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यूएन पीसकीपिंग डे / यहां दुश्मन से साथ लड़ते हैं भारत और पाकिस्तान के सैनिक, 14 से ज्यादा मिशन पर दोनों देश एक साथ काम कर रहे

India Pakistan Conflict/International Day of UN Peacekeepers 2020: History, Significance and Facts
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India Pakistan Conflict/International Day of UN Peacekeepers 2020: History, Significance and Facts

  • यूएन 70 पीसकीपिंग मिशन अब तक पूरे कर चुका है, इनमें काम करते भारत के सबसे ज्यादा 164 सैनिक शहीद हुए हैं
  • 2007-2008 में पाकिस्तानी सेना प्रमुख रहे कमर जावेद बाजवा और भारतीय सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह साथ काम कर चुके हैं

उपमिता वाजपेयी

उपमिता वाजपेयी

May 29, 2020, 05:09 PM IST

नईदिल्ली. सरहद पर बंदूक ताने एक दूसरे का मुकाबला करने वाले भारत और पाकिस्तान के सैनिक संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपिंग मिशन में साथ काम करते हैं।

दुनिया के अलग-अलग देशों में चल रहे यूएन मिशन पर कई बार इनकी साथ पोस्टिंग होती है और ये वहां दुश्मन का मुकाबला मिलकर करते हैं।

यूएन डिपार्टमेंट ऑफ पीसकीपिंक के डेटा के मुताबिक यूएन 70 से ज्यादा पीसकीपिंग मिशन अब तक पूरे कर चुका है। और इनमें काम करते भारत के सबसे ज्यादा 164 सैनिक शहीद हुए हैं। 

इन सभी मिशन में भारत और पाकिस्तान सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले टॉप- 10 मुल्कों में शामिल हैं।

भारत हमेशा से महिला सैनिकों को यूएन मिशन पर भेजता रहा है। यहां तक की भारत यूएन के लिए ऑल वुमन कंटिन्जेंट भी भेज चुका है। तस्वीर उसी वक्त की है।

हैरानी वाली बात ये है कि भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश जितने-जितने सैनिक मिशन पर भेजता है चीन उनके आधे भेजता है।

यूएन मिशन पर सैनिक भेजने की लिस्ट में भारत पांचवे और पाकिस्तान छठे नंबर पर है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर यूथोपिया है।

सैनिक भेजने की लिस्ट में यूथोपिया पहले नंबर पर

देश सैनिकों की संख्या रैंकिंग
यूथोपिया 6558 पहली
बांग्लादेश 6435 दूसरी
भारत 5433 पांचवीं
पाकिस्तान 4461 छठी
चीन 2538 दसवीं

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 14 से ज्यादा मिशन पर फिलहाल भारत और पाकिस्तान साथ काम कर रहे हैं।

यूएन का सबसे बड़ा मिशन कॉन्गो में चल रहा है। ये मिशन 1950 से जारी है। कॉन्गो ने लगातार कई युद्ध देखे हैं। यहां यूएन मिशन पर आनेवाले सैनिकों में सबसे ज्यादा भारत और पाकिस्तान के होते हैं।  

कॉन्गो में चल रहे संयुक्त राष्ट्र के मिशन पर भारत और पाक शुरूआत से ही साथ काम कर रहे हैं। संभवत: सबसे पहले जिस मिशन पर भारत और पाकिस्तान साथ आए वो कॉन्गो ही था।

भारत के सबसे ज्यादा सैनिक अभी तक संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपिंग मिशन में पोस्टिंग के दौरान शहीद हुए हैं। इनकी संख्या 164 है। इस साल पांच भारतीय शहीद सैनिकों को यूएन सम्मानित करने जा रहा है।

जब जनरल बिक्रम और पाकिस्तानी बाजवा ने साथ काम किया

2007-2008 में पाकिस्तानी सेना प्रमुख रहे कमर जावेद बाजवा और भारतीय सेना प्रमुख रहे जनरल बिक्रम सिंह भी एक मिशन पर साथ काम कर चुके हैं।

बाजवा और बिक्रम उस वक्त 1999 लुसाका सीजफायर एग्रीमेंट को मुकम्मल करवाने साथ काम कर रहे थे।  

2012 में भारतीय सेना ने किया पाकिस्तानी जवानों का इलाज

2012 की एक घटना है जब भारतीय फौजियों ने घायल पाकिस्तानी जवानों का इलाज किया था। घटना कॉन्गो की है। वहां पाकिस्तानी सैनिक किसी मुठभेड़ में घायल हो गए थे।

उसी देश में भारतीय सैनिक भी तैनात थे। भारतीय सेना का यूनिट गोमा में तैनात था जहां इलाज के लिए पाकिस्तान सेना के आठ जवान और एक अफसर को लेकर आया गया।

यही नहीं बाद में पाकिस्तान के सेक्टर कमांडर ने अस्पताल का दौरा किया और भारतीय ब्रिगेड कमांडर का शुक्रिया किया।

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