मेट्रो / गहलोत- दिल्ली का अंशदान क्यों बढ़ाया? केंद्र बोला- दिल्ली की देरी से बढ़ी लागत



Gehlot ask to Center- Why increase to Delhi's contribution?
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Gehlot ask to Center- Why increase to Delhi's contribution?

  • आरआरटीएस और मेट्रो फेज-4 के खर्च में दिल्ली की हिस्सेदारी बढ़ाने से भड़के परिवहन मंत्री गहलोत
  • कहा- अब फिर पूछे बिना 6 में से 3 कॉरिडोर कर दिए, ऐसे नहीं चलेगा

Dainik Bhaskar

Apr 03, 2019, 05:56 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली को स्पीड देने वाले मेट्रो फेज-4 में केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से दिल्ली कैबिनेट से मंजूर फंडिंग पैटर्न बदलने पर निर्माण कार्य शुरू करने पर दिल्ली सरकार ने रोक लगा दी। वहीं केंद्र सरकार ने कहा कि मेट्रो पॉलिसी-2017 के हिसाब से कानपुर, आगरा, अहमदाबाद, पटना व सूरत में जो फंडिंग पैटर्न अपनाया, वहीं दिल्ली में लागू किया। साथ में कहा कि दिल्ली सरकार ने 4 साल मंजूरी में देरी की। जिससे लागत 5000 करोड़ रुपए बढ़ी और आरआरटीएस में भी पहले एलिवेट स्टेशन को मंजूरी देकर फिर उसे वापस लेने की देरी में 4000 करोड़ रुपए लागत बढ़ गई। फिर अड़ंगा लगाने से लागत बढ़ेगी और लोन वापसी की दिक्कत के अलावा इससे किराए पर भी असर पड़ेगा।

 

कैलाश गहलोत से भास्कर ने दिल्ली में ट्रैफिक कम करने वाले प्रोजेक्ट पर ब्रेक को लेकर बात की। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार और उनके अधिकारियों ने देरी की है। बिना डीएमआरसी बोर्ड की मंजूरी के प्रस्ताव लाए, उससे पहले जीएसटी लागू होने से प्रोजेक्ट डिले हुआ। अब फिर पूछे बिना 6 में से 3 कॉरिडोर कर दिए। ऐसे नहीं चलेगा।

आपत्ति| लागत घटी तो दिल्ली की खर्च में हिस्सेदारी कैसे बढ़ी

  1. दिल्ली सरकार ने दिल्ली-मेरठ के रैपिड रेल कॉरिडोर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 265 करोड़ रुपए एनसीआरटीसी को बेशक जारी कर दिए लेकिन एक आपत्ति लगाई है। केंद्रीय कैबिनेट के हिसाब से लागत सुप्रीम कोर्ट में जमा प्लान के तहत 31,632 करोड़ रुपए से घटकर 30,274 करोड़ रुपए होने के के बावजूद दिल्ली सरकार के खर्च की हिस्सेदारी 1138 करोड़ से बढ़कर 1180 करोड़ रुपए कैसे हो गई? जिसमें 265 करोड़ रुपए अंशदान अनुदान और 915 करोड़ रुपए सब-ऑर्डिनेट डेब्ट है। एनसीआरटीसी से दिल्ली सरकार हर साल की हिस्सेदारी की जानकारी भी मांगी है। ये विवाद भी बढ़ता दिख रहा है। 

  2. फेज-4 में फंडिंग में इन बदलाव पर दिल्ली सरकार को एतराज

    दिल्ली का अंशदान 3 कॉरिडोर में 2295 करोड़ था जिसे नए केंद्रीय कैबिनेट ने  3399.06 करोड़ रुपए कर दिया जबकि केंद्र ने अपनी हिस्सेदारी 1227 करोड़ रुपए से घटाकर 755.14 करोड़ रुपए कर ली।

  3. दिल्ली कैबिनेट ने एसजीएसटी की भरपाई को मना किया था जिसमें केंद्र ने 1243.31 करोड़ और जमीन पर पुनर्वास के लिए 2447.19 करोड़ रुपए कर दिया है।

  4. दिल्ली सरकार ने बीते वित्तवर्ष में 200 करोड़ रुपए जारी किए थे जिसमें अब पत्र भेजकर कहा कि काम दिल्ली के खर्च की हिस्सेदारी 19 दिसंबर 2018 के कैबिनेट फैसले के हिसाब से बदलने पर ही मेट्रो फेज-4 का काम शुरू करें।

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