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करिअर फंडाठोस कारण हैं मैनेजमेंट स्टडीज पॉपुलर होने के:लोग क्यों करते हैं एम.बी.ए.

6 दिन पहले

सिद्धिमूलं प्रबंधनम अर्थात ‘सफलता के मूल में प्रबंधन है’

-आई.आई.एम. इंदौर का आदर्श वाक्य

‘द आर्ट ऑफ़ मैनेजमेंट इज़ टू ग्रो टू ब्लेड्स ऑफ़ ग्रास वेयर वन वुड ग्रो अरलियर’

-मैनेजमेंट गुरु पीटर ड्रकर

क्यों पॉपुलर

भारत में एम.बी.ए., तमाम इकोनॉमिक स्लोडाउन और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिक्कतों के बावजूद बहुत पॉपुलर कोर्स है। आइए जानते है कि क्यों।

मैनेजमेंट स्किल्स सीखे हुए लोग पांच काम अच्छे कर सकते हैं

1) बिग पिक्चर देखना - सिर्फ अपना डिपार्टमेंट नहीं, लेकिन पूरी कंपनी का काम समझ पाना

2) ह्यूमन रिसोर्स की वैल्यू समझना - मटेरियल रिसोर्सेज से कहीं ऊपर होते हैं ह्यूमन रिसोर्सेज

3) स्ट्रेटेजिक थिंकिंग बनाना - ऑपरेशनल स्किल्स के आगे जाकर स्ट्रेटेजिक थॉट बिल्ड करना

4) बेहतर प्रेजेंटेशन स्किल्स - अपने आइडिया को बेहतर पैकेज कर पाना

5) क्राइसिस मैनेजमेंट करना - अनेक तरह की मुसीबतों में काउंटर-स्ट्रेटेजी बनाना

ये भी सच है कि हर एम.बी.ए. ग्रेजुएट इतना स्किल्ड नहीं होगा, और अपनी खुद की मेहनत बड़ा रोल प्ले करेगी।

एक लम्बी विरासत

आज भारत, अमेरिका के बाद सबसे अधिक मैनेजमेंट कॉलेजों वाला देश है।

भारत में मैनेजमेंट एजुकेशन की शुरुआत 1954 में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट (IISWBM), कोलकाता के साथ हुई, जिसे भारत का पहला मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट भी कहा जाता है। 1950 के दशक में ही आंध्र, तत्कालीन बॉम्बे, मद्रास एवं दिल्ली यूनिवर्सिटीज ने मैनेजमेंट कोर्स शुरू किए। 1961 में आई.आई.एम. कोलकाता, 1962 में आई.आई.एम. अहमदाबाद शुरू किए गए। 1949 में स्थापित जेवियर्स लेबर रिसर्च इंस्टिट्यूट, जमशेदपुर (XLRI) में 1966 से मैनेजमेंट विभाग की शुरुआत की गई।

आज भारत 20 आई.आई.एम. के साथ लगभग 200 प्रेस्टीजियस मैनेजमेंट कॉलेजों का घर है। करीब तीन लाख युवा हर साल इन संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षाओं में बैठते है, जिनमें CAT, XAT एवं CMAT मेन परीक्षाएं हैं।

क्या हैं फायदे

कॉम्पिटिटिव एडवांटेज: एमबीए डिग्री-होल्डर के पास, दूसरों से बेहतर चांस होते हैं। जॉब्स में एमबीए डिग्री-होल्डर को कई बार प्रेफरेंस दी जाती है। एम्प्लॉयर जानता है कि बड़े कॉलेज से एमबीए डिग्री हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। अर्थात डिग्रीधारक अनुशासित और महत्वाकांक्षी तो है। कुछ कंपनियों की पालिसी में टॉप लेवल पर ये डिग्री अनिवार्य भी हो सकती है।

हाई सैलरी: औसत देखें तो एमबीए की डिग्री ग्रेजुएट्स को बेहतर नौकरी के साथ हाई सैलरी भी दिलाती है। एमबीए की डिग्री मैनेजमेंट पोजिशन्स पर जाने का एंट्री टिकट है जो नॉर्मली हाई-पेड होती हैं। कॉलेज छात्रों को प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करते हैं जहां छात्रों को अपनी ड्रीम-कंपनियों में से चुनने का मौका मिलता है। स्टार्टिंग सैलरी 4 से 7 लाख एनुअल हो सकती है। रेप्यूटेड मैनेजमेंट कॉलेज (आई.आई.एम.) से 15 से 20 लाख एनुअल पैकेज भी मिल सकता हैं। अनुभव होने के बाद आप और अधिक कमा सकते हैं।

करियर प्रोग्रेस और जॉब सिक्योरिटी: एमबीए करने वालों में करीब एक तिहाई से आधे तक लोग करियर प्रोग्रेस के लिए एमबीए करते हैं। करियर प्रोग्रेस से अर्थ मैनेजरियल पोजिशन्स पर प्रमोशन, सामाजिक रेपुटेशन में बढ़ोतरी और KSA (नॉलेज, स्किल्स और एबिलिटी) में ग्रोथ से है। एल.पी.जी. इकोनॉमिक रिफॉर्म्स के बाद के भारत में बड़े बिजनेस और कंपनियां लांच हुईं, जिस कारण इस फील्ड में जॉब की कमी नही रही। हां, ये भी सच है कि 1991 से आज तक अनेकों डाउनटर्न भी रहे जब एम.बी.ए. डिग्री-होल्डर्स को भी दिक्कतें आईं।

करियर चेंज: अनेकों प्रोफेशनल्स करियर में बदलाव के लिए भी मैनेजमेंट शिक्षा प्राप्त करते है। ‘करियर चेंज’ का अर्थ यह है कि किसी फील्ड में काम कर रहे लोग किसी और फील्ड में काम करने की इच्छा रखते हैं। ना केवल मैनेजमेंट की डिग्री उनके लिए यह राह खोलती है बल्कि मैनेजमेंट एजुकेशन पाकर वे इस बात को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं कि कौन-सी इंडस्ट्री पर्सनालिटी और इंटरेस्ट के ज्यादा अनुकूल है। करियर चेंज के पीछे कई कारण जैसे वर्तमान जॉब से बोरियत, जॉब प्रोफाइल और पर्सनालिटी मिसमैच, विजन का अभाव, विकास की सीमित संभावनाएं आदि हो सकते हैं।

कॉर्पोरेट नेटवर्किंग के अवसर: एमबीए प्रोग्राम छात्रों को कॉरपोरेट जगत में नेटवर्क बनाने में सहायक हैं। कई यूनिवर्सिटीज में टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों के अनुभवी प्रोफेशनल और बिजनेस लीडर्स से मिलने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हालांकि इस फील्ड में सबसे मजबूत नेटवर्क साथियों और पूर्व छात्रों से कनेक्ट करके बनता है। क्योंकि आने वाले वर्षों में आपके इन्हीं साथियों में से कोई बिजनेस लीडर, आंत्रप्रेन्योर्स, सीईओ और सीएफओ बनते हैं। कई स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम या ऑन-फील्ड वर्क अनुभव के माध्यम से छात्र-पूर्व छात्रों के बीच में बातचीत की सुविधा भी प्रदान करते हैं।

ग्लोबल एक्सपोजर: एमबीए डिग्री को दुनिया भर में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। इसलिए इसका उपयोग दुनिया के किसी भी हिस्से में करियर बनाने के लिए किया जा सकता है। अच्छे मैनेजमेंट स्कूल से ग्रेजुएट छात्र मल्टीनेशनल संस्थानों में प्रमुख क्षेत्रों और प्रमुख मैनेजेरियल पोस्ट के लायक होते हैं।

तो आप भी प्रोफेशनल ग्रोथ के बारे में सोचें। हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं!

कर के दिखाएंगे!

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