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डीबी ओरिजिनल / 17 साल पहले चांद पर जमीन बिकना शुरू हुई थी, खरीदारों को अब चंद्रयान-2 से उम्मीदें



Chandrayaan 2 Launch: Meet Raajeev Baagdi, Lalit Mohata Who Buy Plots Of Land On The Moon
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Chandrayaan 2 Launch: Meet Raajeev Baagdi, Lalit Mohata Who Buy Plots Of Land On The Moon

  • भास्कर ने उन दो भारतीयों से बात की, जिन्होंने 17 साल पहले बेहद कम रेट पर चांद पर जमीन खरीदी

  • चांद पर दुनियाभर के कई लोग खरीद चुके हैं जमीन, लेकिन कोई सरकार इसे मान्यता नहीं देती

अक्षय बाजपेयी

अक्षय बाजपेयी

Jul 22, 2019, 04:26 PM IST

नई दिल्ली. इसरो ने चंद्रयान-2 को सोमवार दोपहर 2.43 बजे श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया। इस मिशन पर दुनिया की नजरें हैं क्योंकि चंद्रयान-2 उस जगह जाएगा जहां अब तक कोई देश नहीं पहुंचा है। यह चांद के दक्षिणी धुव्र पर उतरेगा। इसका मुख्य उद्देश्य चांद की सतह का नक्शा तैयार करना, खनिजों की मौजूदगी का पता लगाना, चंद्रमा के बाहरी वातावरण को स्कैन करना और पानी का पता लगाना है। चांद पर बस्ती बसने के पहले ही कई संस्थान वहां की जमीन बेच रहे हैं। कई दिग्गज हस्तियों सहित आम लोगों ने भी चांद पर जमीन खरीदी है।

 

दैनिक भास्कर प्लस ऐप ने चांद पर जमीन खरीदने वाले भारतीय राजीव बागड़ी (हैदराबाद) और ललित मोहता (बेंगलुरू) से बात करके जाना कि उन्होंने चांद पर जमीन क्यों खरीदी?

2002 में ही राजीव ने खरीद ली थी चांद पर जमीन, बोले भविष्य में यहीं पर होगा जीवन

  1. चंद्रयान-2 से जगी उम्मीद, अब लगता है चांद पर पार्टी कर सकूंगा...

    बिजनेसमैन और स्टॉक मार्केट में टेक्निकल एनालिस्ट राजीव बागड़ी (हैदराबाद) ने 2002 में चांद पर प्लॉट खरीदा था। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक मुझे लगता था कि शायद में इस जन्म में चांद पर अपने प्लॉट को नहीं देख सकूंगा लेकिन चंद्रयान-2 के बाद मुझे ऐसा लगने लगा है कि मैं इसी जन्म में अपने दोस्तों और परिवार के साथ चांद पर पिकनिक मना सकूंगा। राजीव ने 2002 में न्यूयॉर्क में स्थित लूनर रिपब्लिक डॉटकॉम के जरिए चांद पर प्लॉट खरीदा था।

    राजीव ने 2002 में न्यूयॉर्क में स्थित लूनर रिपब्लिक डॉटकॉम के जरिए चांद पर प्लॉट खरीदा था।
    • उन्होंने इसके लिए 140 यूएस डॉलर (तब तकरीबन 7 हजार भारतीय रुपए) चुकाए थे। प्लॉट खरीदते ही वे मीडिया में सुर्खियों में आ गए थे। कई लोग उनका मजाक भी बना रहे थे।
    तब तकरीबन 7 हजार भारतीय रुपए
    • राजीव कहते हैं कि सपने देखना चाहिए क्योंकि एक न एक दिन यह सच जरूर होते हैं। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़िया उन्हें चांद पर प्लॉट खरीदने के लिए और उनके विजन के लिए याद रखेंगी।

  2. जिंदगी में कुछ अविश्वसनीय निवेश भी करना चाहिए...

    बेंगलुरू में बिजनेस एनालिस्ट के पद पर काम कर रहे ललित मोहता ने भी 2006 में चांद पर प्लॉट खरीदा था। ललित ने तब प्लॉट के लिए 3500 रुपए लूनर रिपब्लिक को चुकाए थे। वे कहते हैं कि जिंदगी में कई बार कुछ अविश्वसनीय निवेश भी करना चाहिए। चांद पर आज नहीं तो कल जीवन तो बसना ही है। ऐसे में हो सकता है कि भविष्य में 3500 रुपए के प्लॉट की कीमतें कई गुना बढ़ जाएं। वे कहते हैं कि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और चंद्रयान-2 से बहुत उम्मीदें बढ़ गई हैं। ललित का मानना है कि बहुत जल्द चांद पर जीवन बस जाएगा।

    ललित का मानना है कि बहुत जल्द चांद पर जीवन बस जाएगा।बेंगलुरू में बिजनेस एनालिस्ट के पद पर काम कर रहे ललित मोहता ने भी 2006 में चांद पर प्लॉट खरीदा था

     

  3. कोई भी राष्ट्र चांद पर अपना दावा नहीं कर सकता

    इंटरनेट पर कई ऐसी कंपनियों के नाम आपको मिल जाएंगे जो चांद पर जमीने बेचने का दावा कर रही हैं। हालांकि भारत ने उस अंतरराष्ट्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो किसी भी व्यक्ति को अंतरिक्ष के किसी भी हिस्से में कुछ खरीदने या अपना दावा करने से रोकते हैं। 10 अक्टूबर 1967 से प्रभावी इस समझौते को 'द आउटर स्पेस ट्रीटी' के नाम से जाना जाता है। इसके मुताबिक, आउटर स्पेस जिसमें चांद भी शामिल है, एक कॉमन हेरिटेज हैं जो समस्त मानवजाति के कल्याण के लिए हैं। कोई भी राष्ट्र इस पर अपना दावा नहीं जता सकता। कॉमन हेरिटेज से मतलब है कि कोई भी निजी इस्तेमाल के लिए इसका उपयोग नहीं कर सकता। इस समझौते में 104 देशों ने हस्ताक्षार किए हैं। इस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून के आधार पर तैयार किया गया है।

    10 अक्टूबर 1967 से प्रभावी इस समझौते को 'द आउटर स्पेस ट्रीटी' के नाम से जाना जाता है

     

  4. सरकार नहीं देती चांद पर खरीदी गई जमीन की मान्यता

    विशेषज्ञ कहते हैं कि यह समझौता न भी हो तब भी चांद की जमीन पर कोई अधिकार नहीं जता सकता क्योंकि अनक्लेम्ड लैंड पर दावा जताने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से दो शर्तें पूरी होना जरूरी हैं। पहला या तो आपका उस पर फिजिकल पोजेशन हो या फिर वह आपके नियंत्रण में हो। यह दोनों ही शर्तें चांद के लिए पूरी होती हुई नहीं नजर आतीं। वहीं कुछ वेबसाइट दावा करती हैं कि ट्रीटी राष्ट्रों को दावा जताने से रोकती है न कि नागरिकों को। इसलिए व्यक्तिगत तौर पर कोई भी व्यक्ति चांद पर कानूनी रूप से जमीन खरीद सकता है। कुछ मिलाकर चांद पर जमीन लेने की कोई कानूनी मान्यता सरकार नहीं देती। एक्सपर्ट कहते हैं कि जो लोग चांद पर जमीन बेच रहे हैं, वे भी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं हैं, तो फिर वे जमीन बेच कैसे सकते हैं?

  5. किन बड़ी शख्सियतों ने खरीदी चांद पर जमीन?

    बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी चांद पर जमीन खरीद चुके हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत, शाहरुख खान सहित कई बड़ी शख्सियतों ने चांद पर जमीन खरीदी है। 

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