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सर्वे / लड़कियाें से दोगुने लड़के ढूंढ़ रहे इंटरनेट पर रिश्ता



boys Finding Spouse more than girls on internet
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boys Finding Spouse more than girls on internet

  • मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर 35% रजिस्ट्रेशन छोटे शहरों से
  • सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन कराने वाले आईटी प्रोफेशनल
  • 19 नवंबर को देवउठनी एकादशी, इसी दिन से तेज होगा शादी का सीजन

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 07:19 AM IST

धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया (नई दिल्ली). लगातार व्यस्त होती जिंदगी के बीच ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स पर जीवनसाथी ढूंढ़ने की रफ्तार बढ़ी है। खास बात यह है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स पर महिलाओं की तुलना में पुरुष दोगुने से ज्यादा रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन करवाने के मामले में पुरुष 69% और महिलाओं की भागीदारी 31% है।

 

अगले दो वर्ष में देश में मैट्रिमोनियल साइट्स पर रजिस्ट्रेशन करीब 60% वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है। ऐसी साइट्स पर सर्वाधिक रजिस्ट्रेशन फाइनेंशियल बैकग्राउंड, आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र के युवा करवा रहे हैं। इसके साथ ही दूसरी शादी का चलन भी देश में बढ़ रहा है। शादी डॉटकॉम जैसी साइट्स पर करीब 10% लोग दूसरी शादी के लिए भी रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। आम धारणा से उलट 35% तक ऑनलाइन शादियों के रजिस्ट्रेशन छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्र से हो रहे हैं।

 

ऑनलाइन मैट्रिमोनियल बाजार 2 साल में ढाई गुना बढ़ने के आसार

इंडस्ट्री चैंबर एसोचैम के मुताबिक वर्ष 2017-18 तक देश में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सर्च का बाजार करीब 2400 करोड़ रुपए था, जिसके वर्ष 2020 तक 6000 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। देश में करीब एक करोड़ शादियां प्रति वर्ष होती हैं। देश में होने वाली शादियों में अभी 10% से कम हिस्सेदारी ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स की है। देश में इस क्षेत्र में सक्रिय प्रमुख मैट्रिमोनियल साइट्स 300 से 350 करोड़ रुपए वार्षिक राजस्व कमा रही हैं।

 

लोगों को हर लिहाज से बेहतर लग रहा यह तरीका

ऐसोचैम की निदेशक मंजू नेगी के मुताबिक मैट्रिमोनियल साइट्स के बढ़ने के पीछे मुख्य कारण जोड़े ढूंढने में आसानी, समय की बचत और योग्य पार्टनर का मिलना है। साइट्स पर खुद को रजिस्टर्ड करवाने वाले 21 से 35 वर्ष के युवा सर्वाधिक होते हैं। मैट्रिमोनियल साइट्स अप्रवासी भारतीयों के लिए भी बेहतर वर-वधू खोजने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। यही कारण है कि अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मिडिल ईस्ट से रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं। ऐसी साइट्स पर युवक-युवतियों का रजिस्ट्रेशन 25% परिजनों द्वारा किया जा रहा है।

 

20 से 35 की उम्र के युवा करा रहे रजिस्ट्रेशन

शादी डॉट कॉम के सीईओ गौरव रक्षित ने बताया कि पिछले 15 वर्ष में हम 50 लाख से अधिक शादियों के जोड़े मिलवा चुके हैं। हमारी वेबसाइट पर सर्वाधिक रजिस्ट्रेशन साल के आखिरी में और जनवरी-फरवरी महीनों के दौरान किए जाते हैं। हमारी साइट पर रजिस्टर्ड होने वाले युवक-युवतियों में से 75% की उम्र 20 से 35 वर्ष होती है। उन्होंने कहा कि हम रजिस्ट्रेशन करवाने वाले प्रति व्यक्ति से 4,450 से 14,650 रुपए तक ले रहे हैं।

 

एक जैसा प्रोफेशन चाहते हैं पार्टनर

रामोजी फिल्म सिटी के प्रमुख राजीव जालनापुरकर कहते हैं कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स अपना बिजनेस बढ़ाना चाहती हैं और उनकी ओर से लगातार इंक्वायरी आती रहती है। वहीं, डेस्टीनेशन वेडिंग से बीते 20 वर्ष से जुड़े वेडिंग प्लानर सत्यपाल कुशवाह कहते हैं कि आज के युवा सेम प्रोफेशन वाले पार्टनर को ही पसंद कर रहे हैं। अब दूसरी शादी के लिए विधवा और विधुर के लिए सेक्शन या अलग ही वेबसाइट्स खुल गई हैं। हमारे पास अभी तक कोई भी ऐसा ऑर्डर नहीं आया है जो ऑनलाइन साइट्स द्वारा मिला हो।

 

एक लाख करोड़ का है शादी का बाजार

मैट्रिमोनियल साइट्स के अलावा शादियाें के लिए गिफ्ट, ज्वेलरी, कैटरर्स, वेडिंग कार्ड चुनने जैसे कार्यों के लिए भी स्टार्टअप हैं। जहां आपको वेडिंग गिफ्ट चुनने के अलावा उनकी खरीदारी करने के विभिन्न विकल्प मुहैया करवाए जाते हैं। करीब एक लाख करोड़ रुपए की वेडिंग इंडस्ट्री है। देवउठनी ग्यारस से देश में शादियों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

 

 

वेबसाइट प्रयोग के समय पहले क्या देखते हैं   महिला  पुरुष 
वेरीफाइड प्रोफाइल  महत्वपूर्ण है  91%  40%
फोटोग्राफ देखते हैं  55%  75%
बेसिक डिटेल्स देखते हैं  16%  13%
हॉबी देखते हैं  02%  11%

 

 

सबसे ज्यादा लोग तमिलनाडु से

 

  • 20 से 35 वर्ष के युवाओं में से 75% खुद अपना प्रोफाइल रजिस्टर करते हैं। वहीं 25% युवाओं के प्रोफाइल परिजन और परिवार के सदस्यों के द्वारा रजिस्टर किए जाते हैं।
  • अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और मिडिल ईस्ट के देशों में बसे लोग वर-वधू ढूंढ़ने में ऐसी साइट्स से सर्वाधिक मदद लेते हैं।
  • वित्त वर्ष 2017-18 में ऑनलाइन मैट्रिमोनियल का बाजार 2400 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, वहीं वर्ष 2020 तक इसके छह हजार करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है।
  • शादी डॉटकॉम जैसी साइट्स पर रजिस्टर होने वाले लोगों में करीब 35% युवक-युवती छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं।
  • केन रिसर्च के मुताबिक देश में अन्य राज्यों के मुकाबले ऐसी साइट्स पर तमिलनाडु से सर्वाधिक रजिस्ट्रेशन होते हैं।

 

प्रमुख ऑनलाइन वेडिंग साइट्स
 

  • मेट्रीमोनी डॉट कॉम देश की सबसे प्रमुख ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट है। वर्ष 2001 से कार्यरत। इसकी कई वेबसाइट्स हैं। डिफेंस वाले और तलाकशुदा लोगों के लिए भी अलग-अलग वेबसाइट्स हैं।
  • शादी डॉट कॉम 1996 में स्थापित हुई। साइट के प्लेटफॉर्म पर अभी तक 3.5 करोड़ लोग पहुंच चुके हैं। 11 भाषाओं, पांच धर्म की अलग से लिंक उपलब्ध।
  • जीवनसाथी डॉट कॉम को इंफो एज ने 2004 में खरीदा। 2015-16 तक 76 लाख प्रोफाइल साइ‌ट पर लोड हो चुके हैं।

 

नोट : सर्वे शादी डॉट कॉम का है, जो इस वर्ष अप्रैल 2018 में आयोजित हुआ, जिसमें 24 से 35 वर्ष की उम्र के 7400 लोगों ने हिस्सा लिया और जवाब दिए।

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