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आज की पॉजिटिव खबर:अनुवा मेट्रो स्टेशन के बाहर हॉट चॉकलेट बेचती थीं; कोविड में उसका पाउडर बेचना शुरू किया, अब लाखों में कमाई

नई दिल्ली5 महीने पहलेलेखक: इंद्रभूषण मिश्र

सर्दियों में हॉट ड्रिंक्स पीना काफी फायदेमंद होता है। चाय, कॉफी के अलावा अगर आप कुछ नया और बेहतर ट्राय करना चाहते हैं तो हॉट चॉकलेट को आजमा सकते हैं। इससे हमें ताजगी तो मिलती ही है, साथ ही हमारा माइंड भी स्ट्रेस फ्री होता है और इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। आगरा की रहने वाली अनुवा कक्कड़ भी उनमें से एक हैं, जो न सिर्फ खुद हॉट चॉकलेट लवर हैं, बल्कि प्रोफेशनल लेवल पर इसकी मार्केटिंग भी कर रही हैं। पिछले एक साल में वे 2 लाख से ज्यादा हॉट चॉकलेट कप सेल कर चुकी हैं। भारत के साथ ही विदेशों से भी उन्हें ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे उनकी कमाई लाखों में हो रही है।

23 साल की अनुवा की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई आगरा में हुई। इसके बाद राजस्थान से उन्होंने बिजनेस में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। फिर गुरुग्राम में एक स्टार्टअप के साथ जुड़ गईं। करीब एक साल तक उन्होंने वहां नौकरी की।

पसंद का चॉकलेट खरीदने में दिक्कत होती थी

23 साल की अनुवा बचपन से ही हॉट चॉकलेट को लेकर क्रेजी रही हैं। अब वे इसी का बिजनेस कर रही हैं।
23 साल की अनुवा बचपन से ही हॉट चॉकलेट को लेकर क्रेजी रही हैं। अब वे इसी का बिजनेस कर रही हैं।

अनुवा कहती हैं, 'पहले से मेरा बिजनेस करने का कोई इरादा नहीं था। मम्मी-पापा की अच्छी इनकम थी और मैं भी जॉब कर रही थी। मुझे हॉट चॉकलेट पसंद है। जब भी मैं कहीं बाहर जाती तो अपनी पंसद का हॉट चॉकलेट खरीद लेती थी। हालांकि महंगे होने की वजह से मैं इसे रेगुलर नहीं खरीद सकती थी। साथ ही हर जगह अच्छी क्वालिटी का चॉकलेट मिल भी नहीं पाता था। लिहाजा चॉकलेट को लेकर मुझे थोड़ी-बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।'

घर पर ही चॉकेलट तैयार करना शुरू किया
भास्कर से बात करते हुए अनुवा कहती हैं, 'साल 2019 के अंत में मैंने तय किया कि घर पर ही हॉट चॉकलेट तैयार किया जाए। फिर मैंने इसे लेकर रिसर्च करनी शुरू कर दी। हॉट चॉकलेट तैयार करने वालों कुछ लोगों से बात की, उनकी रेसिपी जानी। अलग-अलग रॉ मटेरियल के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद अपनी खास रेसिपी बनाई और ऑनलाइन वीडियो देखकर चॉकलेट बनाना शुरू कर दिया।'

अनुवा कहती हैं कि मार्केट में अच्छी क्वालिटी की हॉट चॉकलेट आपको आसानी से नहीं मिलता है। इसलिए इसमें बिजनेस का स्कोप है।
अनुवा कहती हैं कि मार्केट में अच्छी क्वालिटी की हॉट चॉकलेट आपको आसानी से नहीं मिलता है। इसलिए इसमें बिजनेस का स्कोप है।

वे कहती हैं, 'मेरा प्रयोग सफल रहा। पहली बार में ही अच्छा चॉकलेट तैयार हुआ। इसके बाद तो मैंने बाहर से चॉकलेट खरीदना छोड़ दिया और खुद ही अपनी पसंद का हॉट चॉकलेट बनाने लगी। इसका टेस्ट भी मार्केट की तुलना में बेहतर था और क्वालिटी भी काफी अच्छी थी।'

मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़ी होकर बेचने लगीं हॉट चॉकलेट
अनुवा कहती हैं हमारे यहां ज्यादातर शहरों में चाय और कॉफी तो हर जगह मिल जाता है, लेकिन हॉट चॉकलेट सिलेक्टेड शॉप पर ही मिलता है। साथ ही इसकी प्राइस भी काफी ज्यादा होती है। बेहतर क्वालिटी के चॉकलेट को लेकर तो और भी कई तरह की दिक्कतें हैं। लिहाजा इसमें मार्केटिंग का अच्छा खासा स्कोप है। मेरे कई दोस्त भी इसको लेकर अपनी दिलचस्पी दिखा रहे थे। इसलिए मैंने तय किया कि कमर्शियल लेवल पर इसको ले जाया जाए।

इसके बाद अनुवा गुरुग्राम में एक मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़ी होकर हॉट चॉकलेट बेचने लगीं। उन्होंने एक कप की प्राइस 30 रुपए रखी। पहले दिन कुछ ही घंटों में उनके 30 से ज्यादा कप बिक गए। इसके बाद उनका यह रूटीन हो गया। वे रोज सुबह उठकर चॉकलेट तैयार करतीं और मेट्रो के बाहर खड़ी होकर उसकी मार्केटिंग करतीं। फिर कस्टमर्स से उसका फीडबैक भी लेती थीं।

अपने चॉकलेट के लिए रॉ मटेरियल अनुवा तमिलनाडु से मंगाती हैं। वे वहां के स्थानीय किसानों से इसे खरीदती हैं।
अपने चॉकलेट के लिए रॉ मटेरियल अनुवा तमिलनाडु से मंगाती हैं। वे वहां के स्थानीय किसानों से इसे खरीदती हैं।

कुछ दिनों बाद उन्होंने एक कियॉस्क वाले से टाइअप कर लिया। वे चॉकलेट बनाकर उसके यहां रख देती थीं और शाम में जितनी बिक्री होती, उतना अमाउंट कलेक्ट कर लेती थीं। साथ ही अपनी नौकरी भी करती थीं। इससे उनकी ठीकठाक कमाई होने लगी। हर दिन उनकी 10 से 12 लीटर चॉकलेट बिक जाती थीं।

कोविड में लिक्विड चॉकलेट की जगह पाउडर बनाना शुरू किया
अनुवा कहती हैं कि कुछ महीने काम करने के बाद हमें रियलाइज हुआ कि जगह-जगह हॉट चॉकलेट बेचना मुमकिन नहीं है। न ही बड़े लेवल पर इसमें मार्केटिंग का स्कोप है। तभी कोरोना आ गया और हमारा काम बंद हो गया। तब इससे नुकसान तो हुआ, लेकिन आगे के बिजनेस के लिहाज से अच्छा भी रहा। इसमें मुझे अलग-अलग चॉकलेट के बारे में स्टडी और मार्केटिंग आइडिया के बारे में रिसर्च करने का मौका मिल गया।

वे कहती हैं, 'मैंने तय किया कि लिक्विड चॉकलेट की जगह क्यों न हॉट चॉकलेट पाउडर की मार्केटिंग की जाए। इसकी डिमांड भी है और बड़े लेवल पर इसकी सप्लाई भी की जा सकती है। कोविड और लॉकडाउन के लिहाज से भी यह बेहतर आइडिया था। इसके बाद तमिलनाडु से उन्होंने इसके रॉ मटेरियल मंगाए और घर पर ही हॉट चॉकलेट का पाउडर तैयार करना शुरू कर दिया।'

अनुवा फिलहाल तीन अलग-अलग फ्लेवर का चॉकलेट तैयार कर रही हैं। इसमें डार्क, लाइट और जैगरी शामिल हैं।
अनुवा फिलहाल तीन अलग-अलग फ्लेवर का चॉकलेट तैयार कर रही हैं। इसमें डार्क, लाइट और जैगरी शामिल हैं।

30-35 हजार रुपए की लागत से शुरू किया स्टार्टअप
चॉकलेट पाउडर तैयार करने के बाद अनुवा ने साल 2021 में Tiggle नाम से अपनी कंपनी लॉन्च की। इसके लिए जरूरी लाइसेंस लिए। कुछ छोटी मशीनें खरीदीं। इसमें करीब 30-35 हजार रुपए उनके खर्च हुए। इसके बाद आगरा में अपनी यूनिट शुरू की। कुछ स्थानीय महिलाओं को काम पर रखा और अपनी वेबसाइट के जरिए मार्केटिंग करने लगीं। उन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल मार्केटिंग की हेल्प ली और जल्द ही देश की अलग-अलग जगहों से उन्हें ऑर्डर मिलने लगे।

इसके बाद अनुवा ने कस्टमर्स की डिमांड के मुताबिक वैराइटी और फ्लेवर का दायरा बढ़ा दिया। उन्होंने तीन फ्लेवर यानी डार्क, लाइट और जैगरी हॉट चॉकलेट लॉन्च किए। इसका बढ़िया रिस्पॉन्स भी मिला और अच्छी खासी सेल होने लगी। पिछले साल उन्होंने 2 लाख कप से ज्यादा पाउडर ऑनलाइन फ्लेटफॉर्म के जरिए सेल की। अब खुद की वेबसाइट और सोशल मीडिया के साथ ही अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उनके प्रोडक्ट मिल रहे हैं।

अनुवा की टीम में 12 लोग काम करते हैं। इनमें 5 महिलाएं हैं, जो चॉकलेट पाउडर तैयार करने के साथ ही पैकेजिंग में भी हेल्प करती हैं।
अनुवा की टीम में 12 लोग काम करते हैं। इनमें 5 महिलाएं हैं, जो चॉकलेट पाउडर तैयार करने के साथ ही पैकेजिंग में भी हेल्प करती हैं।

आगरा में यूनिट देशभर में मार्केटिंग
अनुवा कहती हैं कि हमारे साथ कुल 12 लोगों की टीम है। इनमें 5 महिलाएं हैं, जो पाउडर बनाने और पैकेजिंग का काम करती हैं। ये सारा काम आगरा में होता है, जहां हमारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। इसके बाद देश के अलग-अलग शहरों में उसकी मार्केटिंग की जाती है। मार्केटिंग और प्रमोशन के लिए भी हमारी टीम है। इसके अलावा कई डिलीवरी कंपनियों से भी हमारा टाइअप है। जहां तक प्रोडक्ट की प्राइस की बात है। करीब 30 रुपए एक कप की कीमत होती है, जबकि 10 कप का पैकेट 279 रुपए में मिलता है।

वे कहती हैं कि हमारे सभी चॉकलेट कैमिकल फ्री हैं। इसमें हम किसी तरह का प्रिजर्वेटिव हम यूज नहीं करते हैं। सभी रॉ मटेरियल ऑर्गेनिक फार्मिंग करने वाले किसानों से ही लेते हैं। हम जो कोको पाउडर लाते हैं, वो भी सबसे खास होता है। हमने 50 से ज्यादा अलग-अलग कोको पाउडर के ट्रायल के बाद अपना कोको फिक्स किया है।

आप भी इस तरह के स्टार्टअप की प्लानिंग कर रहे हैं तो यह स्टोरी आपके काम की है
हरियाणा के ऋषभ ने अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला से चॉकलेट बनाने की ट्रेनिंग ली और 2018 में 10 हजार रुपए की लागत से अपने घर के किचन से ही स्टार्टअप की शुरुआत की। आज ऋषभ हर महीने 6 हजार से ज्यादा चॉकलेट सेल करते हैं। सालाना 7 से 8 लाख रुपए उनकी कमाई हो जाती है। इतना ही नहीं, उन्होंने 8-10 लोगों को रोजगार भी दिया है। (पढ़िए पूरी खबर)