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खुद्दार कहानी:पैदा हुई तो घर वालों ने प्रवीण नाम दिया; लेकिन जब खुद को पहचाना तो श्रुति सितारा बनकर इतिहास रच दिया

एक वर्ष पहलेलेखक: सुनीता सिंह

‘जब मैं स्कूल जाती थी, तब लड़के परेशान करते थे। बोल-चाल से लेकर मेरी चाल-ढाल को लेकर बच्चे मुझे बुली किया करते थे। तब मुझे भी नहीं पता था कि मैं बाकी बच्चों से अलग क्यों हूं। जब मुझे समझ आया, तब मैंने अपनी पहचान बदलकर आगे बढ़ने की ठानी।’ ये कहना है भारत की पहली मिस ट्रांस ग्लोबल श्रुति सितारा का।

पहले माता पिता ने उनका नाम प्रवीण रखा था। जब वे छोटी थीं तो उनके भाई या रिश्तेदार उन्हें उन गेम्स में पार्टिसिपेट करने के लिए कहते थे, जिन्हें ज्यादातर लड़के खेलते हैं, लेकिन उन खेलों में उनकी दिलचस्पी नहीं थी। तब तो वे ब्यूटी क्वीन सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय बच्चन को देखकर, उनके जैसा बनने का ख्वाब बुना करती थीं। कुछ समय तक ऐसा ही चलता रहा। कॉलेज के दिनों में उनका ट्रांसजेंडर्स कम्युनिटी से मिलना हुआ। तभी उन्हें समझ आया कि वे भी उनमें से एक हैं। इस तरह प्रवीण सबके सामने श्रुति सितारा के रूप में सामने आईं।”

श्रुति ने न सिर्फ अपनी पहचान को गर्व से स्वीकारा, बल्कि मिस ट्रांस ग्लोबल 2021 का खिताब जीतकर इतिहास भी रच दिया। फिलहाल वे कई मलयालम और तेलुगु फिल्मों में काम कर रही रहीं हैं। उन्हें कुछ इंटरनेशनल एडवर्टाइजमेंट में काम करने का भी मौका मिला है। जल्द ही वे बॉलीवुड मूवीज में भी नजर आएंगी।

कॉलेज में खुद की पहचान पता चली

श्रुति केरल के सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट में ट्रांसजेंडर सेल में काम कर चुकी हैं।
श्रुति केरल के सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट में ट्रांसजेंडर सेल में काम कर चुकी हैं।

29 साल की श्रुति सितारा केरल के वाईकॉम की रहने वाली हैं। वे बताती हैं, ‘मुझे स्कूल के दौरान लड़कों के साथ नहीं, बल्कि लड़कियों के साथ रहना और उनसे बातें करना अच्छा लगता था। मेरे चलने और बर्ताव करने का तरीका भी लड़कों से अलग था। इस वजह मुझे स्कूल में काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। जब मैं 12वीं क्लास में गई तो मुझे ये समझ आ गया कि मैं बाकी बच्चों से अलग हूं। स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद मेरा एडमिशन कोट्टायम के महाराजा कॉलेज में हुआ, जहां मैं ट्रांसजेंडर कम्युनिटी से मिली।

फेसबुक के जरिए दुनिया को पहचान बताई

श्रुति के परिवार में भैया, भाभी और उनके पिता हैं। श्रुति तब बहुत छोटी थीं, तब उनकी मां की मौत हो गई थी।
श्रुति के परिवार में भैया, भाभी और उनके पिता हैं। श्रुति तब बहुत छोटी थीं, तब उनकी मां की मौत हो गई थी।

वे बताती हैं, ‘मैंने सबसे पहले अपने बारे में पापा को बताया। उन्हें ये बात पहले से मालूम थी तो उन्होंने मुझे सपोर्ट किया। उसके बाद मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट किया और दुनिया के सामने आ गई। अभी तक मेरी सर्जरी नहीं हुई है। मैं हार्मोन ट्रीटमेंट पर हूं। मैं एक ऐसे परिवार में बड़ी हुई हूं, जहां मुझे हमेशा प्यार मिला है। मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन मेरे पिता, भाई और भाभी ने मेरा हमेशा साथ दिया है।

उनकी वजह से मुझे मेरे आस-पास भी लड़ाई नहीं लड़नी पड़ी, कई ट्रांस कम्युनिटी लोगों को ये लड़ाई लड़नी पड़ती है। आपका परिवार आपका पहला समाज है, अगर आपका परिवार आपको अपना लेता है तो दुनिया भी अपना लेती है।’

बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट प्रोग्राम देखना पसंद था

16 देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ श्रुति विनर बनीं। वह मिस ट्रांस ग्लोबल जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं।
16 देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ श्रुति विनर बनीं। वह मिस ट्रांस ग्लोबल जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं।

मिस ट्रांस ग्लोबल 2021 की विनर बनने से पहले श्रुति 2017 में Dhwayah Queen का ताज भी जीत चुकी हैं। वह मिस ट्रांस ग्लोबल जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं। वे बताती हैं, ‘मैं बचपन से ही ब्यूटी पेजेंट प्रोग्राम देखना पसंद करती थी। जब मैंने इस तरह के प्रोग्राम में हिस्सा लेने के बारे में सोचा तो मेरे दोस्तों ने मेरा साथ दिया। पहले भी मैं कई प्रोग्राम्स में हिस्सा ले चुकी थी तो मेरा कॉन्फिडेंस अच्छा था।

वे कहती हैं कि मैं 2021 मिस ट्रांसजेंडर ग्लोबल में हिस्सा लेने के लिए काफी एक्साइटेड थी। इस जीत के लिए मैंने जी-तोड़ मेहनत और तैयारी की थी। मिस ट्रांस ग्लोबल इंडिया का खिताब जीतना मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था। मैंने अपना सपना जिया भी और खिताब भी जीता।’

मिस ट्रांस ग्लोबल का खिताब जीतने के लिए श्रुति को काफी तैयारियां करनी पड़ीं। करीब छह महीने तक वो अलग-अलग राउंड में हिस्सा लेती रहीं। ऑस्ट्रेलिया, फिलिपींस, यूके, इंडोनेशिया और जापान सहित 16 देशों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ श्रुति विनर बनीं।

ट्रांस कम्युनिटी की आवाज बन रही हैं श्रुति

श्रुति LGBTQ कम्युनिटी के अधिकारों को सामान्य बनाने के लिए भी काम कर रही हैं।
श्रुति LGBTQ कम्युनिटी के अधिकारों को सामान्य बनाने के लिए भी काम कर रही हैं।

श्रुति का मानना है कि एजुकेशन ही ट्रांस कम्युनिटी की जिंदगी को बेहतर बनाने का इकलौता तरीका है। जब तक इस कम्युनिटी के लोग पढ़ेंगे नहीं तब तक वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे।

वे कहती हैं, भारत में ट्रांस कम्युनिटी के लिए The Transgender Persons (Protection of Rights) Act तो है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जाता है। देश में ज्यादातर ट्रांसजेंडर प्रताड़ित किए जाने या यौन उत्पीड़न के डर में जीते हैं। लोग सोचते हैं कि ट्रांसजेंडर यौनकर्मी, भिखारी और अपराधी होते हैं, पर सच्चाई ये है कि आईटी, फिल्म और मेकअप इंडस्ट्री ट्रांसजेंडर से भरी है। लोगों को ये स्वीकारना होगा कि हम भी इसी दुनिया के हैं और हमारा भी जीने, सपने देखना और उनको पूरा करने का हक है।

कुछ लोग ट्रांस वीमेन की बॉडी शेमिंग भी करते हैं। हार्मोन थेरेपी की वजह से हम लोगों के शरीर में कई में बदलाव आते हैं। इसका मतलब ये नहीं कि लोग हमारा मजाक उड़ाते रहेंगे।

काफी फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं

बॉलीवुड में बतौर एक्ट्रेस अपनी जगह बनाना श्रुति का सपना है।
बॉलीवुड में बतौर एक्ट्रेस अपनी जगह बनाना श्रुति का सपना है।

श्रुति एक्ट्रेस बनना चाहती हैं। फिलहाल वो मलयालम और तेलुगु फिल्मों में काम कर रही हैं। उन्होंने बताया- ‘मैं जल्द ही एक मलयालम फिल्म में नजर आऊंगी। फिल्म बन गई है। मैंने इस फिल्म में एक एक्टर का रोल निभाया है। इसके अलावा मैं कई इंटरनेशनल एडवर्टाइजमेंट में भी काम कर रही हूं। हाल में ही मुझे बॉलीवुड से भी ऑफर मिला है। उम्मीद है कि मैं हिंदी फिल्मों में भी जल्द ही दिखूंगी।’