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आज की पॉजिटिव खबर:घर वाले चाहते थे बेटी इंजीनियरिंग करे, लेकिन पायल हेयर स्टाइलिस्ट बनीं; अब तक 15 हजार लोगों को ट्रेनिंग दे चुकी हैं, लाखों में कमाई

सूरतएक महीने पहलेलेखक: पंकज रामाणी

ज्यादातर लोग अपनी हेयर स्टाइल और लुक को लेकर काफी सजग रहते हैं। ऑफिस जाना हो, किसी कार्यक्रम में जाना हो या किसी इवेंट में शामिल होना हो, हर खास मौके के लिए लोग अपनी हेयर स्टाइल सेट करते हैं। पिछले कुछ सालों में इसे लेकर अवेयरनेस आई है, जिसके बाद लोग अपने लुक को लेकर अच्छा-खासा बजट भी खर्च कर रहे हैं। यही वजह है कि इस सेक्टर में करियर के लिहाज से भी डिमांड बढ़ी है। कल तक जिस काम को लेकर लोग बहुत अच्छी सोच नहीं रखते थे, आज उस काम को कई युवा अपना प्रोफेशन बना रहे हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं।

गुजरात के सूरत की रहने वाली पायल पटेल भी उनमें से एक है। पायल एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सूरत से ही ब्यूटी पार्लर का कोर्स किया और 2015 में अपना काम शुरू कर दिया। आज पायल जानी-मानी हेयर स्टाइलिस्ट हैं, भारतीयों के साथ-साथ फॉरेनर्स को भी उन्होंने ट्रेनिंग दी है। इस काम से पायल हर महीने एक लाख रुपए से ज्यादा कमा रही हैं।

परिवार के लोग चाहते थे कि आगे पढ़ाई करूं

पांच साल पहले पायल ने हेयर स्टाइलिस्ट बनने के लिए ट्रेनिंग ली थी। आज वे जानी-मानी हेयर स्टाइलिस्ट हैं।
पांच साल पहले पायल ने हेयर स्टाइलिस्ट बनने के लिए ट्रेनिंग ली थी। आज वे जानी-मानी हेयर स्टाइलिस्ट हैं।

पायल बताती हैं कि घर के लोग नहीं चाहते थे कि मैं यह काम करूं। हेयर स्टाइल का काम उन्हें पसंद नहीं था। समाज में भी इसको लेकर लोग कई तरह की बातें करते हैं। लिहाजा परिवार के लोग चाहते थे कि डिप्लोमा करने के बाद मैं इंजीनियरिंग की डिग्री भी लूं, लेकिन मैं खुद का कुछ करना चाहती थी जिसमें अपनी पसंद के हिसाब से काम कर सकूं। इसलिए मैंने तय किया कि मैं हेयर स्टाइलिस्ट बनूंगी।

इसके बाद मैंने अपना काम शुरू कर दिया। हालांकि कुछ समय बाद मुझे परिवार की तरफ से भी सपोर्ट मिलना शुरू हो गया। घर वालों को यकीन हो गया कि मैं अच्छा कर रही हूं तो वे साथ आ गए। पापा ने भी मेरी मदद की और एक लाख रुपए का सपोर्ट किया।

घर-घर जाकर पोस्टर बांटती थीं

पायल बताती हैं कि मैं बचपन से ही हेयर स्टाइलिस्ट बनना चाहती थी। इसलिए मैंने डिप्लोमा के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।
पायल बताती हैं कि मैं बचपन से ही हेयर स्टाइलिस्ट बनना चाहती थी। इसलिए मैंने डिप्लोमा के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।

पायल बताती हैं कि पांच साल पहले मैंने सूरत में एक पार्लर खोला। इसके बाद काम शुरू किया। चूंकि मैं बिजनेस फील्ड में नई थी, मुझे मार्केटिंग के बारे में जानकारी नहीं थी। पार्लर के फील्ड में भी नई थी। इसलिए शुरुआत में बहुत कम कस्टमर्स दुकान पर आ रहे थे। लिहाजा उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं हो पा रही थी। कुछ लोगों ने मार्केटिंग के लिए प्रोफेशनल हायर करने का सुझाव दिया, लेकिन तब मेरे पास बहुत ज्यादा बजट नहीं था। इसलिए मैंने तय किया कि खुद ही मार्केटिंग भी करूंगी।

इसके बाद पायल ने अपनी दुकान के नाम से पोस्टर छपवाया और खुद ही घर-घर जाकर लोगों को बांटने लगी। वे बताती हैं कि यह काम चैलेंजिंग था, लोगों के घर-घर जाकर पोस्टर बांटना मुश्किल टास्क था, लेकिन इसके अलावा मेरे पास कोई और ऑप्शन भी नहीं था। हालांकि अच्छी बात यह रही कि इसका मुझे फायदा हुआ। धीरे-धीरे लोगों को मेरे काम के बारे में जानकारी हो गई और लोग मेरी दुकान पर आने लगे।

विदेश के लोगों को भी दे चुकी हैं ट्रेनिंग

पायल अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों को हेयर स्टाइलिस्ट की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। उनके पास भारत के बाहर के भी लोग ट्रेनिंग के लिए आते हैं।
पायल अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों को हेयर स्टाइलिस्ट की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। उनके पास भारत के बाहर के भी लोग ट्रेनिंग के लिए आते हैं।

पायल कहती हैं कि काम के दौरान कई लोग इसकी ट्रेनिंग के बारे में पूछते थे। कई लड़कियों ने इसको लेकर दिलचस्पी दिखाई थी। इसलिए मैने तय किया कि क्यों न प्रोफेशनल ट्रेनिंग का भी प्रोग्राम शुरू किया जाए। इसके बाद मैं ट्रेनिंग देने लगी। फिर मेरे पास गुजरात के साथ ही दूसरे देशों के लोग भी ट्रेनिंग के लिए आने लगे। पायल के मुताबिक वे दुबई, मलेशिया, अफ्रीका के लोगों को ट्रेनिंग दे चुकी हैं। कई संस्थान भी उन्हें ट्रेनिंग के लिए अपने यहां बुलाते हैं। अब तक वे 10 से 15 हजार स्टूडेंट्स को ट्रेंड कर चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने ऑनलाइन ट्रेनिंग भी शुरू की है।

वे कहती हैं- मुझे बचपन से ही अलग-अलग स्टाइल में अपने हेयर बनाने का शौक था। मन में कोई डिजाइन उभरती थी तो मैं पहले उसे कैनवास पर उतारती थी और इसके बाद अपने बालों को उसी तरह डिजाइन करने लगती थी। इस काम में कई बार तो कई-कई दिन लग जाते थे। मेरी यही रुचि आज मेरे बहुत काम आ रही है।

करियर के लिहाज से डिमांडिंग है हेयर स्टाइलिस्ट का प्रोफेशन

पायल कहती हैं कि अगर कोई इस फील्ड में करियर बनाना चाहता है तो पहले उसे ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इसके बाद वह अच्छी कमाई कर सकता है।
पायल कहती हैं कि अगर कोई इस फील्ड में करियर बनाना चाहता है तो पहले उसे ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इसके बाद वह अच्छी कमाई कर सकता है।

करियर के लिहाज से हेयर स्टाइलिस्ट का प्रोफेशन अब डिमांडिंग हो गया है। फिल्म इंडस्ट्री, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, ब्यूटी पार्लर, प्रोडेक्शन हाउसेज, फाइव स्टार होटल, क्लबों और नाइट पार्टियों में हेयर स्टाइलिस्ट की अच्छी डिमांड है। बड़े शहरों में तो इस फील्ड में काम करने वाले प्रोफेशनल्स एक-एक दिन की फीस लाखों में लेते हैं। अगर इसकी ट्रेनिंग और कोर्स की बात करें तो 10वीं या 12वीं के बाद इसकी ट्रेनिंग ली जा सकती है। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स किया जा सकता है। देश के ज्यादातर शहरों में प्राइवेट और गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट इसकी ट्रेनिंग देते हैं। फीस इंस्टीट्यूट और शहर के मुताबिक तय होती है।

अगर इस फील्ड में आपकी दिलचस्पी है तो यह स्टोरी भी आपके काम की है

हरियाणा के शौफी गांव के रहने वाले गौरव राणा ब्यूटी सैलून का स्टार्टअप चला रहे हैं। मध्यप्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में उनके सैलून हैं। वे इन राज्यों में ऑन डिमांड सर्विस भी प्रोवाइड कराते हैं। यानी जिसे जहां भी सर्विस चाहिए, वह एक कॉल पर सैलून की पूरी सर्विस ले सकता है। उन्होंने देश के तीन रेलवे स्टेशनों पर भी 'रेलून' नाम से अपनी सर्विस शुरू की है। जहां वे कस्टमर्स को आधे घंटे के अंदर सैलून की फैसिलिटी प्रोवाइड कराते हैं। महज चार साल में उनकी कंपनी का वैल्यूएशन 20 करोड़ रुपए हो गया है। 150 से ज्यादा लोगों को उन्होंने रोजगार भी दिया है। (पढ़िए पूरी खबर)

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