दिल्ली / मास्टर प्लान-2041 में शामिल होंगे लंदन, टोक्यो, सिंगापुर जैसे तमाम विदेशी शहरों के मॉडल

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 02:12 AM IST



Master Plan-2041 will include models of foreign cities
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Master Plan-2041 will include models of foreign cities

  • ग्रीन बेल्ट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने पर होगा फोकस
  • अगले दो साल में डीडीए को तैयार करना है दिल्ली का मास्टर प्लान-2041

नई दिल्ली (आनंद पवार). मास्टर प्लान-2041 में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ग्रीन बेल्ट को लेकर ज्यादा फोकस रहेगा। डीडीए अगले मास्टर प्लान में विदेशों की खासियत शामिल करने को लेकर विचार कर रहा है। इसके लिए डीडीए के अधिकारी तमाम विदेशी शहरों का दौरा करके भी आए है। इसके अलावा हाल ही में डीडीए और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) ने संयुक्त रूप से सेमिनार का आयोजन किया था। इस तरह के आयोजन आने वाले एक साल तक और भी अयोजित किए जाएंगे। डीडीए को अगले दो साल में दिल्ली का मास्टर प्लान-2041 तैयार करना है।

 

दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने विदेशी शहरों का दौरा कर जानी वहां की खासियत, कई सेमिनार से भी मिले आइडियाज

राजधानी को खूबसूरत बनाने, सुविधा जनक बनाने, जाम और प्रदूषण से राहत और अन्य सुविधा संपन्न बनाने के लिए जनता का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए डीडीए जल्द ही एक वेबसाइट लांच करने जा रहा है। इसे जुलाई तक जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। लोग इस पर अपने आइडिया भी शेअर कर सकेंगे। डीडीए के एक अधिकारी ने बताया कि वेबसाइट का काम करीब-करीब पूरा हो गया है। इसे जुलाई में लांच कर दिया जाएगा।  

 

सिंगापुर : सीवेज वॉटर को रिसाइकिल करके पार्क और अन्य जगह उपयोग में लाया जा रहा

सिंगापुर में ग्रीन बेल्ट के आसपास काफी बसाहट है। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट और वॉटर को रिसाइकिल करके उपयोग किया जा रहा है। वेस्ट कम निकलने से कूड़े के पहाड़ की समस्या ही नहीं है। कूड़े से होने वाली बीमारियों से भी छुटकारा लोगों मिल गया है। सीवेज वॉटर को रिसाइकिल करके पार्क सहित अन्य जगह उपयोग करने से उसी पानी की जरूरत को पूरा भी किया जा रहा है। इससे पानी की समस्या खत्म हो गई। 

 

लंदन : जर्जर और खराब हो चुकी बिल्डिंग को तोड़कर रिडेवलपमेंट किया गया है

लंदन में जर्जर और खराब बिल्डिंग को तोड़कर रिडेवलपमेंट किया गया है। इसके लिए लोगों को नियमों में ढील भी दी गई है। इस तरह के प्रावधानों को राजधानी दिल्ली में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। जर्जर बिल्डिंग को तोड़ा जाएगा। एक ही स्थान पर ज्यादा से ज्यादा एक्टिविटी देने की भी कोशिश की जाएगी। जैसे आर्ट, रेस्टोरेंट, ग्रीन एरिया और मीटिंग स्पेस। इससे इलाके की सुरंदरता भी बढ़ेगी।  

 

टोक्यो : ट्रांजिट ओरिएंटेड विकास पर फोकस किया, मेट्रो तक पहुंचने में आसानी हो रही है

टोक्यो में ट्रांजिट ओरिएंटेड विकास पर ज्यादा फोकस किया गया। इससे पैदल चलने वालों को मेट्रो से निकलकर ज्यादा दूर नहीं जाना होगा। एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस भी पास में होंगे। इसमें बिल्डिंगों में एफएआर ज्यादा होगा। डीडीए ने ट्रांजिट ओरिएंटेड पॉलिसी को जनता के सुझाव के लिए पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने को कार के रजिस्ट्रेशन महंगे करने जैसे कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है। साइकलिंग और वॉकिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।

 

^विदेशों की खासियत के साथ ही जनता के आइडिया पर विचार किया जा रहा है। अभी यह प्रारंभिक चरण है। सभी सुझावों की व्यवहारिकता को देखा जाएगा। उसके बाद उन्हें मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। जनता के सुझाव लेने के लिए जल्द ही एक वेबसाइट लांच की जाएगी। - तरुण कपूर, उपाध्यक्ष, डीडीए

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