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  • Those Living In The Villages Adjacent To The LoC Hope For Peace From The DGMO Level Talks But Cannot Trust Pakistan So Easily.

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जम्मू कश्मीर से रिपोर्ट:DGMO लेवल की बातचीत से LoC से सटे गांवों में शांति की उम्मीद तो है, लेकिन लोगों को पाकिस्तान पर अभी पूरा भरोसा नहीं

श्रीनगर2 महीने पहलेलेखक: हारून रशीद/ दीपक खजूरिया
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भारत और पाकिस्तान के बीच बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए सहमति बनी है। हाल ही में दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) की बैठक हुई थी। जिसमें सीजफायर वॉयलेशन, युद्धविराम और कश्मीर समेत सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें तय किया गया कि 24-45 फरवरी की रात से ही उन सभी पुराने समझौतों को फिर से अमल में लाया जाएगा, जो दोनों देशों के बीच सीजफायर एग्रीमेंट को लेकर हुए हैं।

इससे पहले नवम्बर 2003 में भारत और पाकिस्तान ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर सीजफायर एग्रीमेंट किया था। जिसके मुताबिक दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर गोलीबारी नहीं करेंगी। 2006 तक दोनों तरफ से इस सीजफायर एग्रीमेंट को माना गया, लेकिन उसके बाद से पाकिस्तान ने लगातार सीजफायर का उलंघन किया। पिछले साल पाकिस्तान ने 4600 से ज्यादा बार सीजफायर वॉयलेशन किया। इस बैठक के बाद सीमा पर शांति बहाल होने की उम्मीद जगी है। इसको लेकर भास्कर ने जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर से सटे गांव के लोगों से बात की और उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की...

अब हमें जान बचाने के लिए बंकरों में नहीं छिपना होगा

भारत-पाकिस्तान के बीच DGMO लेवल की बातचीत के बाद LoC से सटे इलाकों में शांति रही। हालांकि सड़कों पर चहल-पहल कम रही।
भारत-पाकिस्तान के बीच DGMO लेवल की बातचीत के बाद LoC से सटे इलाकों में शांति रही। हालांकि सड़कों पर चहल-पहल कम रही।

LoC के पास करना इलाके के रहने वाले 70 साल के काजी अब्दुल वाहिद कहते हैं कि कुछ महीने पहले बागबेला में गोलीबारी हुई थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। हमें नहीं पता कि कब सीमा पार से गोली चल जाए। हालांकि अब थोड़ी उम्मीद जगी है। अब हम गोलाबारी और फायरिंग की चिंता किए बिना अपने घरों में रह सकते हैं और रात में सुकून से सो सकते हैं। बारामुला जिले के मोहसिन वानी कहते हैं कि दोनों देशों के बीच की लड़ाई में कश्मीर का बहुत नुकसान हुआ है। इस पहल से हम लोगों को शांति की आस जगी है।

आतंकवाद से प्रभावित अनंतनाग के मुबाशिर शाकिर बताते हैं कि पिछले कई वर्षों के इतिहास में पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच कोई सकारात्मक शुरुआत हुई है। कुछ इसी तरह की प्रतिक्रिया बिजबेहरा के ज़ाहिद की भी है। वे कहते हैं कि इस पहल से दोनों देशों का फायदा होगा। हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। नियंत्रण रेखा से सटे ज्यादातर गांवों के लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्हें उम्मीद है कि ये समझौता लंबा चलेगा और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बंकरों में छिपने की जरूरत नहीं होगी।

लोगों को शांति की उम्मीद तो है, लेकिन पाक पर भरोसा नहीं

जम्मू में पाकिस्तान से सटी 198 किलोमीटर लम्बी अंतर्राष्ट्रीय सीमा है, जो कठुआ से अखनूर तक है। वहीं जम्मू के पलांवाला से लद्दाख के कारगिल तक 720 किलोमीटर लम्बी LoC पर सबसे ज्यादा तनाव रहता है। इस एरिया में रहने वाले ज्यादातर लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। इस बातचीत के बाद उन्हें उम्मीद है कि सबकुछ धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगा और आम जनजीवन बेहतर होगा, लेकिन अभी उन्हें पाकिस्तान पर पूरा भरोसा नहीं है। लोग आशंका जाहिर करते हैं कि पाक कभी भी धोखा दे सकता है, वो पहले भी ऐसा कर चुका है।

एक अनुमान के मुताबिक 2006 के बाद अब तक 14 हजार से ज्यादा बार पाकिस्तान सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है। - फाइल फोटो
एक अनुमान के मुताबिक 2006 के बाद अब तक 14 हजार से ज्यादा बार पाकिस्तान सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है। - फाइल फोटो

उरी में हमले के बाद भारत के DGMO ने पाक के DGMO से बात की थी

दोनों देशों के DGMO के टेलीफोन लाइन पर बात करने की दशकों पुरानी व्यवस्था है। इसके जरिए वे लाइन ऑफ कंट्रोल पर शांति व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर से बात करते हैं। इससे पहले साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी। तब भारत के DGMO ने पाकिस्तान DGMO को बताया था कि हमने POK में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन किया है और ये कार्रवाई उरी में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई है।

सीजफायर वॉयलेशन के चलते पिछले साल 24 जवान शहीद हुए

साल 2018 में पाकिस्तान ने 3000 से ज्यादा बार सीजफायर वॉयलेशन किया। 2019 में यह आंकड़ा बढ़कर 3233 पहुंच गया। जबकि पिछले साल यानी 2020 में पाकिस्तान ने 4 हजार से ज्यादा बार सीजफायर वॉयलेशन किया। इस दौरान हमें 46 जान भी गंवानी पड़ी। इनमें 22 आम नागरिक और 24 सुरक्षाबल शामिल हैं। इस साल अब तक पाकिस्तान 300 से ज्यादा बार सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है। एक अनुमान के मुताबिक 2006 के बाद अब तक 14 हजार से ज्यादा बार पाकिस्तान सीजफायर वॉयलेशन कर चुका है।

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