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किताब में दावा / ट्रम्प ने कहा- भारत की सीमा चीन से नहीं लगती तो मोदी ने बैठक बीच में ही छोड़ दी थी

अमेरिकी अफसरों का कहना है कि ट्रम्प को भारत से सटे देशों की सीमाओं की जानकारी नहीं थी। अमेरिकी अफसरों का कहना है कि ट्रम्प को भारत से सटे देशों की सीमाओं की जानकारी नहीं थी।
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अमेरिकी अफसरों का कहना है कि ट्रम्प को भारत से सटे देशों की सीमाओं की जानकारी नहीं थी।अमेरिकी अफसरों का कहना है कि ट्रम्प को भारत से सटे देशों की सीमाओं की जानकारी नहीं थी।

  • दो पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके पत्रकारों ने लिखी है किताब ‘अ वेरी स्टेबल जीनियस’
  • पुस्तक में लिखा है- मोदी के हाव-भाव बता रहे थे कि ट्रम्प गंभीर शख्सियत नहीं
  • ट्रम्प के बयान के बाद गूगल पर भारत-चीन सीमा सबसे ज्यादा सर्च की गई

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2020, 08:42 AM IST

वॉशिंगटन/ नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दुनिया की भौगोलिक स्थिति का बिल्कुल अंदाजा नहीं है। एक बार उन्होंने भरी मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह तक कह दिया था- ‘‘भारत की सीमा चीन से नहीं लगी है।’’ ट्रम्प के एक सहयोगी ने कहा कि मोदी ने उस बैठक को बीच में ही छोड़ दिया था।

मोदी के चेहरे के हाव-भाव इस ओर इशारा कर रहे थे, मानो वह ट्रम्प के बारे में कह रहे हैं कि यह शख्स गंभीर नहीं है। मैं इस आदमी को एक साथी के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता। यह दावा अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के दो पत्रकारों फिलिप रकर और कैरोल लिओनिंग ने अपनी हालिया प्रकाशित पुस्तक ‘अ वेरी स्टेबल जीनियस’ में किया है। इन पत्रकारों ने दो बार पुलित्जर पुरस्कार भी जीता है। 

ट्रम्प-मोदी की पहली मुलाकात का वाकया

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत और चीन के संबंध में की गई एक टिप्पणी से जुड़ा यह दावा ट्रम्प के करीबी सूत्रों के आधार पर किया गया है। 417 पेज की पुस्तक में कहा गया है कि इस वाकये के बाद भारत ने अमेरिका के साथ राजनयिक रिश्ते को ‘एक कदम पीछे’ खीच लिया था। किताब में उल्लेख नहीं है कि यह वाकया दोनों नेताओं के बीच किस मुलाकात का है, लेकिन माना जा रहा है कि ट्रम्प की मोदी से पहली मुलाकात का हो सकता है।

ट्रम्प सोचते थे- नेपाल-भूटान भारत में हैं

अमेरिकी सरकार के पूर्व सलाहकार ट्रम्प को कई बार खतरनाक तरीके से बेखबर होने की बात कह चुके हैं। ट्रम्प सोचते थे कि नेपाल-भूटान भारत में हैं। पिछले साल ट्रम्प ने कहा कि मोदी ने जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन में बैठक के दौरान कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए उनसे मध्यस्थता की मांग की। ट्रम्प के इस बयान को भारतीय विदेश मंत्रालय ने झूठा करार दिया था। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी पत्रकारों के इस दावे पर भी कोई टिप्प्णी नहीं की है।  

बयान के बाद गूगल पर भारत-चीन की सीमा सबसे ज्यादा सर्च

ट्रम्प का यह बयान सामने आने के बाद भारतीयों ने गूगल पर भारत-चीन की सीमा के बारे में सबसे ज्यादा सर्च किया। लोगों ने दोनों देशों की सीमा के नाम, लंबाई और उस जगह के बारे में सर्च किया, जहां वह भारत से मिलती है। भारत और चीन के बीच 3,488 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा विवाद अनसुलझा है।

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