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हिंसाग्रस्त इलाकों में मिलन समारोह नहीं, एक-दूसरे के घर जाकर मुबारकबाद देंगे हिंदू और मुस्लिम

एक वर्ष पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।
  • नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए मिलकर मनाएंगे त्योहार
  • दोनों पक्ष बोले- आपसी नजदीकी बढ़ाने का यही सही मौका

नई दिल्ली (अमित कुमार निरंजन). दिल्ली के हिंसाग्रस्त इलाकों में हिंदू-मुस्लिम होली मनाने को तैयार हैं, लेकिन इस बार वे सामूहिक मिलन समारोह आयोजित नहीं करेंगे। वे एक-दूसरे को घर जाकर बधाई देंगे। दोनों पक्षों के लोग कहते हैं- आपसी नजदीकी बढ़ाने का यही सही मौका है। नापाक इरादे वाले लोग एक प्रतिशत से भी कम हैं। इसके बावजूद हम सतर्क हैं कि किसी को भी माहौल खराब करने का मौका न मिले।


हम नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए होली मनाएंगे। करवाल नगर, शिव नगर में एहतियात के तौर पर दुकानदारों ने दुकान से नाम के बैनर, होर्डिंग्स हटा लिए हैं, ताकि कोई समुदाय विशेष के आधार पर निशाना नहीं बनाए। भास्कर ने हालात का मुआयना करने के लिए हिंसाग्रस्त इलाकों गोकुलपुर, जाफराबाद, सीलमपुर, करवाल नगर, उस्मानपुर, मुस्तफदाबाद, और शिव नगर का दौरा किया।

मैं गुजिया लेकर मुस्लिम दोस्तों का इंतजार करूंगा: आनंद
गोकुलपुर में 40 साल से आनंद शर्मा रह रहे हैं। आनंद कहते हैं- मेरे घर के सामने दुकानों में तोड़फोड़ हुई थी। मेरी दुकान होली पर बंद रहेगी, लेकिन मैं घर में गुजिया लेकर मुस्लिम दोस्तों का इंतजार करूंगा। उनके घर जाकर भी गुजिया बांटूंगा। हम अफवाहों को रोकने की कोशिश करेंगे। उस्मानपुर निवासी सुरेश गुप्ता कहते हैं- दंगों के दौरान मुस्लिम भाई हमारी ढाल थे। मैं मुस्लिम भाइयों के घर जाकर होली मनाऊंगा।

हिंदू भाइयों से होली पर गले मिलने की तमन्ना है: अब्दुल
गोकुलपुर के टायर मार्केट में अब्दुल पप्पू की दुकान थी। दंगों में राख हो गई। अब्दुल कहते हैं- मैं हर साल अपनी दुकान पर हिंदू भाइयों को मिठाई खिलाता था। इस बार नहीं खिला पाऊंगा, पर हिंदू भाइयों से होली पर गले मिलने की तमन्ना है। करवाल नगर- शिवनगर रूट पर शाहरुख मंसूर ऑटो चलाते हैं। वह कहते हैं- मुझे हिंदू भाइयों ने होली पर भोजन का न्योता दिया है।

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