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नई दिल्ली. नार्थ ईस्ट दिल्ली में हुए दंगे को लेकर पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में है। दंगाइयों को पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। वहीं अभी भी लोगों की शिकायतों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल, 712 मुकदमों में पुलिस 2़15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा 3340 लोगों के खिलाफ पुलिस ने एहतियातन कानूनी कार्रवाई कर उन्हें हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि नार्थ ईस्ट डीसीपी ऑफिस में एक हेल्पलाइन डेस्क बनाया गया है, जहां आकर लोग अपनी शिकायतें दे सकते हैं। इससे पहले भी वर्ष 1992 में भी दिल्ली ने दंगे देखे थे, तब केवल बीस मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन आज हालात कुछ अलग हैं।
पड़ोसी राज्य से भी मंगवाया गया डाटा
पुलिस अफसर ने लोगों को आश्वास्त किया कि किसी भी निर्दोष के खिलाफ कानून कार्रवाई नहीं होगी। मामलों में किसी भी आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए फेस रिकॉग्निशन टैक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। पड़ोसी राज्य से भी डाटा मंगवाया गया था। हिंसा से संबंधित वीडियो का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है। जब से पुलिस ने लोगों से दंगे को लेकर कोई वीडियो, जानकारी, फुटेज आदि मुहैया कराने की लोगों से अपील की है, तभी से दिल्ली वासियों की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। लोग बयान देने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह से बचें।
48 पिस्टल और 60 कारतूस बरामद किए
मंदीप रंधावा ने कहा कि सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ भी बीस से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गए। पच्चीस लोग पकड़े गए। आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले काफी लोगों के सोशल मीडिया अकांउट को भी बंद करवाया गया। आर्म्स एक्ट के 51 मुकदमे दर्ज कर 54 लोग अरेस्ट किए गए हैं, जिनके पास से 48 पिस्टल और 60 कारतूस बरामद हुए।
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