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दिल्ली / मेट्रो के किराए पर 100 किमी रफ्तार से चार राज्यों में दौड़ेगी रैपिड रेल, बोर्ड से मिली मंजूरी



NCRTC has approved the second corridor of Rapid Rail
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NCRTC has approved the second corridor of Rapid Rail

  • रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ, अलवर और पानीपत के रूट पर दौड़ाने की तैयारी शुरू
  • दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर दिल्ली सरकार की मंजूरी का इंतजार, फंड और स्टेशन डिजाइन पर अटका प्लान

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 01:53 AM IST

नई दिल्ली. एनसीआरटीसी बोर्ड ने रैपिड रेल के दूसरे कॉरिडोर को गुरुवार की बैठक में मंजूरी दी है जिस पर 160 किमी की अधिकतम और 100 किमी की औसत स्पीड वाली रैपिड रेल की सवारी सिर्फ 2 रुपए प्रति किमी खर्च पर मिलेगी। डीपीआर में जो प्रोजेक्टेड किराया दिया गया है वह औसतन 2 रुपए से 2.25 रुपए के बीच है। जबकि दिल्ली मेट्रो का शुरुआती 12 किमी तक औसत किराया 2.50 रुपए से 5 रुपए के बीच है। तो वहीं 12-21 किमी तक यात्रा करने में सोमवार से शनिवार तक 40 रुपए चुकाने होते हैं।

 

दूसरी तरफ प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारी ये जरूर कह रहे हैं कि दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने पर ही दिल्ली से मेरठ, अलवर या पानीपत तक ये स्पीड वाली सवारी दिल्ली वालों को मिल पाएगी। उनका कहना है कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, यूपी सरकार के मुख्य सचिवों की सदस्यता और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय सचिव की अध्यक्षता वाली एनसीआरटीसी बोर्ड ने डीपीआर को बेशक मंजूरी दे दी है लेकिन काम तभी शुरू होगा जब दिल्ली, हरियाणा और केंद्र की सरकार से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलेगी।

 

दिल्ली सरकार में 9 दिसंबर, 2016 से दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का डीपीआर मंजूरी के लिए पड़ा है। लेकिन कभी फंड की कमी और स्टेशन एलिवेटेड करने की आपत्ति के कारण मंजूरी नहीं मिल सकती है। निर्माण पर महंगाई दर के हिसाब से सालाना 4-5 फीसदी राशि बढ़ने का अनुमान डीपीआर में दिया गया है।

 

एनसीआरटीसी ने बेशक रैपिड रेल के दूसरे कॉरिडोर को बोर्ड में मंजूरी दे दी है लेकिन अभी दिल्ली सरकार ने दिल्ली-मेरठ के पहले कॉरिडोर को भी मंजूरी नहीं दी है। मुख्यमंत्री ने फंड की किल्लत बताई है और परिवहन मंत्री ने सराय काले खां स्टेशन एलिवेटेड करने पर ही आपत्ति दर्ज करा दी है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद सुलझाए बिना रैपिड रेल का स्पीड पकड़ना दिल्ली में काफी कठिन है।

 

लेडीज ओनली और बिजनेस क्लास कोच होंगे रिजर्व : रैपिड रेल 3 कोच के सेट में चलेगी जिसे अधिकतम 9 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। इसमें लेडीज स्पेशल और बिजनेस क्लास कोच रिजर्व होंगे। बिजनेस क्लास के कोच का किराया अधिक रखा जाएगा। सामान के लिए भी एयरपोर्ट मेट्रो की तरह अलग से कोच में जगह होगी। 
 

कॉरिडोर पर हर 5-10 मिनट में मिलेगी ट्रेन : रैपिड रेल से एनसीआर के यूपी, हरियाणा और राजस्थान के शहरों में जाने के लिए स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हर 5-10 मिनट में रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ, अलवर और पानीपत के रूट के लिए आएगी और जाएगी। जब तीनो कॉरिडोर बन जाएंगे तो एक ही ट्रेन में सवार होकर यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के शहरो में स्टेशन वाले शहरों में पहुंच सकेंगे। 
 

दिल्ली-गुड़गांव-अलवर कॉरिडोर पर दूसरे चरण में सोतानाला :

डीपीआर में कहा गया है कि पहला चरण दिल्ली से एसएनबी अर्बन काम्प्लेक्स तक होगा। दूसरा चरण एसएनबी अर्बन काम्प्लेक्स से सोतानाला तक और तीसरा चरण सोतानाला से अलवर तक बनेगा। 
 

जल्द भेजेंगे राज्यों को डीपीआर:
बोर्ड से दिल्ली-गुड़गांव-अलवर रैपिड रेल कॉरिडोर के हरियाणा बॉर्डर तक के हिस्से को मंजूरी मिल गई है। अब इसे जल्द संबंधित राज्यों को भेजा जाएगा। यहां मंजूरी के बाद सेंटर को भेजा जाएगा। 
 

ऐसे जुड़ेंगी मेट्रो बस अड्‌डे से :
गुड़गांव में उद्योग विहार स्टेशन पर रैपिड मेट्रो, प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन से गुड़गांव रेलवे स्टेशन को जोड़ा जाएगा। खड़की दौला स्टेशन पर प्रस्तावित बावल मेट्रो स्टेशन और प्रस्तावित बस टर्मिनल, पंचगांव में प्रस्तावित मल्टी बॉडल हब और बावल स्टेशन पर बावल बस स्टैंड से इंटरचेंज की सुविधा होगी।

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