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आज की पॉजिटिव खबर:विकल्प ने डिजिटल हेल्थ केयर ऐप लॉन्च किया; 15 लाख लोगों ने ली सर्विस, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

नई दिल्ली5 महीने पहले

पिछले कुछ साल में हेल्थ केयर स्टार्टअप की डिमांड बढ़ी है। खासकर कोरोना के बाद। इसी को देखते हुए मध्य प्रदेश के रहने वाले विकल्प साहनी ने पिछले साल डिजिटल हेल्थ केयर स्टार्टअप की शुरू किया। उन्होंने 6 महीने से कम वक्त में अच्छा खासा बिजनेस किया है। एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने उनके ऐप के जरिए वैक्सीनेशन की बुकिंग की है। 15 लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं और देशभर में 2 हजार से ज्यादा डॉक्टर्स उनके साथ जुड़े हैं।

36 साल के विकल्प एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई इंदौर में हुई। बचपन से उन्हें कम्प्यूटर और प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी रही। इसलिए 12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की। फिर नौकरी लग गई। लंबे वक्त तक उन्होंने goibibo के साथ काम किया। वहां कई बड़े टेक्निकल प्रोजेक्ट्स को हैंडल किया। 400 से ज्यादा लोगों की टीम लीड की और goibibo को एक मुकाम तक पहुंचाया।

कोविड आया तो डिजिटल हेल्थ केयर पर फोकस शुरू किया
भास्कर से बात करते हुए विकल्प कहते हैं कि लंबे वक्त तक होटल और ट्रैवल के फील्ड में काम करने के बाद मुझे लगा कि अब कुछ नया करना चाहिए। साल 2019 से मैं कुछ नया करने की प्लानिंग करने लगा। अलग-अलग डिजिटल स्टार्टअप को लेकर स्टडी करने लगा। तभी मार्च 2020 में कोविड आ गया। इससे बहुत हद तक हमारी प्लानिंग बदल गई और मन में ख्याल आया कि क्यों न डिजिटल हेल्थ केयर के फील्ड में काम किया जाए।

36 साल के विकल्प एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। बचपन से उन्हें कम्प्यूटर और प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी रही है।
36 साल के विकल्प एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखते हैं। बचपन से उन्हें कम्प्यूटर और प्रोग्रामिंग में दिलचस्पी रही है।

वे कहते हैं कि कोविड के टाइम काफी पैनिक था। न अस्पतालों में जगह थी न ही कोई डॉक्टर देखने के लिए तैयार हो रहा था। साथ ही लोग अपनी हेल्थ को लेकर चिंतित भी रहने लगे थे और इधर-उधर ऑनलाइन डॉक्टर्स की तलाश कर रहे थे। मुझे लगा कि ये सही वक्त है कुछ शुरू करने का। फिर हमने रिसर्च शुरू की।

साल 2020 में विकल्प और उनके टीम के साथियों ने वॉलंटियर्स के रूप में आरोग्य सेतु ऐप के लिए काम करना शुरू किया। उसकी टेक्नोलॉजी डेवलप करने में काफी भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें नेशनल लेवल पर अवॉर्ड भी मिले। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें डिजिटल इडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया।

साल 2021 में शुरू किया हेल्थ केयर स्टार्टअप
विकल्प कहते हैं, 'पूरी प्लानिंग और स्टडी के बाद साल 2021 की शुरुआत में eka.care नाम से मैंने अपना स्टार्टअप शुरू किया। इसके लिए हमने अपनी सेविंग्स और दोस्तों से पैसे लिए। फिर थोड़ी बहुत सीड फंडिंग की। इसके बाद दो ऐप लॉन्च किए। एक डॉक्टर के लिए और दूसरा यूजर, यानी पेशेंट्स के लिए। फिर जून 2021 से काम करना शुरू कर दिया। सबसे पहले कोविन ऐप से अप्रूवल लिया और वैक्सीनेशन की सुविधा शुरू की। जहां से लोग वैक्सीन के लिए स्लॉट बुक कर सकें और सर्टिफिकेट भी डाउनलोड कर सकें।

विकल्प कहते हैं कि पिछले कुछ साल में ऑनलाइन सर्विसेज की डिमांड बढ़ी है, लेकिन हेल्थ केयर सेक्टर में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।
विकल्प कहते हैं कि पिछले कुछ साल में ऑनलाइन सर्विसेज की डिमांड बढ़ी है, लेकिन हेल्थ केयर सेक्टर में अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है।

विकल्प का यह प्रयोग सफल रहा। उन्हें यूजर्स की तरफ से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। कई लोगों ने वैक्सीनेशन के लिए उनके ऐप का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वे कहते हैं कि अब तक हमारे ऐप से 1 करोड़ से ज्यादा लोग वैक्सीनेशन की बुकिंग और सर्टिफिकेट डाउनलोड कर चुके हैं। इसी तरह हेल्थ केयर की बाकी जरूरतों के लिए हमारे साथ लाखों में यूजर्स जुड़े हैं। पिछले 6 महीने की बात करें तो करीब 15 लाख यूजर्स ने हमारे ऐप के जरिए हेल्थ केयर सर्विसेज का फायदा लिया है।

कैसे करते हैं काम? क्या है ऐप के फीचर्स?
विकल्प कहते हैं, 'हमारे दो प्लेटफॉर्म है। एक डॉक्टर के लिए और दूसरा यूजर्स के लिए। कोई भी डॉक्टर हमारे ऐप के जरिए जुड़ सकता है। उसके लिए उसे अपनी बेसिक डीटेल प्रोवाइड करनी होती है। इसके बाद वह लॉगिन कर सकता है। इसके लिए उसे बेहद ही मिनिमम चार्ज देना होता है।'

अपने ऐप की खूबियां बताते हुए विकल्प कहते हैं कि हमारा ऐप AI, यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड है। जैसे ही कोई यूजर या पेशेंट इन्क्वायरी करेगा, वो उसका प्री-चेकअप रिपोर्ट तैयार कर लेता है। जैसे उसकी बेसिक डीटेल्स, क्या-क्या दिक्कतें हैं, कौन सी बीमारी है, क्या-क्या दवाइयां पहले से ले रहा है। इसका फायदा यह होता है कि डॉक्टर का वक्त बचता है और उसे पेशेंट से ये सवाल नहीं करने पड़ते हैं।

डिजिटल हेल्थ केयर सेक्टर में काम के लिए विकल्प और उनकी टीम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साल 2020 में सम्मानित किया था।
डिजिटल हेल्थ केयर सेक्टर में काम के लिए विकल्प और उनकी टीम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साल 2020 में सम्मानित किया था।

इसके अलावा हमारे ऐप के जरिए डॉक्टर्स प्रिस्क्रिप्शन भी लिख सकते हैं। इसके लिए हमने अपने ऐप को मेडिकली अवेयर किया है। यानी जिस तरह के पेशेंट्स के लक्षण होंगे, जैसी उसकी रिपोर्ट होगी, उसके हिसाब से मौजूद दवाइयों की लिस्ट भी डॉक्टर्स को मिल जाएगी। जिससे उन्हें प्रिस्क्रिप्शन लिखने में आसानी होगी।

यूजर्स को ऐप की सर्विसेज के लिए नहीं देना होगा चार्ज
यूजर, यानी पेशेंट की बात करें तो कोई भी यूजर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद अकाउंट क्रिएट कर सकता है। इसके लिए उसे किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा। वह इस ऐप के जरिए अपनी मेडिकल रिपोर्ट डिजिटल तरीके से सेव कर सकता है। साथ ही अपने हेल्थ से जुड़ी हर डिटेल ऑनलाइन मेंटेन कर सकता है। अगर उसे हेल्थ चेकअप या डॉक्टर से कंसल्ट करने की जरूरत है तो उसकी जरूरत के मुताबिक ऐप पर डॉक्टर्स की लिस्ट उपलब्ध है। वह स्लॉट बुक कर सकता है और अपना ट्रीटमेंट करा सकता है।

इसके लिए उसे डॉक्टर की जो फीस होगी, उसका भुगतान करना होगा। इसके अलावा उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा। साथ ही ऐप के जरिए वह अपना बीपी और हार्ट बीट रेगुलरली चेक कर सकता है। साथ ही वैक्सीनेशन से जुड़ी सुविधाओं का लाभ ले सकता है। इसके अलावा वह अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड भी बना सकता है।

विकल्प कहते हैं, 'हम लोग यूजर्स की प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखते हैं। यानी बिना उनकी मर्जी के कुछ भी जानकारी या डॉक्युमेंट हम किसी से शेयर नहीं करते हैं। यहां तक कि डॉक्टर्स के साथ भी नहीं।'

विकल्प के साथ फिलहाल 60-65 लोग काम कर रहे हैं। जो टेक्निकल से लेकर मार्केटिंग फील्ड में काम कर रहे हैं। मार्केटिंग के लिए उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और प्रमोशन की स्ट्रैटजी अपनाई है। वे सोशल मीडिया के जरिए भी अपना प्रमोशन कर रहे हैं।

अगर इस तरह के स्टार्टअप में आपकी दिलचस्पी है तो यह खबर आपके काम की है
पिछले कुछ साल में योग की डिमांड बढ़ी है। लोग अपनी रूटीन लाइफ में योग को शामिल कर रहे हैं। खास तौर पर कोरोना के बाद योग को लेकर लोग काफी अवेयर हुए हैं। इसी को देखते हुए भोपाल के दो दोस्तों ने एक ऑनलाइन ऐप की शुरुआत की है। जिसके जरिये वे लोगों को ऑनलाइन योग सिखा रहे हैं। यह ऐप AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी पर बेस्ड है। दस महीने से कम वक्त में दोनों ने इस ऐप के जरिये 10 लाख रुपए का बिजनेस किया है। (पढ़िए पूरी खबर)