करिअर फंडामंगोलों के इतिहास से मॉडर्न लाइफ में 5 सबक:एकता बनाए रखें, इनोवेटिव रहें और परिवर्तन को स्वीकार करें

2 महीने पहले

'क्रोध में किया गया कार्य विफलता के लिए अभिशप्त क्रिया है।'

- चंगेज खां

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घोड़ों पर सवार, नोमैडिक ट्राइब बनी विश्व-विजेता

यदि कोई आप से कहे कि मध्ययुग में जब लोग घोड़ों पर बैठ कर ट्रैवल किया करते थे, कोई साम्राज्य यूरोप से लेकर चीन तक फैला हुआ था, वो भी दस-बारह सालों के लिए नहीं बल्कि 200 सालों के लिए, तो क्या आप यकीन कर पाएंगे? नहीं ना, लेकिन ऐसा एक साम्राज्य विश्व में 13वीं शताब्दी से 15वीं शताब्दी तक रहा है।

जी हां, मंगोलों का। चंगेज खां के ऊपर दिए गए विचार पर ही गौर कीजिए। जैसी इमेज आप के दिमाग में चंगेज खां की है, उन्होंने ऐसा कहा होगा?

हिंसा की दास्तां, लेकिन बहुत कुछ अच्छा भी

मंगोल टेंग्री धर्म मानते थे, जिसमें प्रकृति पूजा होती है (वे मुस्लिम नहीं थे)। हिस्ट्री में मंगोलों के अत्याचार, पूरे शहर जला डालना जैसे किस्से भरे पड़े हैं, लेकिन हिंसा के अलावा कुछ पॉजिटिव लेसन आज के प्रोफेशनल्स (और कॉर्पोरेट) मंगोलों से सीख सकते हैं।

मंगोलियाई इतिहासकार राशिद-अल-दीन की 14वीं सदी की इस पेंटिंग में चंगेज खां को बीच में सिंहासन पर दिखाया गया है। इसमें वह अपने बेटे ओगेदेई को उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा कर रहा है।
मंगोलियाई इतिहासकार राशिद-अल-दीन की 14वीं सदी की इस पेंटिंग में चंगेज खां को बीच में सिंहासन पर दिखाया गया है। इसमें वह अपने बेटे ओगेदेई को उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा कर रहा है।

ऐतिहासिक मंगोलों से मॉडर्न लाइफ में 5 बड़े सबक

मंगोलों पर रिसर्च के दौरान मैंने महसूस किया कि उनके काम करने के तरीकों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है:

1) यूनिटी या एकता: मंगोल बेसिकली एशिया के घास के मैदानों में रहने वाले छोटे-छोटे झुंड थे, जो तेमुजिन नामक एक लीडर के झंडे तले एक होते हैं और उस समय के सबसे ताकतवर साम्राज्यों जैसे चीन, पर्शिया से लेकर यूरोप तक अपना साम्राज्य बना लेते हैं। तेमुजिन को सारे झुंडों का सरदार मानते हुए - चंगेज खां का सम्मानजनक नाम दिया गया।

कई लोग मानते हैं, मंगोलिया के झुंड को एक साथ इकठ्ठा करना चंगेज खां की सबसे बड़ी सफलता थी। एक होने के बाद बड़े-बड़े साम्राज्यों को जीतने से भी बड़ी। इसी प्रकार कॉर्पोरेट ग्रुप्स कम्पनी के भीतर और इंडस्ट्री स्तर पर भी एकता को बढ़ावा दे कर सफलता हासिल कर सकते हैं। इंडस्ट्री स्तर पर ऐसा समान वर्क एरियाज की कंपनियों का एसोसिएशन या यूनियन बना कर किया जा सकता है। लेसन - यूनिटी इस स्ट्रेंथ, और डिसयूनिटी डिजास्टर।

2) इनोवेशन: मंगोल उस समय की दुनिया के लिए कई नई चीजें लेकर आए, जिनमें से कुछ आज भी रेलेवेंट (प्रासंगिक) हैं। इनमें प्रमुख थे (i) युद्ध लड़ने के नए तरीके जिनमें छोटे धनुष का उपयोग जिन्हें चलते हुए घोड़ों पर से चलाया जा सकता था, (ii) ट्रांसपोर्टेशन का उस समय का सबसे फास्ट तरीका (हर मंगोल अपने साथ दो से ज्यादा घोड़ों को रखता था, एक पर वह सवारी करता था और दूसरे को खाली रखा जाता था; जब पहला थक जाता तो दूसरे पर सवारी की जाती) जिससे इनकी आर्मी कई बार तो उस समय के स्टैंडर्ड्स के हिसाब से आधे समय में ट्रैवल कर के दुश्मनों को चौंका देती थी, (iii) सप्लाई लाइन का ना होना, मंगोल अपने साथ खाने-पीने का सारा सामान लेकर चलते थे, उनके कारवां में भेड़, बकरियां वगैरह सभी कुछ होता था, इसके अलावा वे लोकल मिलने वाली चीजों का उपयोग करते थे, (iv) अटैक एंड रिट्रीट की टेक्नीक, इत्यादि थे। लेसन: नए तरीके हमेशा आपको अपने कॉम्पिटिटर पर लीड लेने में मदद करते हैं।

3) समय के साथ बदलना, नई चीजों को अपनाने के लिए खुली सोच: अधिकतर मंगोल झुंड पहले टेंग्री धर्म को मानते थे, लेकिन समय के साथ उन्होंने इस्लाम को स्वीकार करना शुरू किया। चंगेज खां ने अपनी ओफिशियल लिपि (स्क्रिप्ट) के रूप में चाइनीज वीघर (Uighur) लिपि को मान्यता दी। मंगोलों के क्रूर हत्यारा होने के साथ ही यह बात भी सही है कि वे टैलेंट की कद्र करते थे और टैलेंटेड लोगों जैसे कलाकारों, लेखकों, अकाउंटेंट्स आदि को नहीं मारते थे, और उन्हें नौकरी पर रख लेते थे। लेसन: टैलेंट को साथ रखना, उसकी कद्र करना, और आगे बढ़ाना लाभदायक है।

4) परिवर्तन जीवन का एकमात्र सत्य: मंगोलों का साम्राज्य लगभग पूरे एशिया पर, 200 वर्षों तक रहा (और बाद में भी), लेकिन आज मंगोलिया एक मार्जिनल देश है। यह मंगोलों के इतिहास से सभी के लिए सबसे बड़ा सबक है। परिवर्तन प्रकृति की नियम है, जैसा आज है, वैसा कल नहीं रहेगा, इस बात की मानसिक तैयारी किसी भी व्यक्ति के लिए जरूरी है। (भारत वैसे लकी रहा, क्योंकि मंगोलों के अनेक बड़े हमले दिल्ली सल्तनत के अल्लाउद्दीन खिलजी ने सफल नहीं होने दिए।) लेसन: हर साम्राज्य का अंत निश्चित है, तैयारी कर लें।

5) सक्सेशन या उत्तराधिकार योजना: बड़े-बड़े साम्राज्यों जिनके बारे में हमें पढ़ाया गया है, को याद करें – (i) एलेक्जेंडर द ग्रेट: साम्राज्य- यूरोप में मेसेडोनिया से लेकर सिंधु नदी तक, लेकिन साम्राज्य उसके मृत्यु के तुरंत बाद सेनापतियों में बंट गया; (ii) नेपोलियन बोनापार्ट, साम्राज्य- लगभग पूरा यूरोप, लेकिन उसके जीवनकाल में ही साम्राज्य समाप्त होने लगा, (iii) मौर्य साम्राज्य भारत: अंतिम राजा बृहद्रथ के हत्या उसी के मिलिट्री कमांडर पुष्यमित्र शुंग ने कर दी, और मौर्य समाप्त हो गए, आदि, लेकिन मंगोलों का साम्राज्य इनसे कहीं बड़ा होने के बावजूद लगभग 200 सालों से अधिक तक बना रहा, कारण है चंगेज खां की उत्तराधिकार योजना, जिसने अपने जीवनकाल में ही अपने चार बेटों ओगदेई, तोलुई, जोची और चगताई को साम्राज्य के विभिन्न भागों की जिम्मेदारी देना शुरू कर दिया था। लेसन: कॉर्पोरेट्स ग्रुप्स सक्सेशन प्लानिंग करें (मुकेश अम्बानी ने इस वर्ष अपने व्यवसाय के विभिन्न भागों की जिम्मेदारी अपने बच्चों में बांट दी है)।

तो आज का करिअर फंडा ये है कि अमर एतिहासिक सबक हमें आज की प्रोफेशनल और कॉर्पोरेट लाइफ में प्रेरणा दे सकते हैं।

कर के दिखाएंगे!

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