वायरल वीडियो / वैभव कृष्ण के खिलाफ सीएम को लिखी चिट्‌ठी, आईजी ने मांगा जवाब

एसएसपी गौतमबुद्वनगर वैभव कृष्ण के तीन वीडियो के बाद चौथा वीडियो भी शनिवार को सामने आया है। एसएसपी गौतमबुद्वनगर वैभव कृष्ण के तीन वीडियो के बाद चौथा वीडियो भी शनिवार को सामने आया है।
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एसएसपी गौतमबुद्वनगर वैभव कृष्ण के तीन वीडियो के बाद चौथा वीडियो भी शनिवार को सामने आया है।एसएसपी गौतमबुद्वनगर वैभव कृष्ण के तीन वीडियो के बाद चौथा वीडियो भी शनिवार को सामने आया है।

  • एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित तीन वीडियो वायरल होने के बाद एक और वीडियो लीक, गुजरात की फोरेंसिक लैब करेगी वीडियो की जांच
  • जेल में बंद पत्रकार चंदन राय के सीएम को लिखे वायरल पत्र से हड़कंप

दैनिक भास्कर

Jan 05, 2020, 04:10 AM IST

नोएडा . एसएसपी गौतमबुद्वनगर वैभव कृष्ण के तीन वीडियो के बाद चौथा वीडियो भी शनिवार को सामने आया है। हालांकि यह वीडियो पहले के तीन वीडियो से से जुड़ा हुआ है । चर्चा है कि उक्त लोगों ने पुलिस कप्तान के कई सारे वीडियो बनाए हैं। जिससे कप्तान को बदनाम कर नोएडा से हटाया जा सके। 


हालांकि इसकी जांच आईजी मेरठ रेंज की निगरानी में हापुड़ एसपी संजीव सुमन कर रहे हैं। इस मामले में कथित पत्रकार चंदन राय का एक पत्र भी वायरल हो रहा है। यह पत्र मुख्यमंत्री के नाम लिखा गया है। हालांकि इसकी अाधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस पत्र में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताने के साथ परिवार को जानमाल का खतरा बताया है। चंदन राय ग्रेटर नोएडा के लुक्सर जेल में बंद है। उसे 23 अगस्त 2019 को संगठित पत्रकार गिरोह चलाने के मामले में जेल भेजा गया था। उस पर फर्जी पत्रकारों का गिरोह चलाने का भी आरोप था। 

कुछ ऐसे समझें... क्या है वीडियो वायरल होने का पूरा मामला 

दरअसल, गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण के तीन कथित अश्लील वीडियो वायरल हुए। गुरुवार को एसएसपी ने इन वीडियो को अपने खिलाफ साजिश बताते हुए गौतमबुद्ध नगर सेक्टर 20 थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसकी जांच एसपी हापुड़ संजीव सुमन को सौंपी गई। इसके बाद एसएसपी की ओर से शासन को लिखा गया एक पत्र भी वायरल हो गया जिसमें पांच आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा गए थे। एसएसपी ने पांच आईपीएस अफसरों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग समेत तमाम संगीन आरोप लगाए हैं जिससे यूपी की आईपीएस लॉबी में हड़कंप मचा है।

जिन अधिकारियों पर आरोप हैं उनमें आईपीएस- अजयपाल शर्मा, पुलिस अधीक्षक रामपुर, आईपीएस-2 सुधीर सिंह (एसएसपी गाजियाबाद), आईपीएस-3 गणेश साहा (पुलिस अधीक्षक बांदा), आईपीएस-4 राजीव नारायण मिश्र (तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कुशीनगर), आईपीएस-5 हिमांशु (पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर) शामिल हैं। नोएडा एएसपी वैभव कृष्ण ने बीते साल गिरफ्तार किए गए चार कथित पत्रकारों के काॅल डिटेल, चैट की जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी जिसे डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह को भेजा गया था।

एक सप्ताह में आ सकती है वीडियो की प्रमाणिकता रिपोर्ट साइबर फ्रॉड से जुड़े अधिकांश वीडियो 
आगरा फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। लेकिन मामले की गंभीरता और जांच प्रभावित न हो इसके लिए वायरल वीडियो को जांच के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। यहा से एक सप्ताह में रिपोर्ट आ सकती है। इसके बाद वीडियो की प्रमाणिकता सामने आएगी। एसपी हापुड़ संजीव सुमन ने बताया कि इस प्रकरण की जांच कोतवाली प्रभारी की आेर से की जा रही है। उनको सभी तरह के दस्तावेज भेज दिए गए है।

आरटीआई एक्टिविस्ट ने की प्रेसवार्ता

पूरे प्रकरण में लीपापोती का हो रहा प्रयास: ठाकुर
एक्टिविस्ट डा. नूतन ठाकुर ने एसएसपी वैभव कृष्ण की आेर से 5 आईपीएस अफसरों पर लगाए गए आरोप की शिकायत सोमवार को लोकायुक्त से करेंगी। नूतन ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की थी। लेकिन अपर मुख्य सचिव गृह व डीजीपी की प्रेस वार्ता से यह साफ हो गया है कि इस प्रकरण में निष्पक्ष जांच की जगह लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां वरिष्ठ अफसरों को तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए खुली एवं निष्पक्ष जांच करानी चाहिए थी। वहीं, उनके द्वारा इस संबंध में पूरी तरह गोलमोल जवाब दिया गया है। इन स्थितियों में उनके पास अब इस प्रकरण को लोकायुक्त के सामने ले जाने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं है।

जेल में बंद चंदन राय का पत्र वायरल

एसएसपी वैभव कृष्ण पर लगाए गए गंभीर आरोप
जेल में बंद चंदन राय का एक पत्र वायरल हो रहा है। इसमे चंदन ने एसएसपी वैभव कृष्ण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पत्र को देखने के बाद आईजी मेरठ रेंज आलोक सिंह ने एसएसपी वैभव कृष्ण को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में चंदन ने आरोप लगाया कि विगत एक साल में एसएसपी ने किसी भी बड़े मुकदमे के लिए उच्च न्यायालय में प्राइवेट अधिवक्ता को खड़ा नहीं किया। लेकिन हमारे मामले में पद का गलत इस्तेमाल किया गया। यही नहीं आईपीएस अधिकारियों के साथ ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए गए आरोप भी गलत है। बहराल इस प्रकरण में आईजी मेरठ रेंज ने एसएसपी से स्पष्टीकरण मांगा है।

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