खत / मेट्रो में फ्री राइड पर मेट्रो मैन ई. श्रीधरन ने पीएम को पत्र लिखा तो सिसोदिया ने श्रीधरन को

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2019, 03:47 AM IST



Metro Man E. Sreedharan and Manish Sisodia statement on free Ride in Delhi metro
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Metro Man E. Sreedharan and Manish Sisodia statement on free Ride in Delhi metro

  • अगर दिल्ली सरकार छूट देना चाहती है तो महिलाओं के खाते में सीधे भेजें पैसा : ई. श्रीधरन
  • आपने हमारा प्रस्ताव गलत समझा, अभी क्षमता से कम बैठ रहीं मेट्रो में सवारियां : मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली. मेट्रो मैन ई. श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को फ्री यात्रा सुविधा देने को गलत करार दिया है। वहीं डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने श्रीधरन को पत्र लिखकर अपनी बात रखी है। दोनों पत्रों के खास अंश...

 

दिल्ली मेट्रो में किसी को भी रियायती यात्रा की छूट नहीं

ई. श्रीधरन ने कहा, "जब मैंने दिसंबर, 2011 में दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंधन निदेशक का पद छोड़ा था, तब मैंने प्रण लिया था कि इसके बाद डीएमआरसी की वर्किंग में हस्तक्षेप नहीं करूंगा। अभी हाल ही के दिल्ली सरकार के दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की फ्री यात्रा के फैसले ने मुझे अपना प्रण तोड़ने को मजबूर कर दिया है। महोदय, जब दिल्ली मेट्रो का पहला सेक्शन खुला था, तब मैंने फैसला लिया था कि दिल्ली मेट्रो में किसी को भी रियायती यात्रा की छूट नहीं होगी। दिल्ली मेट्रो की पहली लाइन के उद्घाटन पर जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 23 दिसंबर, 2002 को कश्मीरी गेट से शाहदरा तक यात्रा में आए तब टोकन लेकर यात्रा की।

 

यात्रा मुफ्त करने की बजाय यात्रा का खर्च उनके खाते में दे दें

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो के इस उदाहरण को देशभर की मेट्रो ने अपनाया। अब, यदि महिलाओं को मेट्रो में फ्री यात्रा की रियायत दिल्ली मेट्रो में दी जाती है तो अन्य मेट्रो के लिए खतरनाक मिसाल कायम हो जाएगी। दिल्ली सरकार का यह तर्क कि जो घाटा होगा उसकी भरपाई कर देंगे, यह ठीक समाधान नहीं है। आज ये राशि सालाना करीब 1000 करोड़ है। मैं दिल्ली सरकार को सुझाव देता हूं कि दिल्ली मेट्रो में महिलाओं की यात्रा मुफ्त करने की बजाय यात्रा का खर्च उनके खाते में दे दें।

 

डीएमआरसी के फेज-थ्री के समापन के बाद 40 लाख हो जाएगी यात्री क्षमता

मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार की महिलाओं के लिए डीएमआरसी की मेट्रो ट्रेन में नि:शुल्क यात्रा की योजना के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री को लिखे गए आपके खत को पढ़कर मैं आश्चर्यचकित और दुखी हूं। सर, आपके रुख से ऐसा लगता है कि आपने दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को गलत समझा है। डीएमआरसी के फेज-थ्री के समापन के बाद इसकी रोजाना यात्री क्षमता बढ़कर 40 लाख हो जाएगी, जिसको आप एप्रिसिएट करेंगे।

 

योजना से महिला सवारियों में 50% की वृद्धि होगी

सिसोदिया ने कहा कि मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि डीएमआरसी फिलहाल औसतन 25 लाख यात्रियों को सेवाएं दे रही है। इसका मतलब है कि दिल्ली मेट्रो अपनी क्षमता से 65 फीसदी कम चल रही है और उसकी क्षमता का उपयोग नहीं हो रहा। यह किसी कंपनी के लिए निहायत खराब प्रदर्शन है। यह काबिले तारीफ होता अगर डीएमआरसी अपनी क्षमता का 90% से अधिक उपयोग करता। खुद दिल्ली मेट्रो ने स्वीकार किया कि इस योजना से महिला सवारियों में 50% की वृद्धि होगी। हमें इस पर हर्ष होना चाहिए न कि इसका विरोध करना चाहिए। महिलाओं को फ्री सवारी की सुविधा देने के बावजूद मेट्रो की रोजाना सवारी की संख्या में महज तीन लाख का ही इजाफा होगा।

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