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गुस्से में सांसद; कहा- दुष्कर्मियाें काे नपुंसक बनाओ, भीड़ के हवाले करो

8 महीने पहले
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  • लोकसभा में बोले राजनाथ- कानून को अाैर सख्त बनाने के लिए तैयार
  • मानवाधिकार आयोग ने यौन शोषण की घटनाओं पर केंद्र और राज्यों से रिपाेर्ट मांगी
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नई दिल्ली . हैदराबाद में सामूहिक दुष्कर्म के बाद वेटरनरी डाॅक्टर काे जलाकर मारने का मामला साेमवार काे संसद में गूंजा। राज्यसभा में अाक्राेशित सांसदों ने दुष्कर्मियाें काे शीघ्र फांसी देने, भीड़ के हाथाें लिंचिंग अाैर नपुंसक बनाने जैसी मांगें रखीं। वहीं, लाेकसभा में सांसदाें ने एक सुर में कहा कि दुष्कर्म जैसे घिनाैने अपराध करने वालाें काे सिर्फ मौत दी जाए। सांसदाें ने सात साल पुराने निर्भया कांड का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अादेश के बावजूद चाराें दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकी है। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अाश्वासन दिया कि सरकार कानून और सख्त बनाने काे तैयार है।


केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद जैसे दुष्कर्म अाैर हत्या के घिनाैने मामलाें में जल्द सजा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अाईपीसी अाैर सीअारपीसी में संशाेधन के लिए तैयार है। राज्यसभा में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा- ‘दुष्कर्म रोकने के लिए नए कानूनों की जगह राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। अभी दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा मिलती है तो अपील पर अपील के कारण दोषी सालों बचता रहता है।  


क्या ऐसे दरिंदों काे दया याचिका का अधिकार देना चाहिए? कोर्ट से सजा मिलने के बाद राज्य सरकार, फिर केंद्र सरकार, फिर गृह मंत्रालय और फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने की व्यवस्था क्यों है? उन्हाेंने कहा कि उम्र पर भी विचार करना चाहिए। कई लोग कहने लगते हैं कि आरोपी नाबालिग है। जाे दुष्कृत्य और अपकृत्य कर सकता है, उसका उम्र से क्या लेना-देना?’ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश में यौन शोषण की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए केंद्र, राज्यों अाैर केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को नोटिस जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स पर संज्ञान लेते हुए अायाेग ने सरकाराें से इन मामलों से निपटने की प्रक्रिया अाैर निर्भया निधि के इस्तेमाल पर रिपोर्ट मांगी है।
 

उपराष्ट्रपति बोले-क्या ऐसे दरिंदों काे दया याचिका का हक रहना चाहिए?

संसद से जनता का सीधा सवाल : निर्भया कांड के बाद 7 साल में देश में 2.34 लाख दुष्कर्म, एक भी दोषी फांसी पर क्यों नहीं लटका?

दिल्ली से तेलंगाना तक प्रदर्शन जारी : साेमवार काे भी दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश सहित देश के कई हिस्साें में विराेध प्रदर्शन हुए। तेलंगाना के डीजीपी ने कहा- जांच समयबद्ध तरीके से पूरी हाेगी।

‘यौन अपराधियों के नाम सार्वजनिक हों’

कानून का भय खत्म, अब भीड़ ही इंसाफ करे
कठोर कानून का भी भय नहीं है। मैं चाहती हूं कि एेसे मामलों के अारोपियों को भीड़ काे साैंपकर लिंचिंग कर देनी चाहिए। दुनिया के कई देशों में इस तरह की व्यवस्था है।’ - जया बच्चन, सपा

जेल से छूटने से पहले नपुंसक बना दिया जाए : दुष्कर्मियों काे रिहा करने से पहले नपुंसक बनाना चाहिए, ताकि वह दाेबारा अपराध न करे। याैन अपराधियाें की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।’ - पी विल्सन, डीएमके

माैके पर ही सजा देने की व्यवस्था बनानी होगी : एेसी निर्मम घटनाएं देशभर में खराब माहाैल पैदा करती हैं। हमें माैके पर ही सजा पर अमल करने की व्यवस्था बनानी होगी। हमें कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इस पर बहस करनी चाहिए।’ - बंदी संजय कुमार, भाजपा


तेलंगाना में बिक रही शराब भी जिम्मेदार
: हैदराबाद की घटना अमानवीय है। तेलंगाना में हाे रही शराब की बिक्री इस घटना की जिम्मेदार है। काेर्ट जल्द फैसला कर दाेषियाें काे फंदे पर लटकाए।’
- उत्तम कुमार रेड्डी, कांग्रेस

पुलिस रिपोर्ट में खुलासा
वेटरनरी डॉक्टर को मार डालने के बाद भी दरिंदों ने कई बार दुष्कर्म किय

वेटरनरी डॉक्टर को अगवा करने के बाद चारों आरोपियों ने सुनसान जगह पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर उसे गला घोंटकर मार दिया। सिर पर भी जोरदार प्रहार किया। इससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद आरोपियों ने उसका शव ट्रक के कैबिन में रख दिया। बाद में आरोपी उसे फेंकने के लिए 27 किमी दूर लेकर गए। रास्ते में चलते ट्रक में भी कई बार दुष्कर्म किया गया, जबकि वह कैबिन में रखने से पहले ही मर चुकी थी। पुलिस ने यह जानकारी अदालत को आरोपियों का 10 दिन का रिमांड मांगते समय दी। अारोपी अभी हिरासत में हैं।

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