दिल्ली / हिंदू पक्षकार कुरान, बाबरनामा पढ़ रहे और मुस्लिम रामचरित मानस का अध्ययन कर रहे



Hindu parties are reading the Quran, Baburnama and studying the Muslim Ramcharit Manas
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Hindu parties are reading the Quran, Baburnama and studying the Muslim Ramcharit Manas

  • 50 से ज्यादा वकील रोज 20 घंटे काम कर रहे, मुस्लिम पक्ष की पैरवी कर रहे वकील जिलानी ने ओवैसी के बंगले को वॉर रूम बनाया

Dainik Bhaskar

Oct 08, 2019, 01:41 AM IST

प्रमोद कुमार त्रिवेदी |  नई दिल्ली  . अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर पूरे देश की नजर है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस मामले की 6 अगस्त से लगातार सुनवाई कर रही है। भास्कर ने इस मामले में अदालती कार्यवाही से इतर पहलुओं को जानने के लिए पक्षकारों और वकीलों से बात की। कोर्ट रूम से बाहर उनके साथ रहकर केस का दूसरा अनछुआ पहलू भी समझा। यह देखा कि वे पिछले 6 अगस्त से केवल अदालती जिंदगी ही जी रहे हैं। हिंदू पक्ष के वकील बाबरनामा, आईना-ए-अकबरी और कुरान पढ़ रहे हैं। मुस्लिम पक्ष के वकील वाल्मीकि रामायण, रामचरित मानस और स्कंध पुराण पढ़ रहे।


 हिंदू पक्ष के वरिष्ठ वकील सीएस वैद्यनाथन सुबह 4 बजे तक केस की तैयारी करते हैं तो मुस्लिम पक्ष के राजीव धवन रात-रातभर नोट‌्स पर काम करते हैं। धवन कई बार रात 2 बजे से केस नोट्स पढ़ना और ठीक करना शुरू करते हैं। सुबह 8 बजे तक सीट से नहीं उठते। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं। शाम को अगले दिन की तैयारी शुरू करते हैं। ये केवल वरिष्ठ वकीलों की दिनचर्या नहीं है, बल्कि इनके 50 सहयोगी वकीलों का खाना-पीना भी दफ्तर में ही हो रहा है। दोनों पक्षों के वकील कोर्ट और ऑफिस के अलावा किसी कार्यक्रम में या कहीं घूमने आखिरी बार 2 अगस्त से पहले गए थे। 2 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रोज सुनवाई की तारीख 6 अगस्त मुकर्रर की। इसके बाद से कोर्ट और ऑफिस में केस की तैयारी ही इनकी जिंदगी है। डेढ़ महीने में दोनों पक्षों के वकील तकरीबन 10 लाख रुपए की किताबें खरीद चुके हैं। करीब 1000 किताबों के पन्ने पलट रहे हैं।

 

अयोध्या मामले में जजमेंट ही कई किताबों के बराबर: मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहते हैं ‘केस के फैसले तक नो इंटरव्यू’। हालांकि, अदालती कार्यवाही से अलग पैरवी की तैयारियों पर कहते हैं साधारण केस में ही 200 किताबें पढ़ते हैं, फिर इस मामले में तो जजमेंट ही कई किताबों के बराबर है। यही हाल हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन बताते हैं कि मुस्लिम धर्म को समझने के लिए सबसे ज्यादा किताबें पढ़ना पढ़ीं।

 

हिंदू पक्ष के वकील रोज औसतन 2 घंटे की ही नींद ले पाते हैंै : हिंदू पक्ष के वकील के. पाराशरन, सीएस वैद्यनाथन, रंजीत कुमार, पीएन मिश्रा और हरिशंकर जैन हैं। इनके सहयोगी बताते हैं कि यदि 37 दिनों तक लगातार चली सुनवाई की बात की जाए तो हम 74 घंटे यानी दिन में दो घंटे से ज्यादा आराम नहीं कर सके हैं। केवल शनिवार-रविवार को 4-4 घंटे सो पाते हैं। राेज सुनवाई के चलते केस पर रिसर्च और धर्म पर दी गईं दलीलों को क्रॉसचेक करना पड़ता है।

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