पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

बंबई से बनारस: दूसरी रिपोर्ट:2800 किमी दूर असम के लिए साइकिल पर निकले, हर दिन 90 किमी नापते हैं, महीनेभर में पहुंचेंगे

मुंबई7 महीने पहलेलेखक: विनोद यादव और मनीषा भल्ला
  • कॉपी लिंक
लोगों का यह ग्रुप महाराष्ट्र के रायगढ़ से 15 मई को निकला है। इन्हें असम जाना हैं। कोई साधन न मिलने पर इन लोगों ने 5-5 हजार रुपये में साइकिलें खरीदी हैं और अब अगले 30 दिनों ये इसी पर सफर कर अपने गांव पहुंचेंगे।
  • 50 साल के रूबी बोसो मुतारी से साइकिल नहीं चल पा रही है, कहते हैं आदत नहीं है, बार-बार चेन उतर जाती है
  • 20 साल का धुमनिक कहता है कभी मुंबई नहीं आउंगा, कंपनी ने बोला लॉकडाउन हो गया है, काम खत्म, कम से कम घर जाने का भाड़ा तो देते

 दैनिक भास्कर के जर्नलिस्ट बंबई से बनारस के सफर पर निकले हैं। उन्हीं रास्तों पर जहां से लाखों लोग अपने-अपने गांवों की ओर चल पड़े हैं। नंगे पैर, पैदल, साइकिल, ट्रकों पर और गाड़ियों में भरकर। हर हाल में वे घर जाना चाहते हैं, आखिर मुश्किल वक्त में हम घर ही तो जाते हैं। हम उन्हीं रास्तों की जिंदा कहानियां आप तक ला रहे हैं। पढ़ते रहिए..

दूसरी खबर, नासिक हाईवे पर कसारा गांव से:

नासिक हाईवे के दोनों ओर बियाबान है। सूखी घास से पटे मैदान की गरमी आंखों में चुभ रही हैं। तभी हमने देखा कि एक जगह पेड़ की छांव में एक जैसी साइकिलें खड़ी हैं और कुछ लोग आराम कर रहे हैं। बात करने पर पता लगा कि 15 मई को महाराष्ट्र के रायगढ़ से 29 लोग असम के लिए साइकिल से रवाना हुए हैं। सभी के पास एक जैसी नई चमकीली साइकिलों से हमें हैरत हुई। पहले लगा कि शायद साइक्लिस्ट हैं लेकिन फिर इन्होंने बताया कि सभी ने घर लौटने के लिए 5-5 हजार रुपये में साइकिलें खरीदी हैं। और अगले 30 दिनों तक उन्हें इसी पर सफर कर अपने-अपने गांव पहुंचना है।

तुलसी बोरो बताते हैं कि हम लोग खोपोली से 15 मई की सुबह चले थे। रात हाईवे के गांवों में काट लेते हैं। तुलसी बोरो के अनुसार सभी लोग रायगढ़ की नेशनल डिजाइनर डिस्प्ले सिस्टम में काम करते थे। यह कंपनी एक फर्नीचर की कंपनी है जो पूरे भारत में फर्नीचर सप्लाई करती थी।

यह लोग उस फर्नीचर की लोडिंग और पैकिंग किया करते थे। 14 हजार रुपये वेतन था। तुलसी बोरो का कहना है कि 7,000 रुपया रहने खाने पर खर्च करके वह बाकी बचत अपने घर भेजा करता था। इस बार जिस  मकान में रहते थे वहां के किराए के लिए भी पैसे गांव से मंगवाने पड़े। अब असम जाकर वह खेती करेगा।

काम बंद होने के चलते सभी लोगों के पास कैश खत्म हो चुका था। इन्होंने ये नई साइकिलें घर से पैसे बुलवाकर खरीदीं हैं।
काम बंद होने के चलते सभी लोगों के पास कैश खत्म हो चुका था। इन्होंने ये नई साइकिलें घर से पैसे बुलवाकर खरीदीं हैं।

रूबी बोसो मुतारी की उम्र 50 साल पार है, उनकी परेशानी थोड़ी अलग है। उनसे साइकिल नहीं चल पा रही है। कहते हैं आदत जो नहीं है। बीच-बीच में साइकिल की चेन भी उतर जाती है। एक बार तो पंक्चर हो गई थी। मुतारी भी घर जाकर खेती ही करेंगे, कहते हैं धान का मौसम चल रहा है वहां, तो वही उगाने का सोचा है।

दोपहर में यह लोग किसी घने पेड़ की छांव देखकर इसी तरह 4-5 घंटे आराम कर लेते हैं।
दोपहर में यह लोग किसी घने पेड़ की छांव देखकर इसी तरह 4-5 घंटे आराम कर लेते हैं।

लेकिन उन्हीं के साथ घर लौट रहे 58 वर्षीय रत्नेशवर का कहना है कि साइकिल चले न चले जाना तो है ही। रत्नेश्वर के दो बेटे और दो बेटियां हैं। उनकी टोली में सबसे कम उम्र का धुमनिक है, 20 साल उम्र है उसकी।

वह कहता है कभी मुंबई तो नहीं आउंगा। कंपनी ने बोला कि लॉकडाउन हो गया है, काम खत्म। दो महीने से हम लोग घरों में बैठे थे। न राशन था न घर का किराया। कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। धुमनिक जवान है, गुस्सा भी बहुत ज्यादा है उसे। वह कहता है कि क्या कंपनी को नहीं चाहिए था कि हमें हमारे घर जाने के लिए भाड़ा दे। यहां तक कि अपने घर से उल्टा पैसे मंगवा रहे थे। साइकिलें भी घर के पैसे मंगवाकर खरीदी हैं।

एक दिन में ये लोग करीब 90 किलोमीटर सफर करते हैं। जिस हिसाब से गर्मी है और साथ में उम्रदराज लोग हैं उससे लगता है कि 2800 किमी दूर असम पहुंचने में इन्हें लगभग एक महीना लग जाएगा।
एक दिन में ये लोग करीब 90 किलोमीटर सफर करते हैं। जिस हिसाब से गर्मी है और साथ में उम्रदराज लोग हैं उससे लगता है कि 2800 किमी दूर असम पहुंचने में इन्हें लगभग एक महीना लग जाएगा।

बंबई से बनारस तक मजदूरों के साथ भास्कर रिपोर्टरों के इस 1500 किमी के सफर की पहली खबर यहां पढ़ें:

पहली खबर: घर जाने की जिद के आगे चुनौतियां छोटीं / 40° तापमान में कतार में खड़ा रहना मुश्किल हुआ तो बैग को लाइन में लगाया, सुबह चार बजे से बस के लिए लाइन में लगे 1500 मजदूर

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आप अपने आत्मविश्वास व कार्य क्षमता द्वारा स्थितियों को और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे और सफलता भी हासिल होगी। घर की जरूरतों को पूरा करने में भी आपका समय व्यतीत होगा। किसी निकट संबंधी से...

और पढ़ें