जेएनयू हिंसा / हाईकोर्ट का गूगल, एपल, वाट्सएप को नाेटिस, डेटा संरक्षित रखने की जानकारी मांगी

कोर्ट का कहना है कि हिंसा से संबंधित जानकारी भविष्य के लिए जरूरी है कोर्ट का कहना है कि हिंसा से संबंधित जानकारी भविष्य के लिए जरूरी है
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कोर्ट का कहना है कि हिंसा से संबंधित जानकारी भविष्य के लिए जरूरी हैकोर्ट का कहना है कि हिंसा से संबंधित जानकारी भविष्य के लिए जरूरी है

  • जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, पुलिस के साथ वाट्सएप, गूगल, एपल को नोटिस जारी किया
  • काेर्ट ने कहा- आगे की जांच के लिए डेटा जरूरी है, इसे संरक्षित रखा जाए

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 07:22 AM IST

नई दिल्ली । जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार, पुलिस के साथ वाट्सएप, गूगल, एपल को नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने सभी से पूछा है कि हिंसा से जुड़े सबूत जैसे सीसीटीवी फुटेज, डेटा संरक्षित रखने का ब्योरा दें, क्योंकि आगे की जांच के लिए यह जरूरी है। जस्टिस बृजेश सेठ की कोर्ट सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रोफेसरों द्वारा सबूतों को संरक्षित रखने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

कोर्ट का कहना है कि हिंसा से संबंधित जानकारी भविष्य के लिए जरूरी है, इसलिए इसे सुरक्षित रखा जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने कहा कि यहां टेक कंपनियों का पक्ष रखने के लिए कोई भी मौजूद नहीं है। जब तक उनका पक्ष नहीं रखा जाता, तब तक इस संबंध में कोई भी आदेश नहीं दे सकते। अब सुनवाई मंगलवार को होगी।  कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने बताया उसने जेएनयू प्रशासन से हिंसा से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखने अौर उन्हें पुलिस को सौंपने के लिए कहा है। दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा ने बताया कि पुलिस को अब तक विश्वविद्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
 

 उन्होंने कहा कि पुलिस ने वाट्सएप से भी दो ग्रुप के डेटा सुरक्षित रखने को कहा है। इसमें वाट्सएप ग्रुप “यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ और “फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस’ शामिल हैं। इसमें मैसेज के साथ फोटो, वीडियो और सदस्यों के फोन नंबर सुरक्षित रखने को कहा है।

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