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आज का इतिहास:यूरोप का विक्ट्री डे आज, हिटलर की मौत के एक हफ्ते के अंदर जर्मनी ने दूसरे विश्व युद्ध में डाले थे हथियार

16 दिन पहले
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8 मई का दिन यूरोप में विक्ट्री डे के रूप में मनाया जाता है। दरअसल इसी दिन 1945 में जर्मनी की हार के साथ यूरोप में दूसरे विश्व युद्ध का अंत हुआ था। छह साल चले विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन और गठबंधन सेनाओं के सामने जर्मनी ने सरेंडर कर दिया था। तब से हर साल 08 मई को यूरोप में VE Day या V-E Day यानी ‘विक्ट्री ऑफ यूरोप डे’ के रूप में मनाया जाता है।

जर्मनी के तानाशाह हिटलर ने युद्ध में जर्मनी को हारता देखकर 30 अप्रैल 1945 को आत्महत्या कर ली थी। हिटलर के मरने के एक सप्ताह बाद जर्मनी ने बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण के कागजों पर दस्तखत कर दिए थे।

यूरोप में ‘V-E Day’ पर कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन कार्यक्रमों में विश्व युद्ध के उन दिग्गजों को सार्वजनिक श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने यूरोप को नाजीवाद से मुक्त कराया था।

जर्मनी ने दो बार किया था आत्मसमर्पण

जर्मनी ने दूसरे विश्व युद्ध में पहली बार 7 मई 1945 को जर्मन कर्नल जनरल अल्फ्रेड जोडल की मौजूदगी में फ्रांस के रेम्स में आत्मसमर्पण पर हस्ताक्षर किए थे।

सोवियत संघ चाहता था कि वह अपना विक्ट्री डे मनाए। इसी लिए एक दिन बाद यानी 8 मई को 1945 को बर्लिन में सोवियत संघ प्रमुख जोसेफ स्टालिन की मौजूदगी में जर्मन फील्ड मार्शल विल्हम कीटेल ने आत्मसमर्पण पर हस्ताक्षर किए थे। बाद में कीटेल और जोडल को युद्ध अपराध का दोषी पाया गया था और फांसी दे दी दई थी।

यूरोप में 8 मई और रूस में 9 मई को क्यों मनाया जाता है विक्ट्री डे

जर्मनी ने आत्मसमर्पण पर 07 मई को ही हस्ताक्षर कर दिए थे लेकिन ये आत्मसमर्पण 8 मई को रात 11 बजे से प्रभावी हुआ। मित्र राष्ट्रों के बीच 09 मई को विक्ट्री डे के रूप में मनाने का फैसला हुआ।

लेकिन कुछ उत्साही पत्रकारों ने जर्मनी की हार की खबर पहले ही दे दी और यूरोप में इसका जश्न एक दिन पहले यानी 8 मई को ही शुरू हो गया और तब से यूरोप में 8 मई को ही विक्ट्री डे मनाया जाता है।

वहीं सोवियत रूस ने पहले से तय 9 मई की तारीख को ही विक्ट्री डे के जश्न के रूप में बरकरार रखा। रूस में हर साल 09 मई को विक्ट्री डे के मौके पर मॉस्को के लाल चौक पर भव्य सैन्य आयोजन किया जाता है। इसमें रूस अपने ताकतवर हथियारों के प्रदर्शन से दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाता है।

वैसे तो जर्मनी ने 08 मई को सरेंडर कर दिया था, लेकिन इस दिन विश्व युद्ध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। अमेरिका, ब्रिटेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाएं जापान को अगस्त 1945 तक परास्त नहीं कर पाई थीं। आधिकारिक तौर पर 2 सितंबर 1945 को द्वितीय विश्वयुद्ध का अंत माना जाता है।

दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए थे 5 करोड़ लोग

1939 में जर्मनी के तानाशाह हिटलर के पोलैंड पर हमले से शुरू हुआ दूसरा विश्व युद्ध करीब 6 साल चला था। इस लड़ाई में दो धड़े थे-एक ओर ब्रिटेन, अमेरिका, सोवियत संघ और फ्रांस जैसे देश थे, जो मित्र राष्ट्र कहलाए, तो वहीं दूसरी ओर जर्मनी, इटली और जापान जैसे देश थे, जो धुरी राष्ट्र कहलाए।

इस युद्ध में जर्मनी की अगुआई वाले धुरी राष्ट्रों की हार हुई थी। एक अनुमान के मुताबिक, दूसरा विश्व युद्ध मानव इतिहास का सबसे भयंकर युद्ध था, जिसमें 10 करोड़ सैनिकों ने हिस्सा लिया था और करीब 8 करोड़ लोगों की मौत हुई थी।

1794: ऑक्सीजन और हाइड्रोजन गैस की पहचान करने वाले वैज्ञानिक एंटोनियो लेवाइजर का निधन

ऑक्सीजन की खोज करने वाले वैज्ञानिक एंटोनियो लेवाइजर का आज ही के दिन 1794 में निधन हुआ था। दरअसल सबसे पहले ऑक्सीजन गैस की खोज 1772 में स्वीडन के कार्ल विल्हेम शीले नामक वैज्ञानिक ने की थी।

कार्ल शीले ने पोटैशियम नाइट्रेट को गर्म करके ऑक्सीजन गैस प्राप्त की थी। हालांकि उन्होंने अपनी खोज को कहीं प्रकाशित नहीं किया। इसके 2 साल बाद साल 1774 में रसायन विज्ञानी जोसेफ प्रिस्टले ने Mercuric Oxide का थर्मल डीकंपोजिशन किया और ऑक्सीजन प्राप्त की। 1775-80 के दौरान एक और वैज्ञानिक एंटोनियो लेवाइजर ने ऑक्सीजन की खोज में महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने ही वस्तुओं के जलने और सांस लेने में ऑक्सीजन की भूमिका पता की। ऑक्सीजन को एक रासायनिक तत्व के रूप में खोजने का श्रेय भी लेवाइजर को ही जाता है।

1984: सोवियत संघ ने लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों का बहिष्कार किया

सोवियत संघ ने आज ही के दिन साल 1984 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में अपने खिलाड़ियों को भेजने से इंकार कर दिया था। सोवियत संघ ने इसके पीछे खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला दिया, लेकिन मामला कुछ और था। दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत 1979 से हुई थी।

इस दौरान अफगानिस्तान में कम्युनिस्ट सरकार थी। इस सरकार का पुरजोर विरोध हो रहा था और इनमें सबसे आगे मुजाहिदीन लड़ाके थे। कहा जाता है कि इन लड़ाकों को अमेरिका का समर्थन था। कम्युनिस्ट सरकार के समर्थन में सोवियत संघ ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया। अमेरिका को ये बात बुरी लगी और उसने अगले साल मॉस्को में होने वाले ओलंपिक खेलों का बहिष्कार कर दिया। इसी के जवाब में सोवियत संघ ने 1984 के ओलंपिक का बहिष्कार कर दिया।

देश-दुनिया के इतिहास में 8 मई के दिन और क्या-क्या घटनाएं हुई थीं-

2018: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान न्यूक्लियर डील से बाहर निकलने की घोषणा की।

2010: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीजापुर- भोपालपट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर CRPF के वाहन को बारूदी सुरंग विस्फोट कर उड़ा दिया। इस घटना में आठ जवान शहीद हो गए।

1980: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेचक के उन्मूलन की घोषणा की।

1933: महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन की नीतियों के खिलाफ 21 दिन का उपवास शुरू किया।

1828: मानव सेवा के कार्यों के लिए पहले नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हेनरी डयूनेन्ट का जन्म।