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ममता को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी का इंटरव्यू:‘तालिबानी अमेरिका में ट्रम्प के हारने का इंतजार कर रहे थे, ऐसे ही भारत के जिहादी और जंगी मोदी के हारने के इंतजार में हैं’

कोलकाता8 दिन पहलेलेखक: अक्षय बाजपेयी
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  • शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष हैं, 30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव में उनका अहम रोल है

पश्चिम बंगाल में 30 सितंबर को उपचुनाव हैं। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी मैदान में हैं, उन्हें BJP से प्रियंका टिबरेवाल टक्कर दे रही हैं। BJP की तरफ से जिन लोगों ने चुनाव की कमान संभाल रखी है उनमें नेता प्रतिपक्ष और नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी अहम हैं। उन्होंने भास्कर से तमाम मुद्दों पर बातचीत की। पढ़िए ये एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

सवाल: उपचुनाव में प्रचार के लिए न PM आ रहे हैं, न अमित शाह, न कैलाश विजयवर्गीय। क्या BJP ने चुनाव के पहले ही ममता के सामने हथियार डाल दिए हैं?
जवाब: यह उपचुनाव है और इसके लिए ममता बनर्जी खुद जिम्मेदार हैं। सेंट्रल लीडरशिप कभी भी उपचुनाव में कैंपेन नहीं करती। अमित शाह अपने राज्य गुजरात में होने वाले उपचुनाव में प्रचार के लिए नहीं जाते। जेपी नड्‌डा अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में कैंपेन के लिए नहीं जाते। और ममता बनर्जी तो हारी हुई विधायक हैं। उनसे लड़ाई के लिए किसी नेशनल लीडर की जरूरत नहीं है। शुभेंदु अधिकारी ही काफी है। नंदीग्राम में साबित हो गया।

सवाल: फिर BJP किन मुद्दों पर ये चुनाव लड़ने जा रही है?
जवाब: हमारे दो अहम मुद्दे हैं। पहला पोस्ट पोल वॉयलेंस और दूसरा बेरोजगारी। चुनाव के बाद हुई हिंसा में 55 BJP कार्यकर्ताओं, वोटर्स का मर्डर हुआ। एक लाख लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा। इस हिंसा के लिए पूरी तरह से ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं। उनकी पुलिस साइलेंट थी। दूसरा मुद्दा बेरोजगारी है। ममता ने बंगाल में दो करोड़ बेरोजगार क्रिएट किए।

सवाल: तो फिर क्या मुस्लिम तुष्टिकरण का मुद्दा अब नहीं है, जिसे कुछ महीनों पहले हुए विधानसभा चुनावों में BJP ने जमकर उठाया था?
जवाब: हमारे दो मुख्य मुद्दे हैं, इसके अलावा बाकी सब मुद्दे तो हैं ही। अब अफगानिस्तान में जो तालिबानी राज आया, वो सब समाचार लोग टीवी, मीडिया, सोशल मीडिया, यूट्यूब पर देख ही रहे हैं। इसमें कुछ बोलने की जरूरत नहीं है कि तालिबान इंतजार कर रहा था कि कब अमेरिका में ट्रम्प हारे और अमेरिकी सेना भागे।

इसी तरह भारत में जिहादी और जंगी सब इंतजार कर रहे हैं कि कब मोदी हारे। इसलिए तुष्टिकरण का मुद्दा उठाने की कोई जरूरत नहीं है। सब समझदार वोटर हैं। वे जानते हैं कि मोदी जी को सपोर्ट करने से देश को मजबूती मिलेगी।

सवाल: प्रियंका टिबरेवाल निगम चुनाव तक हार गई थीं। विधानसभा चुनाव भी नहीं जीत सकीं फिर उन्हें ही क्यों कैंडिडेट बनाया गया?
जवाब: पोस्ट पोल वॉयलेंस के बाद प्रियंका ने बड़ी लड़ाई लड़ी है। कोर्ट के अंदर और बाहर दोनों ही जगह वे लड़ीं, जिससे लोग घर वापस आ सके। इसलिए सेंट्रल लीडरशिप ने प्रियंका को नॉमिनेट किया है। और रही उनके हारने की बात तो हारीं तो ममता बनर्जी भी हैं। इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। 2019 के लोकसभा चुनाव में तो ममता बनर्जी खुद अपने बूथ से भी हार गई थीं। वे कोई बिग लीडर नहीं हैं।

सवाल: आपने कुछ दिनों पहले कहा था कि 60 से 65 फीसदी वोटिंग होने पर BJP जीत जाएगी, इसका लॉजिक क्या है?
जवाब: 2019 में इस क्षेत्र में 59% पोलिंग हुई थी। तब TMC और BJP के बीच 3168 वोट का अंतर था। इस बार के विधानसभा चुनाव में 49% पोलिंग हुई। वोटों का अंतर 28,719 रहा। ये जो पोलिंग में 10% का घाटा हुआ, ये BJP के वोटर हैं। कुछ अफवाहों के चलते ये वोट डालने नहीं निकले थे। यदि ये वोट पड़ते तो हमें कम से कम 25 हजार वोट और मिलते। इसलिए मैं कह रहा हूं कि 60 से 65 फीसदी वोटिंग होने से BJP के जीतने के पूरे चांस होंगे।

सवाल: क्या आप भवानीपुर से लड़ने को तैयार थे?
जवाब: ये पार्टी का अंदरूनी मामला है। मैंने तो शिक्षक दिवस पर खुलकर कहा था कि पार्टी मुझे जो बोलेगी उसके लिए तैयार हूं। पार्टी ने प्रियंका को लड़ाने का निर्णय लिया, क्योंकि उन्होंने पोस्ट पोल वॉयलेंस के बाद पीड़ितों के लिए बहुत काम किया है, इसलिए उन्हें लड़ाने का निर्णय अच्छा है। वो बंगाल की बेटी हैं। ममता को हराएंगी।

सवाल: BJP के विधायक पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं, पार्टी संरक्षण नहीं दे पा रही या डर के चलते?
जवाब: पार्टी संरक्षण दे रही है, लेकिन ये कुछ लोगों का पर्सनल एजेंडा भी है। कुछ में डर का माहौल भी है। दोनों ही बातें हैं, लेकिन इन लोगों पर एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई होगी और इन सब क्षेत्रों में दोबारा कुछ दिनों बाद उप-चुनाव होंगे।

सवाल: चुनाव निष्पक्ष कैसे होंगे, क्या सेंट्रल फोर्सेज अब भी तैनात होंगी?
जवाब: चुनाव आयोग ने हमारे डेलिगेशन को बताया कि केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात होगा। पूरी तरह से फेयर वोटिंग होगी। माइक्रो ऑब्जर्वर से लेकर CCTV तक सारे अरेजमेंट्स होने की उम्मीद है।

पूरी BJP ममता को हराने के लिए एकजुट है। तभी पश्चिम बंगाल के को-इंचार्ज अमित मालवीय भवानीपुर में बैठे हैं और स्ट्रैटजी बना रहे हैं। कैंपेनर लिस्ट में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और स्मृति ईरानी का भी नाम है। ममता को दोबारा हराने के लिए BJP हर वो काम करेगी, जो करना जरूरी है।

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