दिल्ली / रेल अनुदान मांगों पर चर्चा में 97 सांसदों ने रखी अपनी बात, देर रात तक चली संसद; ऐसा तीसरी बार



97 MPs kept their talk in discussion on Rail Grant Demands; Parliament lasted till late night
X
97 MPs kept their talk in discussion on Rail Grant Demands; Parliament lasted till late night

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2019, 03:56 AM IST

नई दिल्ली | 17वीं लोकसभा के पहले ही सत्र में लोकसभा गुरुवार सुबह 11 बजे शुरू होकर देर रात तक चली। माैका था रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का। इस दौरान 97 सदस्यों को बोलने का मौका मिला। उन सभी सदस्यों को अध्यक्ष ने बोलने का मौका दिया, िजन्होंने अनुदान मांगों पर अपनी बात रखने की इजाजत मांगी थी। ज्यादातर सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्र की बात रखी। इससे पहले भी दो बार (वर्ष-1996 और वर्ष-1998) रेल बजट पर चर्चा के दौरान संसद लगातार दूसरे दिन तक चलती रही थी।

 

 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन सभी सदस्यों को बोलने का मौका देने की बात कही है, जिन्होंने पहले नोटिस दिया है। जानकारी के मुताबिक 97 सदस्यों ने लिखित नोटिस दिया है। रात 10 बजे तक करीब 70 सदस्यों ने अपनी बात रखी थी। 27 सदस्यों को अब भी बोलना बाकी है। 10 बजे सदन की कार्यवाही दो घंटे के लिए बढ़ा दी गई। सदन कब तक चलेगा ये लोकसभा अध्यक्ष के ऊपर निर्भर करता है। 


इससे पहले 25 जुलाई-1996 को जब पीए संगमा लोकसभा स्पीकर थे और राम विलास पासवान रेल मंत्री थे, तब संसद में रेल बजट पर चर्चा दोपहर 12:22 बजे से शुरू हुई, जो दूसरे दिन (26 जुलाई) सुबह 7:17 बजे तक चली थी। इस दौरान 111 सदस्यों ने अपनी बात रखी थी। 


वर्ष-1998 में जीएमसी बालयोगी लोकसभा के अध्यक्ष थे और नीतीश कुमार रेल मंत्री। इस समय भी 8 जून को संसद की कार्यवाही शुरू हुई, जो दूसरे दिन सुबह 6:4 बजे तक चली थी। इसके बाद संसद की कार्यवाही 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई थी। बाद में जब दाेबारा संसद की कार्यवाही शुरू हुई, तब दोपहर दो बजे रेल मंत्री की ओर से जवाब दिया गया था।

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना