लोकसभा चुनाव / आप का घोषणा-पत्र जारी, 38 उपलब्धियां गिनाईं, 68 वादे किए, कई चालू प्राेजेक्ट भी जोड़े



Aap counted 68 promises in the manifesto
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Aap counted 68 promises in the manifesto

  • दिल्ली के वोटरों को कॉलेज-नौकरियों में 85% आरक्षण, 10 साल में सभी का होगा अपना घर
  • शर्त यह भी रखी गई है कि सभी वादे दिल्ली के पूर्ण राज्य बनने पर निभाए जाएंगे

Dainik Bhaskar

Apr 26, 2019, 01:39 AM IST

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में दिल्ली सरकार के 38 कामों की उपलब्धियां गिनाने के साथ ही शिक्षा, महिला सुरक्षा, भ्रष्ट्राचार मुक्त दिल्ली, रोजगार, जमीन-मकान, सीलिंग, प्रदूषण, परिवहन जैसे 12 क्षेत्रों में करीब 68 वादे किए। लेकिन सब पर पूर्ण राज्य मिलने की शर्त लगाई है। यानी वादे पूरे होंगे, पर पूर्ण राज्य बनने पर।


यही नहीं, पार्टी ने चुनावी वादों में दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कुछ कामों को भी गिना दिया। केजरीवाल ने कहा कि यह चुनाव प्रधानमंत्री बनाने का नहीं है। दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव मंे किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल रहा हैं। मोदी-शाह के अलावा केन्द्र में किसी की भी सरकार को समर्थन देंगे, लेकिन उम्मीद करेंगेे कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।

 

वहीं, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में कई देशों का उदाहरण देते हुए यह समझाया है कि किस प्रकार से देश की राजधानी को भी पूर्ण राज्य बनाया जा सकता हैं। लंदन, बर्लिन, मॉस्को, मैक्सिकों, वाशिंगटन सहित कई उदाहरण है। उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य की समस्या को सुलझाने का एक रास्ता सुझाया है। दिल्ली में एनडीएमसी का इलाका, कैंटोनमेंट एरिया और दूतावास का एरिया छोड़कर शेष दिल्ली को दिल्ली सरकार के पास होना चाहिए। 

 

मुख्य वादे 

 

{कॉलेजों में दिल्ली के बच्चों को 85 प्रतिशत आरक्षण।  
{12वीं में 60 प्रतिशत अंक लाने पर कॉलेज मेें नियमित प्रवेश।  
{राज्य सरकार नर्सरी से लेकर 12वीं तक अनिवार्य और विश्वस्तरीय शिक्षा मुफ्त में पाने का अधिकार के लिए नया कानून लाएगी। 
{गेस्ट टीचर्स को पूर्ण राज्य बनने के एक सप्ताह में नियमित करेंगे। 
{दिल्ली पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, सहित अन्य विभागों में खाली 2 लाख से अधिक रिक्त पदों को भरा जाएगा।
{दिल्ली के वोटरों को सरकारी नौकरी में 85 प्रतिशत  आरक्षण। 
{दिल्ली पुलिस में 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण।  
{पीसीआर वैन का रिस्पांस टाइम अधिकतम 5 मिनट किया जाएगा। 
{जन लोकपाल समेत केन्द्र में लंबित 14 बिलों को लागू किया जाएगा।  
{समय सीमा के भीतर सेवा न दे पाने पर अधिकारियों जुर्माना लगाने बिल लाएंगे। 
{10 साल के अंदर दिल्ली के प्रत्येक परिवार के लिए पक्का मकान।  
{एक साल के अंदर कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने की कार्रवाई की जाएगी। 

 

वादों में गिनाए चालू प्रोजेक्ट 

 

आप के घोषणा-पत्र में कई ऐसे प्रोजेक्ट गिना दिए गए जो या तो चल रहे हैं या फिर दिल्ली सरकार से ही संबंधित हैं। 

{सिग्नेचर ब्रिज को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करना के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। 
{मॉडर्न बस टर्मिनल की स्थापना के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत नजफगढ़ और नेहरू प्लेस में मॉडल पास किए हैं। 
{सभी मुख्य सड़कों की वैक्यूम क्लीनिंग पहले की जा रही है। इसके लिए मशीनें किराए पर ली गई हैं। 
{रात में सड़कों की सफाई करने पर काम चल रहा है। इसमें पीडब्ल्यूडी भी अपनी सड़कों की रात में सफाई करने का दावा करता है।  
{जहां झुग्गी वहीं मकान की पॉलिसी को मंजूरी दी जा चुकी है। इस नीति  का नाम मुख्यमंत्री आवास योजना रखा गया है। 
{हॉस्स्पिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत बेड की संख्या बढ़ाई जा रही हैं।

 

एक्सपर्ट कमेंट: दिल्ली का पूर्ण राज्य बनना आसान नहीं

 

दिल्ली संघ शासित प्रदेश हैं। इसकी परिभाषा के अनुसार स्पष्ट है कि यह राज्य नहीं है। इसके लिए संविधान की 239 (ए) (ए) धारा में संशोधन करना होगा। संसद में 543 सदस्य है। यानी की 362 सदस्यों के समर्थन से ही संशोधन हो सकता है। मेरा एक नागरिक के नाते विचार है कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं बनना चाहिए। वर्तमान संवैधानिक स्थिति के अनुसार केन्द्र शासित प्रदेश है। इसमें कोई भी बदलाव संसद कर सकती है। वहीं, दुनियाभर में बड़े बड़े देशों की राजधानी भी राज्य के नियंत्रण में नहीं है। - सुभाष कश्यप, संविधान विशेषज्ञ

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