माैसम / इस साल सामान्य के करीब रहेगा मानसून, 96% हाे सकती है बारिश



फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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फाइल फोटो।फाइल फोटो।

  • खरीफ फसलाें के लिए अच्छा रहेगा मानसून 
  • मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के अंत या जून में आएगा
  • 49 साल के औसत के आधार पर जारी किया पूर्वानुमान

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 05:00 AM IST

नई दिल्ली. देश में इस साल मानसून सामान्य रहने का अनुमान है। मानसून के चार महीने के दौरान दीर्घावधि औसत की 96 प्रतिशत बारिश होगी। मौसम विभाग ने सोमवार को इस साल के दक्षिण-पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन नायर और भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने प्रेस काॅन्फ्रेंस में इस साल मानसून का पूर्वानुमान जारी किया।

 

उन्हाेंने बताया कि इस साल मानसून के दौरान जून से सितंबर तक वर्षा लगभग सामान्य रहने का अनुमान है। दीर्घावधि औसत का 96 प्रतिशत बारिश होगी। मानसून के चार माह में कुल 89 सेमी बारिश हाेने का अनुमान है। नायर ने कहा, ‘दक्षिण पश्चिम मानसून अभी तक सामान्य है। एेसे में मानसून के सामान्य रहने की संभावना है।’ मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के अंत या जून के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा। 

 

औसत बारिश 89 सेंटीमीटर रहने के आसार

1951 से 2000 के बीच मानसून की बारिश के औसत के आधार पर इस साल बारिश का अनुमान जारी किया गया है, जाे 89 सेंटीमीटर है। पूरे मानसून में 90 से 95 प्रतिशत बारिश हाेती है, ताे उसे सामान्य बारिश से कम बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। 96 से 104 प्रतिशत तक बारिश काे सामान्य अाैर 105 सेंमी से ज्यादा बारिश काे सामान्य से ज्यादा बारिश की श्रेणी में शामिल किया जाता है।

 

इस बार खास 

  • बारिश 5 प्रतिशत कम या ज्यादा बारिश हाे सकती है
  • इस बार सभी क्षेत्राें में बारिश का अनुमान है
  • मानसून के आने की तारीख की घाेषणा माैसम विभाग 15 मई काे करेगा

स्काईमेट के अनुसार 93 % बारिश होगी
निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने इस साल मानसून के दौरान दीर्घावधि औसत का 93% बारिश होने का अनुमान जारी किया था। स्काईमेट ने माैसम विभाग के अनुमान के बाद भी अपने अनुमान काे ही सटीक बताया है। पिछले साल देश में दीर्घावधि औसत की 91% बारिश हुई थी। माैसम विभाग ने पिछले साल 97 प्रतिशत बारिश का अनुमान जताया था अाैर वास्तविक बारिश 90.34% ही हुई थी। 

 

इस साल अलनीनाे का असर नहीं  
माैसम विभाग के अनुसार इस साल मानसून के दौरान अलनीनो की स्थितियां कमजोर रहने तथा मानसून के अंतिम दो महीनों में इसकी तीव्रता कम रहने के आसार हैं। वहीं स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन, महेश पलावत ने कहा कि अलनीनो का प्रभाव जून और जुलाई में अधिक होगा, लेकिन यह अगस्त और सितंबर तक कम हो जाएगा।  
 

मानसून का एेसा रहने का अनुमान

श्रेणी बारिश का% संभावना
अल्पवर्षा 90%  17% 
सामान्य से कम 90-96% 32% 
सामान्य 96-104%   39%  
सामान्य से ज्यादा 105-110% 10% 
बहुत ज्यादा बारिश 110% 2%

 

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