सीएए का समर्थन / जामिया में बोले अनुराग कश्यप- लड़ाई लंबी है कल-परसो में खत्म नहीं होगी

प्रदर्शनकारियों का संबोधित करते हुए फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप। प्रदर्शनकारियों का संबोधित करते हुए फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप।
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प्रदर्शनकारियों का संबोधित करते हुए फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप।प्रदर्शनकारियों का संबोधित करते हुए फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप।

  • विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने पर फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप जामिया यूनिवर्सिटी पहुंचे
  • जामिया के बाद कश्यप शाहीन बाग भी पहुंचे, ट्वीट कर कहा- वहां की उम्दा बिरयानी भी खाई

दैनिक भास्कर

Feb 15, 2020, 10:40 AM IST

नई दिल्ली . नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करने शुक्रवार को फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप पहले जामिया यूनिवर्सिटी गेट नंबर-7 पर छात्रों के बीच पहुंचे। और फिर शाम को शाहीन बाग भी पहुंचे। अनुराग कश्यप ने दोनो जगह नागरिकता कानून के विरोध और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कहा कि ये आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक कि या तो कानून वापस नहीं हो जाता या फिर हमारे अंदर उठने वाले हर सवाल का अंदर तक संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं मिलता। अनुराग कश्यप ने शाहीन बाग में बिरयानी भी खाई। ट्वीट किया- शाहीन बाग की दादियों में जितना प्यार है उतना तो कहीं नहीं देखा। और वहां की उम्दा बिरयानी भी खाई। उंगलियां तक चाटीं । मजा आ गया। बस यही कहूंगा कि शाहीन बाग़ ज़िंदाबाद।

'मैं जामिया पहली बार आया हूं'
अनुराग कश्यप ने कहा मैं जामिया पहली बार आया हूं। पहले लग रहा था कि हम मर गए हैं लेकिन यहां आकर लगा कि हम जिंदा हैं। अनुराग ने इनकलाब-जिंदाबाद। आवाज दो हम एक हैं के नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा, ये आंदोलन जामिया से शुरू हुआ और देशभर में फैल गया। एक साथ इतने सारे लोग बाहर आकर बोल रहे हैं। पहली बार लग रहा है कि हम एकदेश हैं ये भारत वर्ष है। बहुत समय से जरूरत थी सबकों एकसाथ आने की। हमें अपना संविधान, अपना देश, सबकुछ वापस लेने की जरूरत है। ये इसी तरह से होेगा। बिना हिंसा के चाहे कोई कितना भी उकसाए। ये कल परसो या चुनाव के साथ खत्म नहीं होगी।

'देश में रहने वालों के लिए कानून नहीं, हम कैसे मान लें'
फिल्म निर्माता ने कहा कि हम बैठे रहेंगे जब तक कि हमारे मन में उठने वाले सभी सवालों के जवाब नहीं देते, अंदर से संतुष्ट नहीं हो जाते। आपके कुछ भी कह देने से हम मान नहीं लेंगे। बोला जाता है कि क्यों बाहर आ रहे हो, ये देश में रहने वालों के लिए कानून नहीं है। हम कैसे मान लें। आपका होम मिनिस्टर कुछ और कहता है, कोई कुछ और कहता है। अपका पैटर्न क्या है। हमें विश्वास नहीं है कि वो क्या कहते हैं, हम देखना चाहते हैं कि वो क्या करते हैं। अनुराग कश्यप ने कहा कि आप लोगों की हिम्मत देख मैं ट्विटर पर वापस आया। सबको सबके हाल पर छोड़ कर गया था।’आप उस तरीके की सरकार से डील कर रहे हैं जो अपनों से अलग डील कर रही है। वो लोग कभी कहते हैं कि बिल नहीं लाएंगे।  

प्रदर्शनकारियों ने पुलवामा शहीदों की याद में अलग-अलग जगहों पर निकाला कैंडल मार्च 

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी का विरोध कर रहे शाहीन बाग, गीता कॉलोनी समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कैंडल मार्च निकाला। गत वर्ष 14 फरवरी को पुलवामा में जैश-ए-मुहम्मद(जैश) के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। सीएए और एनआरसी के विरोध कर रहे शाहीन बाग में एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमने हमले की बरसी पर शुक्रवार को जवानों को याद किया और शहीदों के लिए कैंडल मार्च निकाला।

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