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प्लानिंग / नॉर्थ एमसीडी के सभी छह जोन में बनेगी डेंजर बिल्डिंग सेल



सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।
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  • किसी भी हादसे को लेकर विभाग और व्यक्ति विशेष की जिम्मेदारी तय होगी
  • स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में फैसला, अभी सिर्फ सिटी-एसपी जोन में है यह सेल

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 05:28 AM IST

नई दिल्ली. नॉर्थ एमसीडी के सभी छह जोन में डेंजर बिल्डिंग सेल बनाई जाएगी। यह फैसला स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में गुरुवार को लिया गया। अभी तक यह सेल पुरानी दिल्ली इलाके वाले सिटी-एसपी जोन में ही कार्यरत है। सेल अपने इलाके में इमारतों की मजबूती और मौजूदा स्थिति को लेकर काम करेगी।

 

इमारत गिरने जैसे हादसों से निपटने के लिए एमसीडी की ओर से न केवल यह सेल बनाई जा रही है नई पॉलिसी बनाए जाने पर काम किया जा रहा है। नई पॉलिसी के तहत किसी भी हादसे को लेकर विभाग और व्यक्ति विशेष की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इमारत हादसों की सूरत में भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी या मरम्मत और रखरखाव विभाग के अधिकारियों की, नई पॉलिसी के तहत फैसला किया जाएगा।

 

सावन पार्क में इमारत ढहने से 7 की मौत हो गई थी। निगम की ओर से खतरनाक इमारतों के सर्वे पर सवाल उठने लगे थे। वजीराबाद के स्कूल में धर्म के आधार पर बनाए गए सेक्शन पर खूब हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि हर बार किसी भी गलती के लिए निचले स्तर के किसी अधिकारी को बलि का बकरा बनाकर मामले से पल्ला झाड़ लिया जाता है।

 

उधर, निगम पर कंवर्जन चार्ज मामले में घोटाले का आरोप लगा है। आरोप नॉर्थ एमसीडी के कांग्रेस पार्टी के निगम पार्षद मुकेश गोयल ने लगाया है। गोयल का कहना है कि इससे वसूला गया फंड एस्क्रो अकाउंट में होना चाहिए था। लेकिन फंड अकाउंट में है ही नहीं। 2006 से 31 अगस्त 2018 के बीच 1090.36 करोड़ की राशि वसूली गई।

 

पार्किंग चार्ज के रूप में 274.04 करोड़ वसूले। कुल राशि 1364.4 करोड़ में से 29.14 करोड़ की राशि खर्च की और 24.90 करोड़ शेष हैं। जबकि फंड का इस्तेमाल दूसरे किसी काम में नहीं किया जा सकता था। ऐसे में सारा पैसा कहां गया?

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