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दक्षिण में सियासत को सादगी पसंद है:कोच्चि के मास्को में रहने वाले BJP प्रत्याशी के पास न खुद की कार है, न घर; दोस्तों की कार से कर रहे हैं प्रचार

कोच्चि10 महीने पहलेलेखक: गौरव पांडेय
  • सीजी राजागोपाल एर्नाकुलम सीट से संभावित उम्मीदवार हैं; वे कलूर इलाके में रहते हैं जिसे लेफ्ट पार्टियों के दबदबे के कारण मास्को बोला जाता है
  • राजागोपाल के घर पर कार्यकर्ताओं का न कोई जमावड़ा रहता है, न बाहर कारों का काफिला, पार्टी मीटिंग के लिए भी अकेले ही निकल पड़ते हैं

उत्तर भारत में चुनाव आते ही नेता अभिनेता जैसे दिखने लगते हैं। घर पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा होता है। बाहर निकलते हैं तो साथ में लग्जरी गाड़ियों के काफिले होते हैं। लेकिन केरल की कहानी इससे उलट है। केरल में ज्यादातर नेता उत्तर भारतीय लीडरशिप स्टारडम से बहूत दूर नजर आते हैं।

आइए केरल के ऐसे ही एक सादगी पसंद सियासतदार से आपको रूबरू कराते हैं। जिनका नाम है- सीजी राजागोपाल, लेकिन लोग इन्हें मुत्थू के नाम से ज्यादा जानते हैं। मुत्थू कोच्चि के कलूर इलाके में रहते हैं, जो एर्नाकुलम विधानसभा सीट में आता है। कलूर इलाके में लंबे समय से लेफ्ट पार्टियों का दबदबा है, इसके चलते इसे कोच्चि का मास्को कहा जाता है। कोच्चि भी एर्नाकुलम जिले का ही हिस्सा है, लेकिन कोच्चि शहर के विस्तार से एर्नाकुलम बस नाम के लिए ही बचा है।

मुत्थू 2011 और 2019 के उपचुनाव में BJP के टिकट पर एर्नाकुलम सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। और एक बार फिर विधानसभा चुनाव में इसी सीट से BJP के संभावित उम्मीदवार हैं। उनका नाम तय है। इसके अलावा वह BJP के स्टेट सेंट्रल जोनल सेक्रेटरी भी हैं। मुत्थू विधानसभा के उपचुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे।

मुत्थू 2011 और 2019 के उपचुनाव में BJP के टिकट पर एर्नाकुलम सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे किराये के मकान में रहते हैं।
मुत्थू 2011 और 2019 के उपचुनाव में BJP के टिकट पर एर्नाकुलम सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे किराये के मकान में रहते हैं।

इतना कुछ होने के बाद भी मुत्थू के घर पहुंचने पर लगता ही नहीं कि यह किसी नेशनल पार्टी के नेता का घर है और जो चुनाव लड़ने जा रहा है। घर के बाहर दो स्कूटी खड़ी हैं। मुत्थू घर के ड्राइंग रूम में अकेले बैठकर काम कर रहे हैं। मुझे देखते ही दूर से ही नमस्ते करते हैं और सामने पड़े सोफे पर बैठने का इशारा करते हैं। सामने टेबल पर दो-तीन अंग्रेजी की किताबें पड़ी हैं। इस सबके बीच लगातार फोन भी आ-जा रहे हैं। बीच में ही पत्नी से 100 रुपए मांगकर किसी को ऑटो का किराया देने के लिए भी कहते हैं। पत्नी घर के किचन में काम निपटा रही हैं।

जनता मेरी मित्र है, वो खुद ही कार लेकर आ जाती है

मुत्थू के पास अपनी खुद की कार नहीं है और न ही निजी घर है, वे किराये के मकान में रहते हैं। कहते हैं इसे मेरे मित्र ने दिया है। बिना कार के कैसे प्रचार करते हैं? इस सवाल पर मुत्थू कहते हैं कि यहां कि जनता मेरी मित्र है, वो खुद ही कार लेकर आ जाती है। वे कहते हैं कि जिस इलाके में मैं रहता हूं। इसे लोग कोच्चि का मास्को भी कहते हैं, क्योंकि ये कम्यूनिस्टों का किला जैसा है। पहले तो यहां कोई BJP का झंडा भी नहीं लगा सकता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है, अब यहां बगल के पार्क में संघ की शाखा भी लगती है।

मुत्थू के घर पहुंचने पर लगता ही नहीं कि यह किसी नेशनल पार्टी के नेता का घर है और जो चुनाव लड़ने जा रहा है।
मुत्थू के घर पहुंचने पर लगता ही नहीं कि यह किसी नेशनल पार्टी के नेता का घर है और जो चुनाव लड़ने जा रहा है।

इसी बीच मैंने मुत्थू से BJP और उनकी चुनावी तैयारियों के बारे में पूछा। इस पर मुत्थू कहने लगे, देखिए हम केंद्र सरकार की योजनाओं और मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ रहे हैं। हम लोगों को घर-घर जाकर बता रहे हैं कि कैसे राज्य सरकार ने केंद्र की योजनाओं के नाम बदल डाले हैं। कैसे केंद्र के पैसे का क्रेडिट खुद विजयन सरकार ले रही है। इस चुनाव में यहां करप्शन ही सबसे बड़ा मुद्दा है। CPM सिर्फ अपने लोगों को नौकरी दे रही है, यहीं नहीं केरल का कल्चर खत्म करने में भी जुटी है, वे लोग तो माता अमृतानंदमयी जैसे आध्यात्मिक धर्म गुरुओं को भला-बुरा भी कह रहे हैं।

वॉट्सऐप ग्रुप का भी सहारा ले रहे हैं

यह पूछने पर कि BJP राज्य में कितनी सीट जीतने जा रही है, मुत्थू कहते हैं कि हम डबल डिजिट में इस बार जरूर पहुंचेंगे। और हो सकता है कि हम सरकार बनाने में भी अहम रोल निभाएं। BJP डिसाइडिंग फैक्टर बनेगी। बड़ी संख्या में यूथ हमसे जुड़ रहे हैं। BJP की विजय यात्रा में भी अच्छी-खासी भीड़ आ रही है। हम लोगों तक पहुंचने के लिए डोर टू डोर कैम्पेन कर रहे हैं। 2 से 3 बूथों को मिलाकर शक्ति केंद्र बना रहे हैं। वॉट्सऐप ग्रुप का भी सहारा ले रहे हैं। हर गांव में 2 से 3 वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। इनके नाम नमो ग्रुप, नमो भारत, ज्वाला ग्रुप आदि हैं।

मुत्थू अपना काम खुद ही करते हैं। तस्वीर में वे कपड़ा प्रेस करते हुए दिख रहे हैं।
मुत्थू अपना काम खुद ही करते हैं। तस्वीर में वे कपड़ा प्रेस करते हुए दिख रहे हैं।

इसी सबके बीच मुत्थू पत्नी को ब्लैक टी पिलाने के लिए आवाज लगाते हैं। पत्नी का किचन से ही जवाब आता है, ओके। मुत्थू के हाथ में काफी देर से डायरी और कुछ चेक हैं, इसको लेकर सवाल पूछने पर बताते हैं कि यह तो राम मंदिर के लिए मिला हुआ समर्पण है। मैंने कहा- अच्छा चंदा है...। इस पर तुरंत बोलते हैं नहीं...नहीं चंदा नहीं, इसे हम केरल में समर्पण बोलते हैं। मेरे पास देखिए आज ही नॉर्थ इंडिया एसोसिएशन ने 5 लाख रुपए की समर्पण रकम भेजी है, 11 लाख रुपए का भी चेक आया है। उसी की डिटेल्स मेनटेन करने में लगा हूं। यहां क्रिश्चियन कम्युनिटी ने भी राम मंदिर के लिए समर्पण किया है। केरल से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा समर्पण रकम जुटाई जा चुकी है।

पत्नी कहती हैं- मुझे लगता है LDF फिर सरकार बना लेगी

मुत्थू किसी का फोन आता है तो मलायम और अंग्रेजी में बात करते हैं, लेकिन मुझसे हिंदी में भी बातचीत करने में सहज हैं। कहते हैं- यह पत्नी का असर है। दरअसल, उनकी पत्नी सविता यहीं एर्नाकुलम में CBSE बोर्ड के टॉक एच प्राइमरी स्कूल में हिंदी की टीचर हैं। इसी बीच पत्नी ब्लैक टी लेकर आती हैं। केरल में किसकी सरकार बनने जा रही है? इस बात का जिक्र आते ही सविता दूर से ही बोल पड़ती हैं, मुझे लगता है LDF फिर सरकार बना लेगी, क्योंकि फ्री राशन किट लोगों के लिए ब्लेसिंग का काम कर रही है। जिनके पास आमदनी नहीं है, वो तो इसीलिए LDF को वोट करते हैं न।

मुत्थू की पत्नी सविता किचन में काम कर रही हैं। वे एर्नाकुलम में CBSE बोर्ड के एक प्राइमरी स्कूल में हिंदी की टीचर हैं।
मुत्थू की पत्नी सविता किचन में काम कर रही हैं। वे एर्नाकुलम में CBSE बोर्ड के एक प्राइमरी स्कूल में हिंदी की टीचर हैं।

किट में क्या होता है? इस सवाल पर सविता कहती हैं कि एक ही किट में सरकार पूरे महीने का राशन जैसे- चावल, उड़द, बीट पाउडर, नमक, चीनी, तेल, मसाला सबकुछ दे देती है। यदि चावल लेते हैं तो 94 रुपए देने होते हैं, नहीं तो बिल्कुल फ्री होता है। यह सबको मिलता है, बस राशन कार्ड होना चाहिए, ये कार्ड सिर्फ महिलाओं के नाम पर ही बनता है।

इसी दौरान दो लोग मुत्थू से मिलने उनके घर आते हैं, मुत्थू उनसे परिचय कराते हुए बोलते हैं ये मेरे मित्र हैं, इनमें से देखिए एक क्रिश्चियन हैं। क्रिश्चियन मित्र का नाम बिनु एंथोनी है। वह बिजनेस करते हैं। BJP का जिक्र करने पर बिनु कहते हैं- यहां BJP के पास कोई ऐसा स्टेट लीडर नहीं है, जिसके चेहरे पर भीड़ आए। केवल मोदी ही फेस हैं। वैसे मैं पर्सनली कांग्रेस को सपोर्ट करता हूं, लेकिन मेरे मित्र मुत्थू लड़े तो मैं इन्हें ही वोट करूंगा।

दूसरे मित्र का नाम प्रवीन है, वे मुस्कुराते हुए कहते हैं-मेरी बात मुत्थू को अच्छी नहीं लगेगी, लेकिन यहां LDF की ही सरकार बनेगी। इसी बीच मुत्थू चलने का इशारा करते हैं और कहते हैं चलिए मैं आपको होटल छोड़ देता हूं। सब बाहर निकलते हैं, पत्नी सबिता भी गेट तक छोड़ने के लिए आती हैं। तभी दोस्त की कार में हम सब बैठ कर निकल पड़ते हैं। मुत्थू पूरे रास्ते भी फोन पर ही व्यस्त रहते हैं। उन्हें कहीं पार्टी मीटिंग में जाना था।

अपने घर में पूजा करते हुए मुत्थू। राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने में भी इनकी सक्रिय भूमिका रही है।
अपने घर में पूजा करते हुए मुत्थू। राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने में भी इनकी सक्रिय भूमिका रही है।
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