घुटती दिल्ली / ओपीडी में बढ़े मरीज; 75% को सांस लेने में मुश्किल, सीने में दर्द की शिकायत, बच्चे खांसी से बेहाल



Increasing pollution in Delhi
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Increasing pollution in Delhi

  • दिखने लगा बढ़ते प्रदूषण का असर, सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक में मरीजों की भरमार
  • एम्स में इन दिनों भारी तादाद में आ रहे हैं रोगी, प्रदूषण के चलते सांस लेने में तकलीफ
  • डॉक्टरों की सलाह जितना हो सके घर से बाहर न निकलें, बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगाएं

Oct 26, 2018, 07:20 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण का असर यहां के लोगों पर पड़ना शुरू हो गया है। इन दिनों अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में 75% सांस लेने में समस्या, सीने में दर्द, खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, छोटे बच्चों का खांस-खांसकर बुरा हाल है। ऐसे में डॉक्टरों ने सलाह दी है कि जितना हो सके घर से बाहर निकलने को टालें, बहुत जरूरी होने पर मास्क का इस्तेमाल करें।

 

सरकारी अस्पताल हो या फिर प्राइवेट या फिर क्लिनिक सब जगह इन दिनों सांस लेने की परेशानी बताने वाले मरीजों की भरमार है। एम्स इस वक्त प्रदूषण से सांस की तकलीफ झेल रहे मरीजों से हाउसफुल है। एम्स के पल्मोनरी विभाग में 80% ओपीडी में बढ़ोतरी है। ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों में शिकायत, अस्थमा की दिक्कतें देखने को मिल रही हैं। पल्मोनरी विभाग के डॉक्टर ने बताया कि कुछ समय पहले देश से बाहर गए थे। वापस आने के बाद देखा इन दो सप्ताह में ओपीडी मरीजों से कई गुना ज्यादा थी।

 

डॉक्टर्स की सलाह: खुद ‘डॉक्टर’ न बनें  : एम्स के अलावा अपोलो, गंगाराम, मैक्स में ऐसे मरीजों की तादाद बढ़ी है। लंग्स केयर फाउंडेशन के फाउंडर ट्रस्टी डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि अस्पतालों में लोग खांसी, सांस फूलने, गले में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। डॉ कुमार ने कहा कि बहुत से लोग ऐसे हैं जो डॉक्टर के पास नहीं जा रहे, उन्होंने इनहेलर लेकर रख लिए हैं। लोगों को खुद से डॉक्टर नहीं बनना चाहिए, वरना परेशानी हो सकती है।

 

छोटे बच्चे हो रहे बहुत परेशान : छोटे बच्चे खांसी से परेशान हैं। नोएडा के कैलाश अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने बताया कि ज्यादातर परिजन बच्चों को खांसी, नाक बंद होने के चलते सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर आ रहे हैं।

 

बाहर से घर आकर गर्म पानी से नहाएं : डॉक्टर्स ने लोगों को सलाह दी है कि घर से निकलते वक्त मास्क लगाएं। वापस आने पर गुनगुने पानी से गरारे करें। कोशिश करें कि हल्के गर्म पानी से स्नान करें ताकि प्रदूषित कण त्वचा को नुकसान न पहुंचा सकें।  

 

ग्रीनरी के पास प्रदूषण कम : ग्रीनरी के पास प्रदूषण का स्तर कम होता है। तालकटोरा स्टेडियम में चल रहे हेल्थ मेला में डॉ. के.के अग्रवाल ने गुरुवार को प्रयोग से समझाया। प्रदूषण मापक यंत्र का इस्तेमाल कर पहले बंद कमरे, फिर बाहर और अंत में पौधों के पास प्रदूषण स्तर मापा। कमरे में 5 लोग थे, वहां की स्थिति गंभीर बताई, जबकि कमरे में एसी लगा था। बाहर आने पर प्रदूषण स्तर ज्यादा था, जैसे ही मापक यंत्र बगीचे के पास ले गए, प्रदूषण का स्तर बेहद कम पहुंचा।

 

खराब प्रदूषण से बच्चे बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। इन दिनों खांसी, निमोनिया के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। सुबह-शाम प्रदूषण ज्यादा खराब रहता है, इसलिए कोशिश करें कि बच्चों को घर में रखें। बहुत जरूरी हो तो बच्चों को मास्क लगाकर बाहर ले जाएं। जयादा से ज्यादा पानी पिलाएं। - प्रो. ममता जाजू, बाल रोग विशेषज्ञ, चाचा नेहरू अस्पताल

 

एयर क्वालिटी इंडेक्स

 

स्थान एक्यूआई
दिल्ली 331
फरीदाबाद 354
गाजियाबाद 324
गुड़गांव 357
ग्रेनो 310
नोएडा 316

 

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