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  • Claim of the father of the deceased Two years ago, Shambhunath had sold the plot for 8 lakhs, Prabhu paid Rs. Interest charged

भजनपुरा फैमिली मर्डर / पिता का दावा- दो साल पहले 8 लाख में शंभूनाथ ने बेचा था प्लॉट, प्रभु ने रु. ब्याज पर लगाए

आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी पुलिस
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आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी पुलिसआरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी पुलिस

  • पिता को पुलिस की थ्योरी पर नहीं यकीन, कहा- कई लोग हो सकते हैं शामिल
  • अपने गांव में ही रहकर शंभूनाथ कारोबार करना चाहता था, पिता उसके लिए गांव में ही जमीन ढूंढ़ रहे थे

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2020, 08:28 AM IST

नई दिल्ली. शंभूनाथ के पिता मदनलाल का कहना है कि पुलिस ने मामला सुलझा लेने की बात कही है, लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं है। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि 30 हजार रुपए के लिए वह अकेले पांच लोगों की हत्या कर सकता है। उनका आरोप है कि वारदात में कई और लोग शामिल हैं। उन्होंने यह भी सवाल खड़ा किया है कि शंभूनाथ के पास करीब 25 से 30 लाख रुपए थे। जिससे वह जमीन खरीदने वाला था। आखिर वे रुपए कहां गए। वहीं पुलिस ने गुरुवार को हत्याकांड का खुलासा कर शंभूनाथ के बुआ के बेटे प्रभु को गिरफ्तार किया था। 


शुक्रवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस कई अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस प्रॉपर्टी सहित तमाम अन्य एंगल से पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है। इसबीच, मृतक शंभू के पिता मदनलाल ने बताया कि उनका परिवार बिहार के सुपौल स्थित मलहली गांव का रहने वाला है। 


उनके मुताबिक शंभूनाथ अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव लौटने की बात करता था। वह अपने गांव में ही कारोबार करना चाहता था। इसके लिए उसके पिता वहां जमीन तलाश भी कर रहे थे। लेकिन बुधवार को शंभूनाथ उसकी पत्नी और बच्चों की मौत की दिल दहला देने वाली खबर सुनने के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बुराड़ी में करीब 3 साल पहले अपना मकान खरीदा था, जहां वह पत्नी अनीता देवी व छोटे बेटे रोशन के साथ रहते हैं। जबकि बड़ा बेटा शंभू करीब 20 साल से अलग किराए पर रहता था। भजनपुरा हत्याकांड में शुक्रवार को शंभूनाथ के मां-पिता और उसका भाई दिल्ली आए। उनके आने के बाद ही मृतकों का पोस्टमार्टम शुरू किया गया। शुक्रवार देर शाम तक उनका पोस्टमार्टम जीटीबी अस्पताल में चल रहा था।पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने सभी मृतकों का शव परिजनों को सौंप दिया। पिता ने बताया कि शंभूनाथ ने भी सभापुर में जमीन खरीदी थी, लेकिन आरोपी की मदद से उसे 2 साल पहले उसे बेच दिया था। इन रुपयों को उसने प्रभु की मदद से ब्याज पर दिए हुए थे। इस बात को लेकर परिवार में अक्सर बहसबाजी भी होती रहती थी।  शंभूनाथ अपने पिता से सुपौल में 25 से 30 लाख रुपए की जमीन लेने की बात कर रहा था। उसके पिता महादेव सुपौल में जमीन देख रहे थे और शंभु को बुलाकर उसका सौदा कराने वाले थे।

आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट करेगी पुलिस 

आरोपी से पूछताछ के बावजूद पुलिस पूरी तरह उसके बयान पर यकीन नहीं कर पा रही है। इसलिए पुलिस इस मामले में क्राइम सीन को रिक्रिएट करेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लेकर क्राइम सीन को रिक्रिएट करेगी। ताकि हत्याकांड की असली सच्चाई का पता लगाया जा सके। पुलिस को आरोपी के कुछ बातों पर यकीन नहीं हो पा रहा है। 


आरोपी ने मात्र 30 हजार रुपए के लिए पांच लोगों की हत्या कैसे कर दी। पुलिस क्राइम सीन रिक्रिएट कर यह पता लगा पाएगी कि करीब 9 घंटे में आरोपी ने हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था। लेकिन एक हत्यारे के लिए यह असंभव सा है। संभव है कि इस पूरे मामले में कोई और भी शामिल हो। फिलहाल पुलिस अंधेरे में कोई तीर नहीं चलाना चाहती। पुलिस को उम्मीद है कि इसस मामले के तार कई और से जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ और जांच के जरिए पूरे मामले की गुत्थी सुलझ पाएगी और सही कारण सामने आ पाएगा। 

20 साल से परिवार से अलग रह रहा था शंभूनाथ

मृतक के भाई रोशन ने बताया कि शादी के बाद से ही उसने अपने परिवार से दूरियां बना ली थी। करीब 20 साल पहले उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद से ही उसे परिवार से कोई मतलब नहीं था। इतना ही नहीं वह 20 साल में केवल 4 से 5 बार ही गांव गया था। शंभूनाथ आरोपी प्रभु के ही सबसे नजदीक था। जिसका उसके घर आना-जाना था।

छोटे भाई की शादी की हो रही था बात

शंभू के माता-पिता छोटे बेटे रोशन की शादी के लिए दिसंबर 2019 में सुपौल चले गए थे। वहां शादी की बातचीत चल रही थी। इसी के चलते वह गांव में रुक गए थे। बुधवार को मौत की सूचना मिलने के बाद वह सुपौल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। आर्थिक स्थिति और शवों की हालात ठीक नहीं होने की वजह से पांच मृतकों का अंतिम संस्कार दिल्ली के ज्वाला नगर के शमशान घाट में कराया गया। वारदात के बाद से पूरा परिवार सदमें में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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