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प्रदूषण / दम तोड़ने लगी दिल्ली की हवा, एक्यूआई 210 पर; स्वास्थ्य के मानकों पर बेहद खतरनाक स्थिति में



इस तस्वीर की ओर बढ़ रही है दिल्ली। इस तस्वीर की ओर बढ़ रही है दिल्ली।
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इस तस्वीर की ओर बढ़ रही है दिल्ली।इस तस्वीर की ओर बढ़ रही है दिल्ली।

  • 24 सितंबर को 52 था दिल्ली का औसत एक्यूआई
  • दिल्ली की हवा खराब न हो, लगातार हो रही मीटिंग

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 04:44 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली में धीरे-धीरे प्रदूषण की चादर गहरी होती जा रही है। 17 दिन के भीतर ही औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 52 से बढ़कर गुरुवार को 210 पर पहुंच गया। हालांकि, बुधवार की तुलना में इसमें 31 अंकों का सुधार आया, लेकिन स्वास्थ्य के मानकों पर यह अब भी बेहद खतरनाक स्थिति में है।

 

ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल के अनुसार इस समय प्रदूषण के बढ़ने की मुख्य वजह खुले में आग लगाना है। जिस पर रोक लगाने के लिए टीमों को बार-बार कहा जा रहा है। सभी डिपार्टमेंट से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने पर पूरी कार्रवाई की एक रिपोर्ट बनाकर उसे सुप्रीम कोर्ट को सौंपा जाएगा।

 

वहीं, नासा में तस्वीरें कैद होने के बाद भी नजफगढ़, द्वारका और नरेला में खुले में आग लगाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ईपीसीए ने पिछले शुक्रवार को सभी संबंधित विभागों को इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में नाइट पट्रोलिंग के निर्देश दिए थे ताकि इंडस्ट्री रात के समय प्रतिबंधित फ्यूल का इस्तेमाल न कर सकें।

 

बरसात खत्म होते ही दिल्ली के एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी हुई है, ऐसा हर साल होता है। बरसात के चलते पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण के कण हवा में नहीं रहते जिससे हवा अच्छी रहती है। जैसे-जैसे मौसम ठंडा होगा वैसे-वैसे प्रदूषण बढ़ेगा। यदि हवा तेज चलती रहती तो हवा ठीक रहेगी क्योंकि पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण के कणों को उड़ाकर ले जाएगी। दशहरा और दिवाली पर पटाखे जलने से हवा खराब होगी यह तय है। यदि हवा तेज चलती रही तो पटाखे जलने और दूसरी चीजें जलने का ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। -डॉ. डी. साहा, पर्यावरण विशेषज्ञ

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