दिल्ली / यूएन में बाल यौन शोषण के खिलाफ कानून का प्रस्ताव पेश कराना है लक्ष्य : सत्यार्थी



कैलाश सत्यार्थी और कवि कुमार विश्वास बच्चों से खुलकर मिले। कैलाश सत्यार्थी और कवि कुमार विश्वास बच्चों से खुलकर मिले।
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कैलाश सत्यार्थी और कवि कुमार विश्वास बच्चों से खुलकर मिले।कैलाश सत्यार्थी और कवि कुमार विश्वास बच्चों से खुलकर मिले।

  •  कैलाश सत्यार्थी के नोबेल पुरस्कार जीतने के पांच साल पूरे होने पर आयोजन
  • नोबेल पुरस्कार विजेता ने कैलाश शर्मा से कैलाश सत्यार्थी बनने की कहानी बताई

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 07:53 AM IST

नई दिल्ली. नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान मिले 5 साल हो गए हैं। इस उपलक्ष्य में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में एक आयोजन किया गया। यहां कैलाश सत्यार्थी के 40 साल के संघर्ष की फोटो प्रदर्शनी लगाने के साथ ही सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भारत पर पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध के साथ संवाद हुआ। नोबेल पुरस्कार विजेता ने कैलाश शर्मा से कैलाश सत्यार्थी बनने की कहानी बताई।

 

सत्यार्थी ने कहा, मेरी कोशिश है कि अगले साल यूनाइटेड नेशंस की जनरल असेंबली में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी, डिजिटल बाल यौन शोषण के खिलाफ कानून का प्रस्ताव कुछ देश के राष्ट्राध्यक्ष लाएं। कानून बहुत हंै लेकिन सख्ती से लागू नहीं हो रहे हैं। जिससे दिक्कतें हैं। जब चरित्र हनन रुकेगा, बच्चे पढ़ेंगे तो गरीब और बेरोजगारी खुद दूर हो जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि 6-14 साल की उम्र में 80 फीसदी ज्ञान व व्यक्तित्व निर्माण होता है लेकिन प्राइमरी शिक्षक सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं।

 

प्रदर्शनी का शुभारंभ गायिका मालिनी अवस्थी व कवि डॉ. कुमार विश्वास ने किया जो 16 अक्टूबर तक चलेगी। सवालों के जबाव में कैलाश सत्यार्थी ने नोबेल पुरस्कार राष्ट्र को समर्पित किए जाने को लेकर कहा कि राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी ने बताया था कि देश में कोई नोबेल मेडल नहीं है क्योंकि एक मिला था रविंद्रनाथ टैगोर को जो चोरी हो गया, इसलिए राष्ट्र को सौंप दिया। सत्यार्थी ने कहा कि नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद के पांच साल की बात करें तो जितना काम होना चाहिए, उतना नहीं हुआ।

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