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कोरोना, शॉपिंग और 17 देशों पर सर्वे:दुनिया में सबसे ज्यादा शराब की खपत भारत में बढ़ी, इस दौरान सबसे ज्यादा पौष्टिक खाना खाने वाले भी भारतीय

एक महीने पहले

कोरोना महामारी के दौरान लोगों के शॉपिंग के तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। दुनिया के 17 देशों में कराए गए अंतरराष्ट्रीय सर्वे में यह बात कही गई है। इसके मुताबिक ये बदलाव लंबे समय तक जारी रह सकते हैं। संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए लगभग पूरे भारत में इस समय लॉकडाउन या कर्फ्यू जैसी स्थिति है, ऐसे में ये बदलाव और पुख्ता होने की उम्मीद है।

ग्लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी यूगाॉव (YouGov) ने यह सर्वे उन 17 देशों में कराया है, जिन्हें दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट माना जाता है। इस सर्वे में 18 हजार ग्राहकों को शामिल किया गया। सर्वे में ज्यादातर विकसित देश शामिल थे। वहीं मैक्सिको और भारत जैसे तेजी से बढ़ रहे बाजारों को भी इसमें शामिल किया गया। ऐसे देशों में भी सर्वे के दौरान शहरी जनसंख्या के खरीदारी के पैटर्न पर ज्यादा ध्यान दिया गया।

खाने में फल-सब्जी की मात्रा बढ़ी, जंक फूड हुआ कम
सर्वे में शामिल 66% भारतीयों ने खाने में पहले से ज्यादा फल-सब्जियां और डेयरी प्रोडक्ट शामिल करने की बात मानी। वहीं दुनिया में कुल 38% लोगों ने ऐसा करने की बात स्वीकार की। यानी दुनिया के मुकाबले भारत में करीब दोगुने लोगों ने संतुलित और स्वास्थवर्धक भोजन करना शुरू किया।

दुनिया के मुकाबले भारत में करीब दोगुनी संख्या में लोगों ने फास्ट फूड खाना भी कम किया है। दुनिया में जहां 28% लोगों ने ऐसा किया, वहीं भारत में 47% लोगों ने कहा कि महामारी के दौरान उन्होंने जंक फूड खाना कम कर दिया है। हालांकि भारत से अलग दुनिया में इस दौरान भी जंक फूड की मांग बढ़ती रही।

दुनिया में जहां 15% लोगों ने कहा कि उन्होंने पैकेज्ड फूड या रेडीमेड फूड खाना कम किया है, वहीं भारत में 32% लोगों ने ऐसा कहा।

महामारी के दौरान भारत में सबसे ज्यादा बढ़ी शराब की खपत
अच्छा खाने की कोशिश के बावजूद भारतीयों ने शराब का सेवन भी अधिक किया। भारत (29%) और चीन (27%) दो ऐसे मार्केट रहे, जहां सबसे ज्यादा लोगों ने महामारी के दौरान पहले के मुकाबले शराब की मात्रा बढ़ाने की बात कही।

वहीं पूरी दुनिया की बात करें तो सर्वे में शामिल 25% लोगों ने कहा कि उनकी शराब की खपत बढ़ी है। हालांकि करीब 20% ने यह भी कहा कि उनकी खपत घटी है।

घर से बाहर नहीं जा रहे लोग, घटी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की खरीद
लॉकडाउन जैसी स्थिति के चलते लोगों का बाहर आना-जाना कम हो गया है, जिसके चलते पूरी दुनिया में लोगों ने कम कॉस्मेटिक उत्पाद खरीदे। दुनिया में 33% लोगों ने ऐसी खरीदारी कम करने की बात कही और सिर्फ 10% लोग ऐसे रहे जिन्होंने ऐसे प्रोडक्ट ज्यादा खरीदने की बात मानी।

वहीं भारत में 36% लोगों ने कहा कि अब वे कम कॉस्मेटिक प्रोडक्ट खरीदते हैं।

भारत में लोगों ने छोटे बिजनेस को किया सपोर्ट
सर्वे के मुताबिक इस दौरान भी ग्राहकों ने घर के पास की दुकानों से ही चीजें मंगाना जारी रखा, जिससे ये छोटे बिजनेस बर्बाद होने से बच गए। सभी 17 देशों में 60% ग्राहकों ने कहा कि वे स्थानीय बिजनेस की मदद करना चाहते हैं और महामारी खत्म होने के बाद, वे इन्हीं से ज्यादातर चीजें खरीदेंगे।

इंडोनेशिया, मैक्सिको और भारत जैसे देशों में लोकल बिजनेस की मदद की ज्यादा प्रवृत्ति दिखी। इन सभी देशों में बड़ी मात्रा में किराने की दुकानें हैं और यही हमेशा से ग्राहकों की ज्यादातर जरूरतें पूरी करती आई हैं। सिर्फ भारत में ऐसी करीब 70 लाख दुकानें हैं। अगर इनमें केमिस्ट और पान की दुकानों को भी जोड़ लें तो यह संख्या 1 करोड़ से ज्यादा हो जाती है।

वहीं दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले सिंगापुर और हांगकांग जैसे अमीर एशियाई बाजारों में लोकल बिजनेस के लिए कम समर्थन देखने को मिला।

महामारी के दौरान लोगों ने लिस्ट बनाकर की शॉपिंग
पहले लोग जब जरूरत होती थी, तब ग्रॉसरी शॉपिंग करते थे और इस दौरान कई गैरजरूरी चीजें भी खरीद लेते थे, लेकिन महामारी के दौरान लोगों ने पहले से प्लानिंग करके और लिस्ट बनाकर शॉपिंग की। भारत के आसपास के देशों में यह ट्रेंड ज्यादा दिखा। ऐसी शॉपिंग में इंडोनेशिया (92%) और भारत (90%) के ग्राहक सबसे आगे रहे।

बहुत कम ग्राहकों ने ही कहा कि उन्होंने तब चीजें खरीदीं, जब उन्हें जरूरत महसूस हुई। अमेरिका (74%) में भी ऐसा करने वाले लोग बढ़े, लेकिन उनकी संख्या एशियाई बाजारों से कम ही रही। यूरोपीय देशों के बीच ऐसी प्लानिंग वाली शॉपिंग में बड़ा अंतर दिखा। इटली में जहां 95% लोगों ने लिस्ट बनाकर शॉपिंग की, वहीं डेनमार्क में ऐसा करने वालों की संख्या मात्र 69% रही।

कोरोना से चीनी ग्राहकों के शॉपिंग पैटर्न में सबसे कम बदलाव
सभी 17 देशों में जनसंख्या के एक बड़े हिस्से ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान उनकी खरीदारी की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। मैक्सिको में 83% लोगों की आदतों में बदलाव आया। जिसके बाद भारत में 81% लोगों ने कहा कि उनकी खरीदारी की आदत में बदलाव हुआ है।

वहीं चीनी बाजार ऐसे किसी बदलाव से सबसे कम प्रभावित रहा। जबकि यहां सबसे पहले कोरोना वायरस पाया गया था और साल 2020 की शुरुआत में यहां बहुत कड़ा लॉकडाउन लगा था। हालांकि तबसे चीनी अर्थव्यवस्था दूसरी किसी भी अर्थव्यवस्था से अच्छी हालत में रही है।

जर्मनी भी अन्य देशों के मुकाबले महामारी से अच्छे से निपटा, जिससे वहां भी चीन की तरह ही बहुत कम बदलाव देखे गए।