेशान रही, समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं।

वे कहती हैं कि मैं अलग-अलग डॉक्टरों से मिली तो पता चला कि खानपान बेहतर हो तो इसे बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। चूंकि मेरी फैमिली में पहले से आयुर्वेदिक प्रोडक्ट और दवाओं का इस्तेमाल होता रहा है। मेरे दादा जी को आयुर्वेद की अच्छी जानकारी थी। पापा का भी आयुर्वेद से लगाव रहा। इसको देखते हुए मैंने पापा को अलग-अलग हर्बल टी और ट्रेडिशनल फूड्स देना शुरू कर दिया। हमने मार्केट से प्रिजर्वेटिव वाले फूड्स प्रोडक्ट लेना बंद कर दिया। इसका फायदा ये हुआ कि तीन महीने के भीतर ही पापा की तबीयत में काफी सुधार हो गया। तभी मेरे मन में ख्याल आया कि मुझे इस काम को लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

जनवरी 2020 में लॉन्च किया पहला प्रोडक्ट

प्रोडक्ट तैयार करने के बाद मशीन की मदद से उसकी पैकेजिंग होती है, फिर उसे मार्केट भेजा जाता है।
प्रोडक्ट तैयार करने के बाद मशीन की मदद से उसकी पैकेजिंग होती है, फिर उसे मार्केट भेजा जाता है।

रिद्धिमा ​​​​​​बताती हैं कि कई दिनों तक मैंने मार्केट रिसर्च किया। अलग-अलग प्रोडक्ट के बारे में जानकारी जुटाई। इस फील्ड में काम करने वाले लोगों से मिली। साथ ही मैंने तीन महीने का आयुर्वेदिक सर्टिफिकेट कोर्स भी किया। इसके बाद 2019 में नौकरी छोड़ दी और अपने आइडिया पर इम्प्लीमेंट करना शुरू किया। और जनवरी 2020 में नम्या फूड्स नाम से अपना पहला प्रोडक्ट लॉन्च किया। ये प्रोडक्ट था हर्बल चाय, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। रिद्धिका बताती हैं कि जिन-जिन लोगों को मैंने यह प्रोडक्ट भेजा, उन्होंने अच्छा रिस्पॉन्स दिया।

स्थानीय किसानों से खरीदती हैं जड़ी बूटियां

रिद्धिमा ​​​​​कहती हैं कि ज्यादातर लोगों को जल्दी तैयार होने वाले प्रोडक्ट खरीदने की आदत होती है, लेकिन वे यह नहीं देखते कि उसमें किन-किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है। कई बार इन प्रोडक्ट्स में हानिकारक चीजें मिली हुई होती हैं। इसलिए मैंने सबसे पहले उन किसानों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया जो जड़ी-बूटियों की खेती करते थे। चूंकि पापा पहले से आयुर्वेद से जुड़े थे तो मुझे ऐसे किसानों को ढूंढने में बहुत दिक्कत नहीं हुई। और जल्द ही हमने ऐसे किसानों की एक चेन तैयार कर ली जो जड़ी-बूटियां उगाते थे। अब रिद्धिमा किसानों से देसी जड़ी-बूटियां खरीदती हैं और उन्हें उसका भुगतान करती हैं। इससे उन्हें भी फायदा हो रहा है।

कैसे तैयार करती हैं प्रोडक्ट?

रिद्धिमा अपने सभी प्रोडक्ट नैचुरल तरीके से तैयार करती हैं। वे इसमें किसी तरह की प्रिजर्वेटिव्स नहीं मिलाती हैं।
रिद्धिमा अपने सभी प्रोडक्ट नैचुरल तरीके से तैयार करती हैं। वे इसमें किसी तरह की प्रिजर्वेटिव्स नहीं मिलाती हैं।

रिद्धिमा स्थानीय किसानों से जड़ी बूटियां खरीदती हैं और फिर उनसे प्रोडक्ट तैयार करती हैं। वे बताती हैं कि हम सबसे पहले जड़ी-बूटियों के छाल निकालकर धूप में सुखाते हैं। इसके बाद इन्हें टूकड़ों में काट लेते हैं। फिर ब्लेंडिंग, मिक्सिंग और अंत में पैकेजिंग का काम होता है। इसके लिए हमने प्रोसेसिंग यूनिट भी लगवाई है। जहां इन प्रोडक्ट्स को तैयार करने के लिए अलग-अलग मशीनें लगी हैं।

अभी रिद्धिमा​​​​​​​ दो दर्जन से ज्यादा प्रोडक्ट्स तैयार कर रही हैं। इनमें एक दर्जन से ज्यादा हर्बल टी की वैरायटी है। जिसमें हार्ट टी काफी पॉपुलर है। यह हॉर्ट संबंधी बीमारियों के लिए काफी फायदेमंद है। इसके साथ ही वे हल्दी लाटे पाउडर, बाजरे से बना ब्रेकफास्ट मिक्स, स्नैक्स और बच्चों के लिए हेल्दी फूड्स तैयार कर रही हैं। हर महीने हजारों ऑर्डर आते हैं। उन्होंने अपने साथ 20 लोगों को रोजगार भी दिया है, जो प्रोडक्ट तैयार करने से लेकर मार्केटिंग तक का काम संभालते हैं।

खबरें और भी हैं...