दिल्ली / केंद्र ने डीएसपी देविंदर केस की जांच एनआईए को सौंपी, टीम कश्मीर रवाना

आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी। आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी।
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आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी।आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दी।

  • पुलिस ने कहा- गृह मंत्रालय ने देविंदर को वीरता पदक नहीं दिया
  • आरोपी काजीगुंड में, लगातार बर्फबारी के कारण टीम को वहां पहुंचने में देरी हो सकती है

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2020, 04:44 AM IST

नई दिल्ली . आतंकियों के साथ गिरफ्तार जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह के मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एनआईए को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से एनआईए की 6 सदस्यीय टीम कश्मीर के लिए रवाना हो गई है। देविंदर काजीगुंड में है। यह इलाका जम्मू और श्रीनगर के बीच है। लगातार बर्फबारी के कारण टीम को काजीगुंड पहुंचने में देरी हो सकती है। देविंदर को दिल्ली लाया जाएगा। उससे आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारी पहले ही पूछताछ कर चुके हैं। उधर, देविंदर को राष्ट्रपति पदक दिए जाने के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को ट्वीट कर सफाई दी। पुलिस ने कहा कि यह स्पष्ट किया जा रहा है कि डीएसपी देविंदर सिंह को गृह मंत्रालय ने वीरता पदक नहीं दिया, जैसा कि कुछ मीडिया दिखा रहा है। देविंदर को 2018 में जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार ने वीरता पदक दिया था। उसे पुलवामा में 25-26 अगस्त 2017 में हुए फिदायीन हमले के काउंटर अभियान में हिस्सा लेने के लिए सम्मानित किया गया था। 

पनाह : देविंदर 5 साल से जिस रिश्तेदार के मकान में किराए से रह रहा था, उसका भी पता नहीं  
देविंदर श्रीनगर में जिस रिश्तेदार के घर पांच साल से किराए पर रह रहा था। अब इस घर पर ताला लगा हुआ है। रिश्तेदार का भी पता नहीं चल रहा है। लोगों का कहना है कि वे घर छोड़कर जा चुके हैं। देविंदर के दो बच्चे हैं। उसकी बेटी बांग्लादेश में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। बेटा श्रीनगर के एक स्कूल में पढ़ता है। देविंदर श्रीनगर के इंदिरा नगर में सैन्य ठिकाने के पास भी 2017 से आलीशान घर बना रहा था। यह इलाका श्रीनगर का बेहद सुरक्षित इलाका माना जाता है। इस घर की दीवार 15 कॉर्प्स के मुख्यालय से लगी हुई है।

अतीत: तस्करों की मदद, रंगदारी के भी आरोप लगे

सूत्रों के मुताबिक देविंदर 1990 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस में भर्ती हुआ था। वह श्रीनगर के अमर सिंह कॉलेज का ग्रेजुएट है। उसने 10 साल तक स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के साथ काम किया। देविंदर पर ड्रग्स तस्करों की मदद और रंगदारी के आरोप भी लग चुके हैं। वह जम्मू-कश्मीर पुलिस की एंटी-हाईजैकिंग यूनिट के साथ काम कर रहा था। देविंदर के साथ गिरफ्तार दो आतंकियों से पुलिस ने पूछताछ की। दोनों ने बताया कि वे श्रीनगर के इंदिरा नगर में देविंदर के घर रुके थे।

पुलवामा आतंकी हमले की नए सिरे से जांच हो: कांग्रेस

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने देविंदर के मामले पर मंगलवार को तीन ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि अब सवाल उठेंगे ही कि पुलवामा हमले के पीछे साजिशकर्ता कौन थे। नए सिरे से इस हमले की जांच होनी चाहिए। हम थोड़े बुद्धिमान और ज्यादा बेवकूफ होना वहन नहीं कर सकते। इससे पहले के ट्वीट में अधीर रंजन ने कहा कि क्या होता, अगर देविंदर सिंह देविंदर खान होता, तो आरएसएस की ट्रोल रेजीमेंट की प्रतिक्रिया और ज्यादा स्पष्ट और मुखर होती। 

पाक की भाषा बोल कांग्रेस खंजर घोंप रही: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोलती है। कांग्रेस ने फिर आतंकवाद में धर्म खोज लिया। इसी ने हिंदू आतंकवाद की बात भी की थी। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने पीएम मोदी को हिंदू जिन्ना कहा था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी कहा था कि हमें सिमी या इस्लामिक आतंकवाद से डर नहीं है। हमें हिंदुओं से डर है। ये पार्टी रोज किसी न किसी बात पर पाकिस्तान की पीठ सहलाती है और हिंदुस्तान की पीठ में खंजर घोंपती है।

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