दिल्ली / न्याय में देरी से बचने को एआई सिस्टम पर विचार : चीफ जस्टिस

चीफ जस्टिस एसए बाेबडे चीफ जस्टिस एसए बाेबडे
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चीफ जस्टिस एसए बाेबडेचीफ जस्टिस एसए बाेबडे

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2020, 04:31 AM IST

बेंगलुरू . न्याय में बेवजह की देरी राेकने के लिए सुप्रीम काेर्ट के चीफ जस्टिस एसए बाेबडे अदालताें में अार्टिफिशियल सिस्टम लागू करने की संभावनाएं खंगाल रहे हैं। उन्हाेंने शनिवार काे बेंगलुरू में न्यायिक अधिकारियाें के सम्मेलन में यह बात कही। अदालताें में बड़ी संख्या में लंबित मुकदमाें के मद्देनजर उनकी टिप्पणी महत्वपूर्ण है।


चीफ जस्टिस ने साफ किया कि अार्टिफिशियल इंटेलिजेंस जजाें की जगह नहीं लेगा। सिर्फ फैसले के दाेहराव वाले, मैथेमेटिकल अाैर मेकेनिकल हिस्साें के लिए इसकी मदद ली जा सकती है। उन्हाेंने कहा, “कई बार जज भी मुझसे सवाल कर चुके हैं। मैं साफ करना चाहता हूं कि अार्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी जजाें की जगह नहीं लेने जा रहा। यह इंसानी विवेक की जगह नहीं ले सकता है।’ उन्हाेंने कहा कि अदालताें के िलए यह सुनिश्चित करना अहम है कि न्याय मिलने में बेवजह देरी न हाे।

इस मकसद से अदालताें के लिए अार्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित करने की संभावनाएं हैं। हमारे पास जाे भी प्रतिभाएं अाैर काैशल हैं, उनका इस्तेमाल करके सुनिश्चित करना चाहिए कि एक उचित समय के भीतर लाेगाें काे न्याय मिले। न्याय में देरी किसी भी व्यक्ति के कानून हाथ में लेने की वजह नहीं हाेनी चाहिए। चीफ जस्टिस ने केस दायर किए जाने से पहले मध्यस्थता की व्यवस्था की भी जाेरदार पैरवी की। उन्हाेंने कहा कि यह अाज के वक्त की जरूरत है।

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