लेटलतीफी / चार धाम प्राेजेक्ट के कुछ हिस्साें की डीपीआर नहीं हो पाई फाइनल, 2020 तक पूरा हाेना संभव नहीं



Char Dham Project work is not possible to be completed by 2020
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Char Dham Project work is not possible to be completed by 2020

  • केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री काे 12मासी सड़काें से जाेड़ने का काम समय से पिछड़ रहा
  • इसे मार्च 2020 में पूरा करने का लक्ष्य, लेकिन प्राेजेक्ट के कुछ हिस्से की डीपीआर तक फाइनल नहीं

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 03:40 AM IST

नई दिल्ली (शरद पाण्डेय). उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री काे 12मासी सड़काें से जाेड़ने के लिए चल रहे चार धाम प्राेजेक्ट का काम समय से पिछड़ रहा है। इसे मार्च 2020 में पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन इस प्राेजेक्ट के कुछ हिस्से की डीपीआर तक फाइनल नहीं हो पाई है।

 

चार धाम प्राेजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने दिसंबर 2016 में किया था। प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों के अनुसार प्रोजेक्ट को पूरा होने में 3 साल का समय और लग सकता है। अभी 889 किमी लंबी चार धाम रोड एक लेन की है। यह भारी बरसात और हिमपात के समय बंद हाे जाती है। केंद्र सरकार ने ऋषिकेश से दो लेन की चार धाम रोड को करीब सवा दो साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा था।

 

21 माह बीत जाने के बाद भी कुछ हिस्से की डीपीआर तक तैयार नहीं हुई है। रोड निर्माण को कुल 53 हिस्साें में बांटा गया है। इसमें से 673 किमी के लिए 40 हिस्से का काम साैंपा जा चुका है। 34 हिस्साें में 589 किमी पर काम शुरू हो चुका है। बचे हुए 13 हिस्साें में से 8 की डीपीआर तैयार हो रही है और गंगाेत्री से धरासु तक 5 हिस्साें (94 किमी) में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से स्वीकृति मिलने पर ही डीपीआर का काम शुरू होगा।

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