सीलिंग मामला / सांसद मनोज तिवारी बोले- माफी का सवाल ही नहीं उठता

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2018, 04:56 AM IST



मनोज तिवारी। मनोज तिवारी।
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मनोज तिवारी।मनोज तिवारी।

  • कहा, उन पर नहीं बनता कंटेम्प्ट आॅफ कोर्ट का केस
  • कोर्ट ने तिवारी के वकील से एनओसी देने को कहा

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी पेश हुए। कोर्ट से बाहर निकलकर मनोज तिवारी ने कहा कि गोकुलपुर सीलिंग मसले पर उनका स्टैंड अब भी वही है। वह बोले, मॉनिटरिंग कमेटी के इशारे पर दिल्ली में सीलिंग उद्योग चल रहा है। सील तोड़ने पर मुझ पर कंटेम्प्ट आॅफ कोर्ट का केस बनता ही नहीं है, इसलिए माफी का सवाल ही नहीं उठता। 

 

अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। सीलिंग मामले में दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि जहां-जहां अवैध निर्माण की सील तोड़ी गई है, वहां-वहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जस्टिस मदन बी. लोकुर और दीपक गुप्ता की बेंच से दिल्ली पुलिस ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना में केस दर्ज करने से इनकार नहीं किया गया है।

 

फोरम ऑफ एमसीडी इंजीनियर्स ने अपनी दलील में कहा कि जिन मामलों में पुलिस ने एक्शन नहीं लिया है, उसकी सूची तैयार कर सौंपेगा।इस बीच दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी को जारी किए अवमानना नोटिस से संबंधित मुद्दे पर भी जिरह हुई। कोर्ट ने तिवारी के वकील विकास सिंह से कहा कि उन्होंने अभी तक उनके पूर्व वकील अजय कुमार सिंह से प्राप्त कोई एनओसी दायर नहीं की है।

 

इसके जवाब में वकील ने कहा कि तकनीकी रूप से इसकी जरूरत नहीं थी। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि आप सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन नहीं करना चाहते हैं? विकास ने कहा कि वह इस मसले को स्पष्ट करेंगे तो कोर्ट ने पूछा आप इस पर  हलफनामा दायर करते।

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