गुड़गांव / 65 साल की उम्र में युवाओं जैसा जज्बा, दौड़ में जीते 82 मेडल



गुड़गांव. मेडल के साथ धावक धनीराम यादव। गुड़गांव. मेडल के साथ धावक धनीराम यादव।
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गुड़गांव. मेडल के साथ धावक धनीराम यादव।गुड़गांव. मेडल के साथ धावक धनीराम यादव।

  • मानेसर के धनीराम यादव ने 61 साल की उम्र से दौड़ स्पर्धाओं में भाग लेना शुरू किया था, कुश्ती में भी दिखाए थे दांव
  • इंटरनेशनल मैराथन में हासिल किया सिल्वर 

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 03:42 AM IST

गुड़गांव (राम खटाना). 60 साल की उम्र में जब लोग खुद को बुजुर्ग मानकर खेलों को छोड़ देते हैं। इस उम्र में गुड़गांव के मानेसर निवासी धनीराम यादव युवाओं को भी दौड़ में पछाड़ने का मादा रखते हैं। 65 साल के धनीराम ने एक-दो नहीं, बल्कि 82 मेडल हासिल किए हैं। इनमें से 49 मेडल 21 किलोमीटर लंबी मैराथन में हासिल कर चुके हैं। उन्होंने 58 से 62 साल की उम्र तक कुश्तियों में जौहर दिखाए। वे पिछली साल  बाबा रामदेव को कुश्ती के लिए चैलेंज कर चुके हैं। उन्होंने रामदेव द्वारा कुश्ती में हारने की सूरत में दो एकड़ जमीन को ईनाम में देने की भी घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने चैलेंज स्वीकार नहीं किया। 

 

धनीराम ने साल 1996 तक दिल्ली पुलिस में हवलदार के पद से वीआरएस लिया था। घर पर वे परचून की दुकान चलाते थे। इसके बाद अप्रैल 2009 के बाद 54 साल की उम्र में दुकानदारी छोड़कर कुश्ती के दांव पेंच सीखने लगे। उन्होंने देवीलाल स्टेडियम में कुश्ती कोच जयभगवान कटारिया से कुश्ती की बारीकियां सीखीं और 2011 से 2015 तक कुश्ती में हरियाणा के सभी दंगलों में हिस्सा लेकर नाम कमाया। आज वे हरियाणा में ही नहीं, बल्कि देशभर में 60 प्लस वर्ग की कुश्ती में पहलवानों को धोबी पछाड़ से धूल चटा देते हैं। 

 

धनीराम ने स्टेट लेवल में जीते 21 मेडल
मानेसर निवासी धनीराम ने 61 साल की उम्र में दौड़ शुरू की थी। उन्होंने स्टेट लेवल के मास्टर इवेंट में 21 मेडल हासिल किए हैं जबकि नेशनल मास्टर एथलेटिक में दो गोल्ड, चार सिल्वर व 6 कांस्य पदक के साथ कुल 12 मेडल जीते हैं। इसके अलावा वे 21 किलोमीटर की मैराथन में कुल 49 मेडल अपने नाम कर चुके हैं। 
ये है दिनचर्या 

 

धनीराम सुबह सबसे पहले दो घंटे मेडिटेशन के बाद वे 8 किलोमीटर दौड़ते हैं। शाम को 5 किलोमीटर वॉक और तीन किलोमीटर दौड़ते हैं। शाम को फिर आधे घंटे मेडिटेशन करते हैं। खाने में वे सात्विक खाना खाते हैं। दो चपाती के साथ 100 ग्राम देसी घी, हरी सब्जियां और एक किलो दूध पीते हैं। इसके अलावा डाइट में वे ड्राई फ्रूट भी पसंद करते हैं।

 

सरकार की ओर से नहीं मिल रही कोई सहायता 
बेशक सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करती है, लेकिन 65 वर्षीय एथलीट धनीराम ने सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया है। कहा कि सरकार पर बुजुर्ग खिलाड़ियों के लिए कोई अवार्ड नहीं है। अब तक वे कई नेशनल इवेंट में मेडल हासिल कर चुके हैं, लेकिन सरकार से कोई कैश अवार्ड मिला।

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