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आज की पॉजिटिव खबर:पति-पत्नी ने 2 साल पहले होममेड ऑनलाइन स्टार्टअप शुरू किया; आज हर महीने दो लाख रुपए कमा रहे, 5 लोगों को रोजगार भी दिया

मुंबई5 महीने पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र
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रोहन सोनलकर और रुचिरा। - Dainik Bhaskar
रोहन सोनलकर और रुचिरा।

मुंबई के रहने वाले रोहन सोनलकर और उनकी पत्नी रुचिरा सोनलकर मिलकर पिछले दो साल से होममेड ऑनलाइन स्टार्टअप चला रहे हैं। वे प्रिजर्वेटिव फ्री सॉस, जैम, स्टोन ग्राउंडनट बटर, सेवरी स्प्रेड जैसे करीब दो दर्जन प्रोडक्ट की मार्केटिंग करते हैं। हर महीने 1500 से 2000 के करीब उनके प्रोडक्ट बिक रहे हैं। इससे वे मंथली दो लाख रुपए तक की कमाई कर रहे हैं।

42 साल के रोहन क्रिएटिव राइटर और डिजाइनर का काम करते थे। उन्होंने करीब 20 साल तक अलग-अलग कई कंपनियों में काम किया। जबकि रुचिरा एक कंपनी में बतौर प्रोडक्ट हेड काम कर रही थीं। 2014 में रुचिरा ने अपने बच्चे की केयर करने और उसके साथ ज्यादा वक्त बिताने के लिए कुछ सालों तक नौकरी से दूर रहने का फैसला लिया और नौकरी छोड़ दी।

इस दौरान रुचिरा के पास खुद के कामों के लिए कुछ वक्त बचने लगा। उन्होंने खाली वक्त में अलग-अलग तरह की रेसिपीज बनानी शुरू की। उनके लिए यह अनुभव अलग था, क्योंकि इसके पहले वो कभी खाना बनाने की शौकीन नहीं रही। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र की कुछ ट्रेडिशनल रेसिपीज ट्राई की और रिश्तेदारों को टेस्ट कराया, जो उन्हें बहुत पसंद आया। इसके बाद उन्होंने कुछ सॉस और जैम भी बनाए। इसको भी उनके परिचितों ने खूब पसंद किया।

अपने पति रोहन के साथ रुचिरा। बिजनेस करने से पहले रुचिरा बतौर प्रोडक्ट मैनेजर एक कंपनी में काम कर चुकी हैं।
अपने पति रोहन के साथ रुचिरा। बिजनेस करने से पहले रुचिरा बतौर प्रोडक्ट मैनेजर एक कंपनी में काम कर चुकी हैं।

रिश्तेदारों को रेसिपीज पसंद आई तो स्टार्टअप का आया आइडिया

इसी बीच उनके एक दोस्त ने अपनी वाइफ की गोदभराई के लिए उनसे कॉन्टैक्ट किया। उस फंक्शन के लिए उन्हें स्प्रेडर बनाने के ऑर्डर मिले। रुचिरा ने वो ऑफर एक्सेप्ट कर लिया। और उन्होंने स्प्रेडर बनाकर दे दिए। उनके इस प्रोडक्ट की खूब तारीफ हुई। तब रुचिरा और उनके पति को लगा कि हम इस काम को प्रोफेशनली भी कर सकते हैं। इसके बाद 2018 में ट्रायल बेसिस पर अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। प्रोडक्ट तैयार करने का काम रुचिरा करती थीं जबकि रोहन नौकरी साथ-साथ पार्ट टाइम उनकी मदद करते थे।

50 हजार रुपए की लागत से की बिजनेस की शुरुआत

रुचिरा बताती हैं कि हमने सोचा नहीं था कि कभी बिजनेस करेंगे, लेकिन जब लोग हमारे प्रोडक्ट की तारीफ करने लगे तो इससे हमारा मनोबल बढ़ा। हमने स्ट्रॉबेरी, हनी मस्टर्ड, मिर्च और पीनट बटर सहित 6 फ्लेवर में जैम के प्रोडक्ट तैयार किए। प्रोडक्शन से लेकर पैकेजिंग तक का सारा काम हमने घर पर ही किया। इसके बाद हमने इसे लोगों को भेजना शुरू किया। ये सभी प्रोडक्ट उन्हें बहुत पसंद आए। फिर हमने 'नेटिव टंग' नाम से अपनी कंपनी रजिस्टर की और लाइसेंस भी लिया। इस काम में 20 से 25 हजार रु. लगे। बाकी 20 से 25 हजार रुपए रॉ मटेरियल और पैकिंग में खर्च हुए।

रुचिरा पहले खुद से रिसर्च और स्टडी करके प्रोडक्ट तैयार करती थीं। बाद में उन्हें लगा कि प्रोफेशनल लेवल पर काम के लिए ट्रेनिंग लेना जरूरी है, तो उन्होंने मैसूर के Central Sericultural Research & Training Institute (CSRTI) से फूड प्रोसेसिंग का कोर्स किया और बाकायदा ट्रेनिंग भी ली।

रुचिरा और रोहन अभी करीब दो दर्जन होम मेड प्रोडक्ट तैयार कर रहे हैं। ये सारे प्रोडक्ट रुचिरा तैयार करती हैं।
रुचिरा और रोहन अभी करीब दो दर्जन होम मेड प्रोडक्ट तैयार कर रहे हैं। ये सारे प्रोडक्ट रुचिरा तैयार करती हैं।

आज तीन गुना कमा रहे मुनाफा

पिछले साल अक्टूबर में रोहन ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी और फुल टाइम पत्नी के साथ काम करने लगे। अभी उनकी टीम में पांच और लोग भी काम करते हैं। जो प्रोडक्ट की पैकेजिंग से लेकर डिलिवरी तक का काम करते हैं। जबकि प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग अभी भी रुचिरा ही करती हैं। रोहन बताते हैं कि त्योहारों के सीजन में हमारी कमाई ज्यादा होती है। जब लोग के डिमांड भी ज्यादा आते हैं। अभी हम लोग ऑनलाइन अपने पोर्टल से और सोशल मीडिया के जरिए ऑर्डर ले रहे हैं। हर महीने देशभर से हमें 1000 से ज्यादा ऑर्डर मिल जाते हैं। वे कहते हैं कि शुरुआत में हमने 50 हजार रुपए लगाए थे, लेकिन जैसे-जैसे काम बढ़ा, हम और अधिक इन्वेस्ट करते गए और अभी भी कर रहे हैं। हालांकि इस दौरान हमें लागत से तीन गुना मुनाफा मिल जाता है।

कैसे करते हैं काम?

रोहन लोकल किसानों और स्वयं सहायता समूह में काम करने वालों से रॉ मटेरियल खरीदते हैं। इसके बाद उसकी क्वालिटी टेस्ट करते हैं। फिर उनकी पत्नी और टीम मिलकर उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटती है। इसके बाद रुचिरा प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग करती हैं। फिर उसकी पैकेजिंग की जाती है। इसके बाद इन प्रोडक्ट्स को सोशल मीडिया और अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं। उसके बाद ऑर्डर और डिलीवरी का काम होता है।

मार्केटिंग के लिए क्या करें?

40 साल की रुचिरा अपने प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग के साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर का काम भी संभाल लेती हैं।
40 साल की रुचिरा अपने प्रोडक्ट की प्रोसेसिंग के साथ ही ऑनलाइन ऑर्डर का काम भी संभाल लेती हैं।

रोहन कहते हैं कि आजकल सोशल मीडिया मार्केटिंग का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए आप अपने बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। इसके लिए ढेर सारे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं जहां आप अपने प्रोडक्ट का प्रमोशन आसानी से कर सकते हैं। अलग-अलग ग्रुप बनाकर भी आप लोगों के ऑर्डर ले सकते हैं। साथ ही अगर आप चाहें तो अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर भी मार्केटिंग कर सकते हैं। आजकल तो कई ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जहां कस्टमाइज वेबसाइट डिजाइन कर सकते हैं। इसके लिए अलग से किसी प्रोफेशनल की भी जरूरत नहीं है।

अपने स्टार्टअप को सफल कैसे बनाए?

कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले मार्केट रिसर्च बहुत जरूरी है। अलग-अलग लोकेशन के लिए अलग-अलग जरूरतें हो सकती हैं। इसलिए पहले हमें ये पता करना होगा कि हम जहां रहते हैं या जहां बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वहां किस चीज की, किसकी डिमांड है।

रोहन और उनकी टीम ने एक कूरियर कंपनी से टाइअप किया है। जिसके माध्यम से वे देशभर में अपने प्रोडक्ट की सप्लाई करते हैं।
रोहन और उनकी टीम ने एक कूरियर कंपनी से टाइअप किया है। जिसके माध्यम से वे देशभर में अपने प्रोडक्ट की सप्लाई करते हैं।

दूसरी बात कि हमें अपना प्रोडक्ट खास रखना होगा, ताकि बाहर उसके कम्पेयर के प्रोडक्ट न हों। यानी कोई न कोई ऐसी वजह होनी चाहिए जिससे लोग मार्केट का प्रोडक्ट न खरीदकर हमारा बनाया प्रोडक्ट खरीदें। ये वजह क्वालिटी से लेकर क्वांटिटी और प्राइस तक हो सकती है। इसलिए रिसर्च सबसे अहम पार्ट है।

तीसरी अहम बात यह है कि हमें कस्टमर्स ओरिएंटेड प्रोडक्ट बनाने होंगे। तभी हमारे बिजनेस को ग्रोथ मिलेगा। उनके फीडबैक के मुताबिक हमें अपना प्रोडक्ट अपग्रेड करना चाहिए। साथ ही टाइम और ट्रेंड के साथ अलग-अलग वैरायटी लॉन्च करना चाहिए।

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